Feedback
उत्तर प्रदेश के औरैया से चौंकाने वाली कहानी सामने आई है. यहां किडनैपिंग की सूचना ने पुलिस को अलर्ट मोड पर ला दिया, लेकिन जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की, तो जो सच सामने आया, उसने हैरान कर दिया. यह मामला अपहरण का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ा निकला.
क्षेत्राधिकारी पुनीत मिश्रा ने बताया कि 19 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे चिचौली अस्पताल के एक गार्ड ने पुलिस को सूचना दी थी. इसमें कहा गया कि एक व्यक्ति, जिसका नाम शक्तिघोष है, उसने दावा किया है कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी.
पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, संबंधित लोगों की गतिविधियों की जांच की गई और घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला गया. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला पूरी तरह अलग दिशा में जाता दिखा.
यह भी पढ़ें: लखनऊ: प्रेमिका के शॉपिंग के लिए रची किडनैपिंग की कहानी, 1 लाख रुपये मांगा- कपल गिरफ्तार
पुलिस जांच में सामने आया कि किडनैपिंग की कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत थी. असल में मामला पैसों के बड़े लेनदेन से जुड़ा था. जांच में सामने आया कि शक्तिघोष ने बृज प्रसाद नाम के व्यक्ति से करीब दो करोड़ रुपए लिए थे. बृज प्रसाद मथुरा का रहने वाला है.
जब बृज प्रसाद ने अपने पैसे वापस मांगे, तो शक्तिघोष ने उससे कहा कि प्रयागराज में चलकर पैसे लौटा देंगे. इसके बाद दोनों एक ही वाहन में सवार होकर मथुरा से प्रयागराज के लिए रवाना हुए. इस सफर के दौरान उनकी गाड़ी औरैया के पास खराब हो गई. इस दौरान उन्हें एक परिचित के यहां रुकना पड़ा.
पुलिस का कहना है कि शक्तिघोष पैसा नहीं लौटाना चाहता था. इसी वजह से उसने किडनैपिंग की फर्जी कहानी गढ़ी और पुलिस को झूठी सूचना दे दी. जांच के बाद पुलिस ने सभी संबंधित पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किडनैपिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई थी. यह पूरी तरह से फर्जी सूचना थी, जिसे आर्थिक विवाद को छिपाने के लिए फैलाया गया.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू