दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में बॉयज पीजी (PG) की 5 मंजिला इमारत गिरने और 7 छात्रों की दर्दनाक मौत के मामले पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में बाहरी छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती हॉस्टल सुविधाओं की भारी कमी पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (UGC) को नोटिस जारी किया है।
एनएचआरसी के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और यूजीसी के चेयरमैन को दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रशासन के साथ कॉर्डिनेशन कर हॉस्टल व्यवस्था बढ़ाने के लिए एक व्यापक और एक्शन प्लान वाली रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
मानव अधिकार आयोग ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों की ओर से पेश की जाने वाली योजना केवल नए हॉस्टल बनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
आयोग ने निर्देश दिया है कि मौजूदा हॉस्टलों के रेनोवेशन, विस्तार और अपग्रेडेशन की संभावनाओं को तलाशा जाए।
डीयू में देश भर से आने वाले हजारों छात्रों की वास्तविक संख्या को ध्यान में रखते हुए नए हॉस्टलों की व्यवहार्यता और आवश्यकता का सटीक मूल्यांकन किया जाए।
किफायती हॉस्टल न मिलने के कारण बाहरी छात्रों को असुरक्षित और अवैध रूप से चल रहे प्राइवेट पीजी में रहने पर मजबूर होना पड़ता है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ती है।
रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे सत्या निकेतन में करीब 40 साल पुरानी 5 मंजिला इमारत ढह गई थी, जिसके मलबे से 12 लोगों को निकाला गया जिनमें 7 छात्रों की मौत हो गई।
दिल्ली पुलिस ने कई दिनों की तलाश और लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने के बाद इमारत के मुख्य मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली पुलिस, DDMA और NDRF की टीमों ने मौके पर राहत कार्य पूरा कर लिया है, जबकि मामले की मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
NHRC के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में सालों से लटकी हॉस्टल निर्माण योजनाओं को गति मिलेगी और छात्रों को निजी पीजी मालिकों के शोषण से राहत मिलेगी।
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