Iran US War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन में ईरान पर फिर से हमला करने की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि आज रात अमेरिका, तेहरान …और पढ़ें
ट्रंप ने ईरान पर हमले की दी धमकी (फोटो-रॉयटर्स)
ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन में ईरान पर फिर हमले की धमकी दी।
ट्रंप ने ईरानियों को ‘नीच और सनकी’ कहकर समझौता खत्म किया।
ईरान-अमेरिका ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फिर एक बार ईरान पर हमला करने की बात कही है। अंकारा में NATO समिट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, ‘हम शायद आज रात उन पर फिर हमला करेंगे।’
ट्रंप ने यह बात अंतरिम समझौते को खत्म घोषित करते हुए और ईरानियों को नीच और सनकी कहने के कुछ ही घंटों बाद कही।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के IRGC ने बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है, और अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।
अंकारा में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘ईरानी जो कर रहे हैं, उससे मैं खुश नहीं हूं। वे बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं।’
ट्रंप ने आगे कहा, ‘US तेहरान में सरकार बदलना नहीं चाहता, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अपने रुख पर कायम है।’ ट्रंप ने कहा कि अमेरिका शायद आज रात ईरान पर फिर हमला करेगा।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के कॉरिडोर से एक भारतीय ऑयल टैंकर को वापस भेज दिया गया है।
24 जून को ओमान और संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने ओमान के तट के पास जलडमरूमध्य में एक अस्थायी कॉरिडोर की घोषणा की थी। खाड़ी में फंसे जहाजों को निकालने के लिए बनाए गए इस कॉरिडोर की निगरानी अमेरिका कर रहा था।
फार्स ने बताया कि ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स रेडियो संचार के जरिए उन जहाजों को चेतावनी देता रहता है जो ओमान के कॉरिडोर का इस्तेमाल करना चाहते हैं। वे उन्हें आदेश देते हैं कि वे ओमान के कॉरिडोर के बजाय ईरान द्वारा तय किए गए कॉरिडोर का इस्तेमाल करें।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में सऊदी तेल टैंकर ‘वाडियान’ पर ईरान के हमले की निंदा की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस हमले से अंतरराष्ट्रीय नौवहन (नेविगेशन) को खतरा पैदा हुआ है और उसने सऊदी अरब तथा नौवहन की स्वतंत्रता के लिए UAE के समर्थन को दोहराया।
मंत्रालय ने कहा कि जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इससे क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को खतरा है।
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