Feedback
राजस्थान के सिरोही जिला मुख्यालय स्थित जनजाति गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं अपनी शिकायतें लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच गईं. छात्राओं ने खाने में कीड़े मिलने से लेकर साफ-सफाई और रहने की व्यवस्था तक कई गंभीर आरोप लगाए.
इतना ही नहीं, वार्डन के व्यवहार को लेकर भी छात्राओं ने जिला कलेक्टर से शिकायत की मामला कलेक्टर तक पहुंचा तो तत्काल जांच के निर्देश हो गए.
ये तस्वीरें उस नाराजगी की गवाह हैं, जो जनजाति गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं को अपना हॉस्टल छोड़कर कलेक्ट्रेट तक ले आई. करीब 50 छात्राएं पैदल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी समस्याएं सीधे जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के सामने रखीं.
यह भी पढ़ें: ‘हे भोलेनाथ… JSSC परीक्षा रद्द करवाइए’, देवघर में छात्रों के समर्थन में कांवड़िए का अनोखा प्रोटेस्ट
छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं. सबसे बड़ा सवाल हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर है. छात्राओं का कहना है कि कई बार खाने में कीड़े तक मिलने की शिकायत सामने आई है.
छात्राओं की शिकायत सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है. साफ-सफाई, रहने की व्यवस्था और दूसरी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी उन्होंने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखी. छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर आवाज उठाई, तो वार्डन का व्यवहार भी ठीक नहीं रहा.
छात्राओं की शिकायतों को कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने गंभीरता से लिया है. करीब एक घंटे तक छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी. इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल SDM, तहसीलदार और शिक्षा विभाग के ADPC को बुलाया और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए. साथ तत्काल प्रभाव से छात्राओं की शिकायतों की हकीकत सामने लाने के लिए जांच कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए हैं.
वहीं कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया. कलेक्टर के निर्देश पर करीब चार सरकारी वाहनों से सभी छात्राओं को सुरक्षित वापस हॉस्टल पहुंचाया गया.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू