देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार के अन्याय को अब स्वीकार नहीं करेगी। लोकसभा में हाल ही में हुई चर्चा के दौरान विपक्षी दलों द्वारा नारी सम्मान के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने पर देशभर
भाजपा की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। कार्यक्रम की शुरुआत चकराघाट पर मंचीय आयोजन से हुई, जिसके बाद पदयात्रा कोतवाली मार्ग से होते हुए तीनबत्ती तिराहे तक पहुंची। यहां महिलाओं ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया।
विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप: महापौर
आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि यह रैली नारी सम्मान, नारी अधिकार और स्वाभिमान के समर्थन में जन-जन की आवाज है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को अधिकार देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है, जिसका देशभर की महिलाओं ने स्वागत किया है।
महापौर ने आरोप लगाया कि वर्षों तक महिला आरक्षण का मुद्दा फाइलों में दबा रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे कानून का रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले महिलाओं के अधिकारों को टालते रहे, वही अब इस फैसले पर भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं।
विपक्ष पर हमला, महिलाओं से सजग रहने की अपील: विधायक जैन
विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होकर सड़कों पर उतर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के लिए संविधान संशोधन और दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है, लेकिन विपक्ष ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। जैन ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और लोकतंत्र में सही निर्णय लें।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन, पूर्व विधायक सुधा जैन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष रानी पटेल, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, कार्यक्रम सह संयोजक नेहा जैन, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष संध्या भार्गव, सहसंयोजक मेघा दुबे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
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