देश की राजधानी के सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढहने के बाद अब उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे की खस्ताहाली की तस्वीरें सामने आने लगी हैं. उत्तर प्रदेश के बेसिक एजुकेशन मिनिस्टर संदीप सिंह के अपने ही विधानसभा क्षेत्र अतरौली में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के नौनिहालों ने मौत के खौफ से स्कूल की कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया है.
अतरौली विधानसभा के भमोरी खुर्द गांव स्थित प्राइमरी स्कूल के ‘जेन-अल्फा’यानी नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बुधवार को जर्जर हो चुकी इमारत और गिरती छत के विरोध में स्कूल परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और क्लास में बैठने से साफ इनकार कर दिया.
बीम टूटी, दीवारों का उखड़ा प्लास्टर और परिसर में सांपों का डेरा
बच्चों के विरोध प्रदर्शन के बाद जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची, तो स्कूल की भयावह तस्वीर सामने आई. यहां स्कूल के कमरों की छत को सहारा देने वाली मुख्य बीम पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और कमजोर हो चुकी थी. कमरों की दीवारों का प्लास्टर उखड़-उखड़ कर नीचे गिर रहा था, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है.
दूसरी ओर स्कूल परिसर रखरखाव के अभाव में जंगली झाड़ियों से भर चुका है. छात्रों ने बताया कि वे अक्सर पढ़ाई के दौरान स्कूल परिसर में जहरीले सांपों को घूमते हुए देखते हैं, जिससे वे लगातार डर के साये में पढ़ाई करने को मजबूर थे.
‘हमने कई बार शिकायत की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी’
स्कूल में तैनात शिक्षकों ने मीडिया को बताया कि वे इमारत की जर्जर स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें भेज चुके हैं. लेकिन प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह रहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई सुध नहीं ली गई.
छात्रों के गुस्से के बाद जागा प्रशासन
बच्चों के इस अनोखे प्रदर्शन के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पूरन सिंह ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए नवगठित ‘सुरक्षा समिति’ की आपात बैठक बुलाई गई. बैठक में निर्णय लिया गया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले और खस्ताहाल बुनियादी ढांचे वाले संस्थानों को नोटिस जारी किया जाएगा.
फतेहपुर, हमीरपुर, कन्नौज और लखनऊ तक फैली असंतोष की लहर
यह पहली बार नहीं है जब यूपी में स्कूली छात्र खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सड़कों पर उतरे हों. इससे पहले फतेहपुर, हमीरपुर, कन्नौज और राजधानी लखनऊ से भी सरकारी स्कूलों की बदहाली और सुविधाओं के अभाव को लेकर स्कूली बच्चों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं. अलीगढ़ की यह घटना दर्शाती है कि अब छोटे-छोटे बच्चे भी अपने जीवन की सुरक्षा और बुनियादी शिक्षा के हक के लिए आवाज उठाने लगे हैं.