लोगों के घरों में झाड़ू पोछा और सफाई का जिम्मा उठाने वालीं कलिता माझी के पास अब मंत्रालय की जिम्मेदारी है। महज 2500 की सैलरी में घरों में काम करने वालीं माझी अब पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने जा रहीं हैं। सोमवार को उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली, लेकिन खास बात है कि वह उस दौरान किसी चमचमाती नहीं, बल्कि काफी समय पहले अपनी कमाई से खरीदी पुरानी साड़ी पहनकर पहुंचीं थीं।
प्लातिलाल पात्रा, कलिता की तारीफ करते नहीं थकते। पात्रा के घर पर ही कलिता काम करती थीं। एक हिंदी दैनिक से बातचीत में वह उम्मीद जताते हैं कि उनके नेतृत्व में राज्य की सड़कों और बदहाल स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि कलिता घर में उन्हें काका और बाबा कहकर बुलाती थीं।
कलिता ने यहां लोक भवन में शपथ लेने के बाद पीटीआई-भाषा से कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा जीवन इस तरह से बदल जाएगा। मुझ पर विश्वास करने और मुझे हर स्तर पर अवसर देने के लिए मैं अपनी पार्टी की आभारी हूं।’ बतौर मंत्री अपनी योजनाओं के बारे में माझी ने कहा, ‘एक विधायक के रूप में मेरा ध्यान अपने क्षेत्र के विकास पर था। लेकिन अब मेरी जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। मुझे पूरे पश्चिम बंगाल की देखभाल करनी है। मैं अपनी पार्टी के निर्देशों का पालन करूंगी।’
माझी ने कहा, ‘मैं नहीं बदलूंगी। मुझे पता है कि जीवन क्या है। मैं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कल्याण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में काम करूंगी। मैं उनकी नब्ज जानती हूं क्योंकि मैं उनमें से एक हूं और अपनी आखिरी सांस तक ऐसी ही रहूंगी।’
खबर है कि जब कलिता को मंत्री पद के लिए चुना गया, तो उन्होंने शपथ के मौके के लिए भी सादगी को चुना। वह मंत्री पद की शपथ लेने ऐसी साड़ी पहनकर गई थीं, जो उन्होंने काफी समय पहले अपनी कमाई से खरीदी थी। हालांकि, एक हिंदी दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार, विधायक पद की शपथ लेने के दौरान वह तोहफे में मिली साड़ी पहनकर गईं थीं। वह साड़ी उन्हें पात्रा परिवार ने दी थीं, जहां वह उनके घर का काम करती थीं।
गुसकारा क्षेत्र की रहने वालीं कलिता चुनाव में उतरने से पहले 4 घरों में घरेलू काम करती थीं और उनकी आय 2500 रुपये प्रतिमाह थी। न्यूज18 से बातचीत में पात्रा परिवार ने पहले कहा था कि कलिता उनके साथ 20 साल से ज्यादा समय से जुड़ी हैं। वह सुबह 7 बजे उनके घर पहुंच जाती थीं और कुछ देर काम के बाद निकलती थीं। पात्रा ने कहा कि वह चुनाव में टिकट हासिल करने के बाद भी घर के काम करती रहीं और प्रचार के साथ मजबूत संतुलन बनाया।
पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान जिले में औसग्राम सीट से माझी ने हालिया विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर सभी को हैरान कर दिया था। उन्होंने अपने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को 12,535 मतों के अंतर से हराया। उनके पति प्लंबर हैं और दोनों का एक बेटा है। वह अपने बेटे को भी चुनावी अभियान का बड़ा श्रेय देती हैं।
निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT TeluguHT BanglaHT TamilHT MarathiHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play