भारत के लिहाज से इन स्मार्ट ग्लासेज का सबसे बड़ा फीचर चश्मों से UPI पेमेंट का रहा है। जो यूजर इस चश्मे का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें फोन निकालकर QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं रहेगी।
हालांकि, Jio ने फिलहाल इसके ऑथेंटिकेशन प्रोसेस, सिक्योरिटी सिस्टम और ट्रांजैक्शन लिमिट को लेकर टेक्निकल डिटेल्स शेयर नहीं की हैं लेकिन भारतीय बाजार के लिहाज से यह बेहद बड़ा कदम माना जा रहा है।
Jio की ओर से अपने स्मार्ट चश्मों की ऑफिशियल कीमत, बैटरी लाइफ या फुल स्पेसिफिकेशन को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। कंपनी का कहना है कि साल के आखिर तक इन्हें भारत में लॉन्च किया जा सकता है। इनकी कीमत और स्पेसिफिकेशन की पूरी जानकारी तभी मिल पाएगी।
लेखक के बारे मेंभव्य भारद्वाजभव्य भारद्वाज, टेक और गैजेट्स की दुनिया के एक अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में जुड़े हुए हैं। पिछले 11 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भव्य ने टेक्नोलॉजी, गैजेट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के बदलते परिदृश्य को बहुत करीब से देखा और कवर किया है। इन्होंने जी न्यूज (DNA), इंडिया न्यूज, यूसी न्यूज, ओपो इंडिया और बाइटडांस (टिकटॉक) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहते हुए टेक्नोलॉजी को हिंदी भाषा में आम यूजर्स तक पहुंचाया है। इन्होंने Google और WhatsApp (Meta) जैसी ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए काम करते हुए तकनीकी बारीकियों और यूजर्स को लेकर अपनी समझ को बेहतर किया है। एक टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भव्य की विशेषज्ञता नए गैजेट्स के रिव्यूज, लॉन्च इवेंट्स और एआई (AI) की दुनिया में हो रहे बदलावों पर है। भव्य AI के बारे में पढ़ने-समझने के साथ उसका इस्तेमाल करके लोगों तक उनके काम की चीजों को पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। साथ ही उनकी पैनी नजर न सिर्फ लेटेस्ट स्मार्टफोन्स पर रहती है, बल्कि वह ऑडियो डिवाइसेस और वियरेबल्स को भी गहराई से परखते हैं। भव्य का हुनर जटिल तकनीकी जानकारियों को आसान और बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है, जिससे आम पाठक भी नई तकनीक को आसानी से समझ सकें। भव्य अलग-अलग टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करते हुए लोगों तक आसान भाषा में काम में आने वाले टिप्स और ट्रिक्स पहुंचाने में भी महारत रखते हैं। भव्य भारद्वाज ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से मास मीडिया और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक किया है। उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की है। उनकी यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें तकनीकी खबरों को तथ्यात्मक और रचनात्मक तरीके से पेश करने की मजबूती देती है। वह टेक्नोलॉजी को सिर्फ स्पेसिफिकेशन्स के आधार पर नहीं आंकते, बल्कि इस नजरिए से देखते हैं कि एक यूजर को उसके साथ कैसा अनुभव मिलेगा। वह मानते हैं कि टेक्नोलॉजी का असली मकसद जीवन को सरल बनाना है और यही सोच उनकी टेक्नोलॉजी को बयान करने के तरीके में भी झलकती है।… और पढ़ें