ABP नेटवर्क के India@2047 कॉन्क्लेव में असम के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिरकत की. इस दौरान कई मुद्दों पर बात की. इस दौरान उनसे चीन और भारत के बीच स्ट्रैट ऑफ मलक्का के मुद्दे पर भी सवाल किया गया. ऐसे में मैरिटाइम को लेकर भारत सरकार की क्या रणनीति रहेगी, साथ ही चीन के खतरों को देखते हुए क्या कदम उठाए गए हैं.
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने भारत के मैरिटाइम विजन पर कहा कि 2030 और 2047 के लिए भारत का मैरिटाइम विज़न स्पष्ट है. 2047 तक भारत दुनिया के टॉप-5 शिपबिल्डिंग देशों में शामिल होगा. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं. जहाज निर्माण के लिए वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी वर्कफोर्स तैयार की जा रही है. 2014 तक देश में सिर्फ 5 नेशनल वॉटरवे थे, अब उनकी संख्या 111 हो गई है. जलमार्ग में भारत का भविष्य छिपा हुआ है. भारत ग्लोबल रिवर क्रूज़ का सबसे बड़ा संभावनाओं वाला डेस्टिनेशन बन सकता है.
उन्होंने कहा कि पहले इस मंत्रालय के बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं थी, लेकिन पिछले 12 वर्षों में यह मंत्रालय जाग उठा है. पोर्ट, शिपिंग और वॉटरवेज अब देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण इंजन बन चुके हैं. कार्गो हैंडलिंग क्षमता 550 से बढ़कर 915 मिलियन टन हो गई है. क्रूज और पैसेंजर मूवमेंट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है.
कॉकरोच पार्टी को लेकर क्या बोले सोनोवाल?
कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ने को लेकर उन्होंने कहा, हमारा यूथ एमपावरमेंट इस कार्यक्रम के जरिए देश के अंदर हमने जो भी कुछ किया है. उससे युवा शक्ति जाग गया है. विपक्ष कुछ भी बोले. हमने युवाओं के लिए जो कदम उठाया है वो आजादी के बाद सरकार ने नहीं उठाया. मेरा मैसेज यही है कि युवाओं शक्ति के विकास के लिए पीएम मोदी ने जो भी कदम उठाए हैं उसमें शामिल हो जाइए. युवाओं के विकास के लिए हम प्रतिबद्ध है.’
हॉर्मुज पर क्या बोले शिपिंग मिनिस्टर
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल से जब हॉर्मुज, और मिडिल ईस्ट और मैरिटाइम इकॉनोमी पर पड़े असर को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि जियोपॉलिटिकिल सिचुएशन के बारे में आप सभी को पता है, एक अनुभवी भारतीय होने के नाते. मुझे लगता है कि आपके पास यह आंकड़ा भी है. मुझे ऐसे आंकड़े नहीं बताने हैं, जो हकीकत के साथ कोई रिश्ता नहीं.
भारत सबसे बड़ा मैरिटाइम ट्रांसपोर्ट है: सोनोवाल
देखिए भारत सबसे बड़ा ट्रांसपोर्टर है. हमें अपने देश के लोगों के लिए और उनकी जरूरतों के लिए सामान भी बाहर से मंगाना पड़ता है. परम आदरणीय पीएम मोदी के नेतृत्व में हम यह कर पा रहे हैं. हमें उनसे साहस मिलता है, मनोबल मिलता है. चाहे कितनी भी बड़ी समस्या है.
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हकीकत यही है, कि हम अपने जहाज सुरक्षित इन इलाकों से ले आए हैं. हम कार्गो शिप लेकर आए हैं. एलपीजी और क्रूड ऑयल की सप्लाई जारी रखी. हम लगातार सुरक्षा दे रहे हैं, जो जहाज अभी वहां फंसे हुए हैं. सरकार के कंट्रोल रूम के तहत उसे मैनेज किया जा रहा है. करीबन 80 हजार लोगों को हम वापस लाए हैं. 21 हजार से लोगों से हम जुड़े हुए हैं.
पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने पर क्या बोले?
बता दें, करीबन पांच लाख से ज्यादा भारतीय अलग-अलग शिप कार्गों पर काम कर रहे हैं. जब वो फंस जाते हैं, तो भारतीय फंस जाते हैं. उनको लाने की जिम्मेदारी सरकार की होती है. इस पर सोनोवाल ने माना की उनको लाना भारत सरकार की जिम्मेदारी है. इसके अलावा उन्होंने शिप को पैसे देकर हॉर्मुज से निकालने के दावों को खारिज कर दिया.
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने को लेकर कहा कि यह एक ग्लोबल समस्या है. इस परिस्थिति से हमें आराम से गुजरना होगा. हमने यह कदम देश के हित में ही उठाया है. देश की जनता को हम हमेशा हंसाते हैं.
हॉर्मुज में कितनी शिप निकालते थे. कभी कभी एक दिन में एक भी नहीं. अभी हम कोशिश कर रहे हैं, शिप को बाहर आसानी से निकाल सके.
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