24 घंटे में ही कोरोना से भारत में 7 मौतें..2700 एक्टिव केस, क्या देश में फिर लगेगा लॉकडाउन, जानिए – NewsTak

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• 01:41 PM • 31 May 2025
Corona Case in India: भारत में कोरोनावायरस के मामले एक बार फिर बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच चिंता का माहौल है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 2,710 तक पहुंच गई है. सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली शामिल हैं.
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केरल में 1,147 सक्रिय मामले सामने आए हैं, इसके बाद महाराष्ट्र में 424 और दिल्ली में 294 मामले दर्ज किए गए हैं. गुजरात में 223, कर्नाटक और तमिलनाडु में 148-148, जबकि पश्चिम बंगाल में 116 मामले रिपोर्ट किए गए हैं.

30 मई की सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देश भर में कोविड-19 से 7 मौतें दर्ज की गई हैं. इस साल के पहले पांच महीनों में मरने वालों की कुल संख्या 22 हो गई है.

महाराष्ट्र में दो मौतें हुईं, जबकि दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब और तमिलनाडु में एक-एक मौत दर्ज की गई. दिल्ली में 60 वर्षीय एक महिला की मौत हुई है और राजधानी में 24 घंटे में 77 नए मरीज मिले हैं. केरल में 72 और महाराष्ट्र में 34 नए मामले सामने आए हैं.

माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन के दो नए सब-वेरिएंट – LF.7 और NB.1.8.1 – मामलों में इस वृद्धि के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. हालांकि, JN.1 अभी भी प्रमुख वेरिएंट बना हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अभी तक LF.7 या NB.1.8.1 को ‘चिंताजनक वेरिएंट’ के रूप में वर्गीकृत नहीं किया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोरोनावायरस के अधिकांश मामले हल्के हैं और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि नए वेरिएंट में कुछ हद तक प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता हो सकती है, लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि वे लंबे समय तक गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं. इसके लक्षण काफी हद तक सामान्य फ्लू जैसे ही हैं, जिनमें बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द और थकावट शामिल हैं.

कई राज्यों ने अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने का निर्देश दिया है . बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाते समय मास्क पहनने की सलाह दी गई है .

देश में अभी कोरोना केस में थोड़ी वृद्धि ज़रूर देखी गई है लेकिन स्थिति भयावह नहीं है, स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश मामले हल्के हैं. घबराने की कोई जरूरत नहीं है. नए वेरिएंट से गंभीर संक्रमण का कोई प्रमाण नहीं है. लक्षण काफी हद तक सामान्य फ्लू जैसे ही हैं.

इसके बजाय, सरकार और स्वास्थ्य विभाग विभिन्न राज्यों को सावधानी बरतने, जैसे अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और टेस्टिंग किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को मास्क पहनने की सलाह देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. फिलहाल, स्थिति गंभीर नहीं है और सरकार का रुख एहतियाती उपायों पर केंद्रित है, न कि लॉकडाउन जैसे बड़े प्रतिबंधों पर.

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