सिया गोयल और चेतन की उदयपुर ट्रिप, कई दिन साथ बिताए; केतन से ऐंठे 1 करोड़ रुपये – Live Hindustan

सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते को लेकर नई जानकारी सामने आई है। खबर है कि केतन अग्रवाल से फरवरी में सगाई से कुछ समय पहले ही दोनों ने राजस्थान के उदयपुर की यात्रा की थी। साथ ही कहा जा रहा है कि सिया ने केतन की हत्या के तीन साल बाद शादी करने की तैयारी की थी। इसके अलावा आरोप ये भी हैं कि युवती ने केतन से मोटी रकम ऐंठकर अपने प्रेमी को दी थी। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि केतन से सगाई के कुछ हफ्ते पहले ही चेतन और सिया एक ग्रुप के साथ उदयपुर गए थे। वहां उन्होंने कई दिन साथ में भी गुजारे थे। अब पुलिस उदयपुर के पहलुओं पर भी बारीकी से जांच कर रही है। एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सिया कभी भी केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।
जांच में पता चला है कि सिया को यकीन था कि अगर केतन की हत्या हो जाती है, तो उसके पास शादी पर विचार करने के लिए तीन साल होंगे। उन्होंने कहा कि युवती चेतन से शादी करना चाहती थी। इस साजिश के तहत सिया ने केतन से शॉपिंग के नाम पर 1 करोड़ रुपये वसूल लिए थे और बाद में चेतन को दे दिए। आरोपी युवक इस रकम का इस्तेमाल अपना बिजनेस बढ़ाने में करना चाहता था।
रिपोर्ट के मुताबिक, चेतन ने सिया को भरोसा दिया था कि रुपये मिलने के बाद उसे तीन साल का समय चाहिए। कहा जा रहा है कि योजना यही थी कि केतन की मौत के कुछ महीनों के बाद चेतन सिया के परिवार से मिलेगा और शादी की अनुमति मांगेगा।
सिया गोयल कथित तौर पर न केवल अपने प्रेमी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले से केतन को धक्का देने का संकेत देने के लिए बैठी थी, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि धक्का दिए जाने के दौरान वह खुद केतन की पहुंच से दूर रहे। पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी ने भी वारदात से पहले पूरी तैयारी की थी। वह ऐतिहासिक स्थल तक स्कूटर से गया, क्योंकि उसे आशंका थी कि यदि वह कार से जाता तो टोल प्लाजा के रिकॉर्ड के जरिए उसकी पहचान हो सकती है।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि योजना के अनुसार सिया गोयल को बैठकर संकेत देना था, जिसके बाद चेतन चौधरी पीछे से आकर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दे देता। अधिकारी के अनुसार, दोनों ने इस योजना को सटीकता के साथ अंजाम दिया।
पीटीआई भाषा के मुताबिक, अधिकारी ने कहा, ‘बैठकर संकेत देने का तरीका जानबूझकर चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के समय सिया केतन की पहुंच से बाहर रहे। दोनों को आशंका थी कि यदि चेतन, केतन को धक्का देता और गिरते समय केतन सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए पूरी योजना उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।’
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निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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