होर्मुज़ स्ट्रेट में भारत के झंडे वाले दो जहाज़ों पर हुई गोलीबारी, भारत ने ईरान से ये कहा – BBC

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भारत ने होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपने झंडे लगे दो जहाज़ों पर हुई गोलीबारी की घटना पर गंभीर चिंता जताई है. भारत ने ईरान के राजदूत को बुलाकर इस संबंध में मुलाक़ात की है.
शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में भारत के झंडे लगे दो जहाज़ों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा.
बीबीसी पर्शियन के मुताबिक़ टैंकरों की आवाजाही पर नज़र रखने वाली वेबसाइट "टैंकरट्रैकर्स" ने कहा है कि इस दौरान "गोलीबारी" भी हुई. टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक़, "चैनल 16 की ऑडियो रिकॉर्डिंग" के आधार पर, आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिम में सफर के दौरान दो भारतीय जहाजों को होर्मुज़ स्ट्रेट से पीछे हटने के लिए मजबूर किया था.
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इससे पहले बीबीसी वेरीफ़ाई ने जानकारी दी कि जब स्ट्रेट को दोबारा खोला जा रहा था तो उसी दौरान भारतीय झंडे वाले दो जहाज़, कार्गो शिप जग अर्नव और तेल टैंकर सनमार हेराल्ड को ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अपने तय मार्ग से हटने के आदेश दिए.
मैरीन ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक़, ये जहाज़ लारक द्वीप को पार करने के बाद धीमे हो गए और फिर यू-टर्न लेकर वापस लौट गए.
सनमार हेराल्ड के डेटा से ये भी पता चलता है कि वह तेल से पूरी तरह लदा हुआ है. हाल के ट्रैकिंग डेटा के आधार पर संभावना है कि यह तेल इराक़ से आ रहा है.
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भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "ईरान और भारत का रिश्ता बहुत मज़बूत है और मुझे इस घटना के बारे में जानकारी नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि सब ठीक होगा और यह मामला सुलझ जाएगा."
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उन्होंने आगे कहा, "हम यह युद्ध नहीं चाहते. हम शांति चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि दूसरा पक्ष भी शांति का पालन करे ताकि हमारे क्षेत्र में शांति बनी रहे."
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में बयान जारी किया है.
इसके मुताबिक़, "शनिवार की शाम नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को विदेश सचिव से मीटिंग के लिए बुलाया गया. बैठक के दौरान, विदेश सचिव ने भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को बहुत महत्व देता है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ईरान ने पहले भारत जाने वाले कई जहाजों के सुरक्षित आवागमन में मदद की थी. विदेश सचिव ने राजदूत से कहा कि वो इस बारे में भारत की बातों को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाएं. साथ ही जल्द से जल्द भारत की ओर आने वाले जहाजों के सुरक्षित मार्ग की प्रक्रिया फिर से शुरू करें."
ईरान के राजदूत ने इन बातों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया.
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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.
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इससे पहले यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) के मुताबिक़ होर्मुज़ स्ट्रेट में एक टैंकर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने गोलीबारी की है.
यूकेएमटीओ ने बताया है कि यह घटना ओमान से 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई. हालांकि टैंकर और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की ख़बर है.
इसके अलावा, तीन सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि कम से कम दो व्यापारिक जहाजों ने कहा है कि जब वे होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे थे, तब उन पर गोलीबारी की गई.
ईरानी मीडिया में होर्मुज़ स्ट्रेट के बंद होने की ख़बरें आने के बाद कई जहाज़ों ने इस समुद्री रास्ते को छोड़कर अपना मार्ग बदल लिया है.
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ देश की सेना का कहना है कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण फिर से शुरू कर रही है.
देश की कई मीडिया ने आईआरजीसी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा है कि यह होर्मुज़ स्ट्रेट "अपनी पिछली स्थिति" में लौट आएगा, और सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.
यह ख़बर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी, ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी और सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने दी है. इन संस्थाओं ने कहा,"हमने पहले कुछ जहाज़ों को इस जलमार्ग से गुज़रते हुए देखा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग से कितने जहाज़ गुज़र पाए हैं."
आईआरजीसी के बयान में अमेरिका पर "समुद्री डकैती" का आरोप लगाया गया है, और कहा गया है कि उसकी "तथाकथित नाकेबंदी" समुद्री लूट के बराबर है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज़ में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी.
ईरान ने पहले कहा था कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखता है, तो वह होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर देगा.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर बुधवार तक ईरान के साथ कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर फिर से बमबारी होगी.
डोनाल्ड ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह युद्धविराम बढ़ाएंगे? इस पर ट्रंप ने कहा, "शायद मैं इसे आगे नहीं बढ़ाऊंगा. लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी. अफ़सोस की बात है कि हमें फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा."
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीदें की जा रही हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा, "उन्हें कुछ समय पहले ही बहुत अच्छी ख़बर मिली है. मध्य पूर्व में ईरान के साथ हालात बहुत अच्छे होते नज़र जा रहे हैं."
गौरतलब है कि पहले दौर की बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन यह बेनतीजा रही थी.
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अमेरिका और ईरान से आ रहे परस्पर विरोधी बयानों को लेकर अगर आप उलझन में हैं, तो सच यही है कि हालात वाकई बेहद उलझे हुए हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल पत्रकारों से बात करते हुए कई तरह के बयान दिए और बातचीत की प्रगति को लेकर सकारात्मक रवैया अख़्तियार किया.
उन्होंने कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) नहीं करेगा और उसने अपने उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ने पर सहमति जताई है.
हालांकि, उनके इन सभी दावों को ईरान की संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़ ने खारिज कर दिया. उनका कहना था कि ट्रंप ने "एक घंटे में सात दावे किए, और सभी सात गलत थे."
लेकिन ईरान की तरफ़ से भी तस्वीर पूरी तरह साफ़ नहीं रही है.
विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पहले यह घोषणा की थी कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, लेकिन बाद में इसे साफ़ करते हुए ईरान ने कहा कि तेल टैंकरों और जहाज़ों को ईरान के तय और नियंत्रित रास्तों से ही गुजरना होगा.
इसके बाद ईरान की सेना ने, सरकारी मीडिया के हवाले से, कहा है कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण फिर से स्थापित कर रही है.
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