पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में हिंदी दिवस के अवसर पर चंदौली प्रेस क्लब की ओर से सोमवार रात विंध्य वैली पब्लिक स्कूल सभागार, डवक, बबुरी में राजभाषा संगोष्ठी और काव्य गोष्ठी हुई। कार्यक्रम में हिंदी के महत्व, उसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार के साथ राजभाषा के रूप में उसकी भूमिका पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में चंदौली लोकसभा सांसद डॉ. वीरेंद्र सिंह मुख्य अतिथि और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के आचार्य डॉ. मनोज कुमार सिंह विशेष अतिथि रहे। रेलवे इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य अमरेंद्र सिंह ने अध्यक्षता की।
सांसद डॉ. वीरेंद्र सिंह ने हिंदी के कम होते इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि सदन में हिंदी दिवस के कार्यक्रमों के निमंत्रण भी कई बार अंग्रेजी में आते हैं। हिंदी में निमंत्रण मिलने के बाद भी लोग अंग्रेजी में ही हस्ताक्षर करते हैं। अब स्थिति यह है कि लोग हिंदी में आवेदन लिखने के लिए भी मोबाइल ऐप का सहारा लेने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले बच्चे ‘क से कबूतर’ लिखने के लिए खूब अभ्यास करते थे, लेकिन अब यह अभ्यास कम होता जा रहा है। हिंदी को मजबूत करना है तो इसे केवल हिंदी दिवस तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा के कामकाज और व्यवहार में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना होगा।
‘हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, संस्कृति और भावनाओं की पहचान’
बीएचयू के हिंदी विभाग के आचार्य डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और राजभाषा के प्रति जागरूक करना जरूरी है, तभी हिंदी का महत्व आगे भी बना रहेगा।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आनंद सिंह ने हिंदी को देश के माथे की बिंदी बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी को मजबूत बनाने के लिए लोगों को अपने रोजमर्रा के कामों में इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए।
कवियों ने रचनाओं से बांधा समां
संगोष्ठी के बाद काव्य गोष्ठी हुई। इसमें डॉ. सुरेश अकेला, अनु मिश्रा, रीना तिवारी, डॉ. रोहित पांडेय और सुहेल उस्मानी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवियों की रचनाओं पर श्रोताओं ने खूब सराहना की और कार्यक्रम का माहौल साहित्यिक रंग में रंग गया।
प्रेस क्लब अध्यक्ष ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर चंदौली प्रेस क्लब के अध्यक्ष अमरेंद्र पांडेय ने सांसद, अतिथियों, कवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और हिंदी प्रेमियों का आभार जताया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी का धन्यवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यप्रेमी और श्रोता मौजूद रहे।
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