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एयर होस्टेस..हजारों फीट की ऊंचाइयों में पैसेंजर के लिए एक मुस्कुराता हुआ चेहरा. फ्लाइट की इन ऊंचाइयों पर पहुंचकर पैसेंजर के लिए एक भरोसे का साथ होती है. एयर होस्टेस एक ऐसा प्रोफेशन है, जिसकी जिंदगी के बारे में हर किसी की दिलचस्पी होती है.
जब भी हम फ्लाइट में सफर करते हैं, तो एयर होस्टेस या केबिन क्रू को मुस्कुराते हुए यात्रियों का स्वागत करते, खाना परोसते और यात्रा के दौरान मदद करते देखते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी जिम्मेदारियां सिर्फ इतनी ही नहीं होतीं? उनकी ड्यूटी फ्लाइट टेकऑफ से कई घंटे पहले शुरू हो जाती है और यात्रियों के उतर जाने के बाद भी खत्म नहीं होती.
हाल ही में एमिरेट्स की केबिन क्रू अमांडा किंग ने अपने व्लॉग में एयर होस्टेस की पूरी रूटीन दिखाई है. यानी ड्यूटी से पहले और ड्यूटी के बाद के भी घंटे. वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है, क्योंकि इसमें बताया गया है कि पर्दे के पीछे केबिन क्रू कितनी जिम्मेदारियां निभाता है.
फ्लाइट से पहले क्या-क्या करती हैं एयर होस्टेस?
वीडियो के मुताबिक, एयर होस्टेस की तैयारी घर से ही शुरू हो जाती है. यूनिफॉर्म, मेकअप और हेयरस्टाइल एयरलाइन के नियमों के मुताबिक होने चाहिए. इसके अलावा उन्हें अपना बैग भी तय वजन सीमा के भीतर रखना होता है.
एयरपोर्ट या एयरलाइन हेडक्वार्टर पहुंचने के बाद सबसे पहले साइन-ऑन प्रक्रिया पूरी की जाती है. यहां पासपोर्ट, क्रू लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच होती है. कई बार केबिन क्रू से सुरक्षा से जुड़े रैंडम सवाल भी पूछे जाते हैं. सही जवाब न देने पर फ्लाइट ड्यूटी से हटाया भी जा सकता है.
इसके बाद पूरी टीम की ब्रीफिंग होती है. इसमें बताया जाता है कि फ्लाइट में कितने यात्री होंगे, किस क्रू मेंबर की क्या जिम्मेदारी होगी और किसे गैली (जहां खाना तैयार और व्यवस्थित किया जाता है) संभालनी है.
(केबिन क्रू अमांडा किंग की इंस्टा अकाउंट से ली गई फोटो)
यात्रियों के आने से पहले होती है पूरी जांच
बोर्डिंग शुरू होने से पहले केबिन क्रू पूरे विमान का निरीक्षण करता है. इसमें सभी दरवाजे, इमरजेंसी इक्विपमेंट, मेडिकल किट, जंप सीट, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच शामिल होती है.
अगर कोई क्रू मेंबर गैली ऑपरेटर होता है, तो उसे खाने-पीने के सामान की गिनती भी करनी पड़ती है. इसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि स्पेशल मील समेत सभी यात्रियों के लिए पर्याप्त भोजन मौजूद हो.
अमांडा किंग के मुताबिक, कई बार क्रू को लगातार कई घंटे तक खाना नहीं मिल पाता. यही वजह है कि वे अक्सर अपना खाना भी साथ लेकर चलते हैं.
फ्लाइट के दौरान सिर्फ सर्विस नहीं, सुरक्षा भी सबसे बड़ी जिम्मेदारी
केबिन क्रू का सबसे अहम काम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है. किसी मेडिकल इमरजेंसी, टर्बुलेंस, धुआं, आग या इमरजेंसी लैंडिंग जैसी स्थिति में सबसे पहले कार्रवाई केबिन क्रू ही करता है. उन्हें ऐसी परिस्थितियों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है.
लैंडिंग के बाद भी खत्म नहीं होती ड्यूटी
फ्लाइट के उतरने से पहले केबिन क्रू पूरे केबिन को दोबारा सुरक्षित करता है. सीट बेल्ट, ट्रे टेबल, ओवरहेड लॉकर और अन्य चीजों की जांच की जाती है.
सभी यात्रियों के उतरने के बाद भी उनका काम जारी रहता है. पूरा केबिन चेक किया जाता है कि कोई सामान छूट तो नहीं गया, कहीं सीट को नुकसान तो नहीं हुआ और गैली अगली फ्लाइट के लिए तैयार है या नहीं. अगर फ्लाइट के दौरान कोई असामान्य घटना हुई हो, तो उसकी रिपोर्ट भी तैयार करनी होती है.
होटल पहुंचकर भी होती है तैयारी
लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के दौरान केबिन क्रू होटल में रुकता है. वहां पहुंचने के बाद चेक-इन, आराम और अगली फ्लाइट की तैयारी की जाती है. कई लंबी उड़ानों में विमान के अंदर भी क्रू रेस्ट एरिया उपलब्ध होता है, जहां ड्यूटी के बीच निर्धारित समय के लिए आराम किया जा सकता है.
सिर्फ ग्लैमर नहीं, बड़ी जिम्मेदारी भी
एयर होस्टेस की नौकरी बाहर से जितनी आकर्षक दिखती है, असल में उतनी ही जिम्मेदार भी होती है. यात्रियों की सुरक्षा, सेवा, अनुशासन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटना उनकी रोजमर्रा की जिम्मेदारी का हिस्सा है.
यही वजह है कि अगली बार जब कोई एयर होस्टेस आपको मुस्कुराकर “वेलकम अबोर्ड” कहे, तो याद रखिए कि उसकी ड्यूटी उस मुस्कान से कई घंटे पहले शुरू हो चुकी होती है.
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