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नौकरी मिलने के बाद भी कई बार उम्मीदवार बेहतर अवसर या दूसरी पसंद के चलते अपना फैसला बदल लेते हैं. इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन इसके लिए सही समय पर कंपनी को जानकारी देना जरूरी है. ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर जॉइनिंग के दिन अस्पताल में भर्ती होने की बात कहकर कंपनी से समय मांगा. हालांकि, कंपनी के फाउंडर का दावा है कि उसी हफ्ते उम्मीदवार ने बेंगलुरु की दूसरी कंपनी में नौकरी जॉइन कर ली.
फाउंडर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया मामला
बता दें कि यह मामला कंपनी के फाउंडर गौरव खेतरपाल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है. इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि एक उम्मीदवार को उनकी कंपनी में तय तारीख पर जॉइन करना था, लेकिन वह उस दिन काम पर नहीं पहुंची. इसे लेकर जब उसे कॉल किया गया तो, उसने बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह अस्पताल में भर्ती है. इसके बाद से उम्मीदवार की बहन ने हायरिंग टीम से संपर्क कर जॉइनिंग की तारीख को आगे बढ़ाने की अपील की. गौरव खेतरपाल ने आगे पोस्ट में दावा किया कि इस दौरान उम्मीदवार न तो फोन उठा रही थी और न ही मैसेज का जवाब दे रही थी.
उसी हफ्ते दूसरी कंपनी में जॉइन करने का दावा
हालांकि, कंपनी ने उसकी स्थिति को समझते हुए उसे कुछस समय देने का फैसला किया. लेकिन गौरव खेतरपाल के मुताबिक, बाद में कंपनी को पता चला कि उम्मीदवार ने उसी हफ्ते बेंगलुरु की एक दूसरी कंपनी में नौकरी जॉइन कर ली. उन्होंने दावा किया कि उम्मीदवार ने अपने LinkedIn प्रोफाइल पर भी नई नौकरी की जानकारी अपडेट कर दी थी. फाउंडर ने अपनी पोस्ट में उम्मीदवार के शहर बदलने की वजह पर भी सवाल उठाया. उनके मुताबिक, उम्मीदवार ने पहले बेंगलुरु के मौसम को अपने अनुकूल नहीं बताते हुए जयपुर जाने की इच्छा जताई थी. हालांकि, बाद में उसके बेंगलुरु में ही दूसरी कंपनी जॉइन करने की जानकारी सामने आई.
A candidate ghosts our offer on joining date. Makes up a story of having ‘health issues’ and being ‘in hospital currently’. Her sister sends us this message asking ‘try to extend the joining date’. Her health is so bad that she can’t even pick up calls on the phone or respond to text messages from our recruitment team. Meanwhile, candidate conveniently joins another company in Bangalore in the same week and even updates her Linkedin profile reflecting the same. The best part – she said Bangalore weather does not suit her so that’s why she wants to move to Jaipur! They forget that their Linkedin profiles are public and such shameless tactics can be exposed. If you got a better offer, say it. If you chose Bangalore over Jaipur, own it. If you changed your mind, be professional enough to decline. But faking a hospital bed and weaponizing a fake family medical emergency to buy time for a background check? That’s not career navigation. That’s a total collapse of basic integrity.
बेहतर ऑफर मिलने पर साफ बात कहने की सलाह
इस घटना पर नाराजगी जताते हुए खेतरपाल ने कहा कि अगर किसी भी उम्मीदवार को बेहतर ऑफर मिल जाता है या वो कहीं और नौकरी करना चाहता है, तो उसे कंपनी से साफ बात करनी चाहिए. उनके मुताबिक, नौकरी का फैसला बदलना गलत नहीं है लेकिन इसके लिए गलत जानकारी देना या मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाना पेशेवर व्यवहार नहीं है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अब जब फाउंडर की पोस्ट जब वायरल हुई, तो नई बहस छिड़ गई. नौकरी और भर्ती प्रक्रिया में ईमानदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई. कुछ यूजर्स ने कहा कि उम्मीदवार को बेहतर अवसर चुनने का पूरा अधिकार है लेकिन उसे अपनी स्थिति कंपनी को स्पष्ट रूप से बता देनी चाहिए. यह पूरा मामला फिलहाल फाउंडर की सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है. उम्मीदवार की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया या स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्ट में नहीं दी गई है.
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