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Home » अन्य » वायरल खबरें » हॉर्न बजाने पर मर्डर से लेकर 9 जिलों में पुलिस भर्ती की नई तारीखों तक | Top 5 Ghaziabad News
Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की 5 बड़ी और सनसनीखेज खबरों में पहली बड़ी खबर यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट! गाजियाबाद और मेरठ सहित 9 जिलों में दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीखें बदलीं, नए एडमिट कार्ड जारी। दूसरी बड़ी खबर सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ पर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का बड़ा एक्शन! प्रताप विहार में साइट पर जलभराव से सड़क धंसने का खतरा पैदा करने वाले बिल्डर पर दर्ज हुई FIR।
तीसरी बड़ी खबर गाजियाबाद में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल! पिछले 4 महीनों में दो मासूम बच्चियों के साथ दरिंदगी; क्या शहर में बढ़ता अवैध नशा बन रहा है जघन्य अपराधों की मुख्य वजह? चौथी बड़ी खबर लोनी बॉर्डर इलाके में रोडरेज की खौफनाक वारदात! महज बाइक का हॉर्न बजाने और साइड मांगने के विवाद में पड़ोसी ने युवक को गोलियों से भूना; पुलिस ने आरोपी के पिता और पत्नी को किया गिरफ्तार।
और पांचवीं बड़ी खबर ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ ‘ऑपरेशन सवेरा’ में बड़ी कामयाबी! मुजफ्फरनगर पुलिस ने गाजियाबाद आ रही 10 लाख की गांजे की खेप पकड़ी; चेकिंग से बचने के लिए महिला को आगे रखने वाले 4 अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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गाजियाबाद की पहली खबर पुलिस भर्ती को लेकर जहां उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने होमगार्ड भर्ती-2025 के लिए नौ जिलों के अभ्यर्थियों की दस्तावेज सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) की तारीखें बदल दी हैं और उनके संशोधित एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने अपरिहार्य कारणों से इन जिलों के लिए पूर्व निर्धारित तिथियों (4, 5 और 6 अगस्त) में यह संशोधन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन नौ जिलों के परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव हुआ है, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर शामिल है।
पूरे राज्य में यह प्रक्रिया 13 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 7 अगस्त 2026 तक चलेगी। प्रभावित 9 जिलों के जिन अभ्यर्थियों का टेस्ट पहले 4, 5 और 6 अगस्त को होना था, अब उन्हें नई आवंटित तारीखों पर उपस्थित होना होगा। सभी अभ्यर्थियों का परीक्षण उनके संबंधित जिलों की रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित किया जा रहा है।
प्रभावित जिलों के उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना संशोधित प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। पहले आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं। उसके बाद होमपेज पर दिए गए “UP Home Guard DV/PST Revised Admit Card” लिंक पर क्लिक करें। फिर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करें।
इसके बाद आपका नया एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें। एडमिट कार्ड में दिए गए क्रम के अनुसार अपने सभी आवश्यक मूल दस्तावेज (Original Documents) और उनकी स्व-अभिप्रमाणित (Self-Attested) फोटोकॉपी तैयार कर लें। किसी राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) से हस्ताक्षर कराने की आवश्यकता नहीं है।
गाजियाबाद की दूसरी खबर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर GDA का बड़ा एक्शन, जहां गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने प्रताप विहार सेक्टर-11 में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और स्वीकृत मानचित्र (Map) के विपरीत निर्माण करने के आरोप में बिल्डर कंपनी ‘मैसर्स ईशान इन्फ्रास्टेट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक चंदन श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेज बारिश के कारण बिल्डर की निर्माण साइट पर भारी जलभराव हो गया है, जिससे आसपास की मुख्य सड़क के धंसने और बड़ी दुर्घटना होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। GDA के अवर अभियंता (Junior Engineer) प्रशांत मिश्रा द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, बिल्डर स्वीकृत नक्शे से हटकर अवैध रूप से निर्माण कार्य करवा रहा था।
प्राधिकरण इस सुरक्षा लापरवाही और अवैध निर्माण को लेकर बिल्डर को पहले भी नोटिस जारी कर चुका था, लेकिन कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। निर्माण स्थल (प्रोजेक्ट साइट) पर बेसमेंट की खुदाई के बाद जलभराव होने से मिट्टी लगातार खिसक रही है, जिससे ठीक बराबर से गुजर रही सड़क के धंसने की आशंका गहरा गई है।
गाजियाबाद की तीसरी खबर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है जहां पिछले 4 महीनों के भीतर राजनगर एक्सटेंशन और टीला मोड़ शालीमार गार्डन इलाकों में दो मासूम बच्चियों (एक 7 वर्ष और एक 4 वर्ष) की दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इन मामलों ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में 7 वर्षीय मासूम बच्ची का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्ची के सिर पर लोहे की रॉड से वार करने से पहले उसके साथ दरिंदगी की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी (एक बालिग और एक नाबालिग) घटना के वक्त भारी नशे में थे। वे रोजाना निर्माण स्थल पर शराब पीते थे।
इससे पहले अप्रैल महीने में एक 4 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या की गई थी, जिसका आरोपी जसीम बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इस मामले में भी असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का हाथ सामने आया था। स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स, सुनसान पड़े मॉल और अंधेरे बेसमेंट लंबे समय से नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का सुरक्षित ठिकाना बने हुए हैं।
इन साइटों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों की सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होता। बिना बिजली और सुरक्षा गार्ड वाले अंधेरे हिस्सों का फायदा अपराधी उठाते हैं। गाजियाबाद के कई इलाकों में अवैध नशे के कारोबार और सैटलाइट टाउनशिप के पास बढ़ती नशेड़ियों की तादाद के कारण अपराधियों में कानून का खौफ खत्म होता दिख रहा है।
गाजियाबाद में पिछले चार महीनों के भीतर दो मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनगर एक्सटेंशन में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में मिली सात वर्षीय बच्ची और टीला मोड़ में चार वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामलों में आरोपियों का नशे में होना सामने आया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुनसान पड़े प्रोजेक्ट्स और अंधेरे बेसमेंट असामाजिक तत्वों के सुरक्षित ठिकाने बन गए हैं, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने का फायदा अपराधी उठा रहे हैं।
गाजियाबाद की चौथी खबर लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से जहां रविवार देर रात महज बाइक का हॉर्न बजाने और साइड मांगने के विवाद में 25 वर्षीय युवक विपिन प्रजापति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सोनू के पिता (ब्रह्मपाल) और पत्नी (आशा) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनू फिलहाल फरार है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मृतक विपिन रविवार रात अपनी भतीजी के नामकरण समारोह में शामिल होने आए रिश्तेदारों को बाइक से छोड़कर वापस घर लौट रहा था। गली में पड़ोसी सोनू अपने दोस्तों के साथ खड़ा था। विपिन ने आगे निकलने के लिए साइड मांगी और बाइक का हॉर्न बजाया, जिससे सोनू चिढ़ गया। विवाद बढ़ने पर सोनू ने विपिन को थप्पड़ मारकर बाइक से नीचे गिरा दिया और बिना संभलने का मौका दिए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
बीच-बचाव करने आए विपिन के छोटे भाई गौरव पर भी गोली चलाई गई। पहली गोली गौरव के हाथ में लगी जिससे वह घायल हो गया, जबकि दूसरी गोली विपिन के पेट में जा लगी, जिससे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई आजाद प्रजापति की शिकायत पर लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने हत्या (IPC/BNS की सुसंगत धाराएं) का केस दर्ज किया है।
पुलिस ने साजिश रचने और सह-आरोपी होने के मामले में मुख्य अभियुक्त सोनू के पिता ब्रह्मपाल और उसकी पत्नी आशा को दबोच लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP अंकुर विहार) अमरदीप मौर्य के मुताबिक, फरार मुख्य आरोपी सोनू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
गाजियाबाद की पांचवी खबर ड्रग्स तस्करों का पर्दाफाश को लेकर जहां मुजफ्फरनगर की सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग के दौरान एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला सहित चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक आई-10 कार और उसमें छिपाकर रखा गया 50 किलो अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध आई-10 कार को रोककर जब उसकी सघन तलाशी ली गई, तो कार में अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा गया 50 किलो गांजा बरामद हुआ।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कुबूल किया कि वे इस नशीले पदार्थ की खेप को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बिहार से लेकर आ रहे थे और इसे गाजियाबाद के दो कथित मुख्य तस्करों (वीरेश कुमार महतो उर्फ राजा और महेश यादव उर्फ डीपी यादव) तक पहुंचाया जाना था।
एसएसपी के मुताबिक, यह गिरोह पुलिस के शक और चेकिंग से बचने के लिए अपने साथ एक महिला सदस्य को भी कार में बिठाकर चलता था। उनका मानना था कि परिवार जैसा दिखने के कारण पुलिस गाड़ी की गहराई से तलाशी नहीं लेगी। पूछताछ में सामने आया है कि इस सिंडिकेट में शामिल पुरुष कूरियरों को प्रति खेप पहुंचाने के लिए 10-10 हजार रुपये मिलते थे, जबकि महिला आरोपी को इस काम के लिए 6 हजार रुपये दिए जाते थे।
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