-दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में लाए गए तीनों बिल हुए मंगलवार को सदन में पास नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता दिल्ली में 500 से अधिक सरकारी सेवाएं जनता को तय समय के भीतर मिलेंगी। इसमें देरी होने पर न केवल संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगेगा बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के पास उनकी शिकायत भी स्वंय चली जाएगी। इसे लेकर दिल्ली विधानसभा में पेश किया गया बिल मंगलवार को पास हो गया है। यह विधेयक वर्ष 2011 के कानून का स्थान लेगा। इसके अलावा ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी को खत्म करने एवं वर्ष 2025 तक बनी झुग्गियों के पुनर्वास को लेकर लाए गए बिल भी मंगलवार को विधानसभा में पास हो गए।
विधानसभा में पास हुए इस विधेयक के तहत प्रत्येक नागरिक को निर्धारित समय-सीमा में सरकारी सेवा प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिल गया है। आईटी मंत्री डा. पंकज सिंह ने कहा कि इन सेवाओं में आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक आवेदन को यूनिक नंबर दिया जाएगा, जिससे नागरिक घर बैठे अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। निर्धारित समय में सेवा न मिलने पर आवेदन स्वतः वरिष्ठ अधिकारी के पास ऑटो-एस्केलेशन के माध्यम से पहुंच जाएगा। नए प्रावधानों के तहत बिना उचित कारण सेवा में देरी करने या गलत तरीके से आवेदन खारिज करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस बिल के पास होने पर समय अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं कराने वाले संबंधित अधिकारी पर 250 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना, अधिकतम 5,000 तक लगेगा। गलत तरीके से आवेदन अस्वीकार करने पर भी 250 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान इसमें है। कार्रवाई से पहले अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। यह कानून पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में लागू होगा और दिल्ली सरकार के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ नगर निगम, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी परिषद, दिल्ली जल बोर्ड, डीडीए सहित अधिसूचित स्थानीय निकायों एवं संस्थाओं की निर्धारित सेवाओं पर लागू होगा।
2025 तक की झुग्गियों का होगा पुनर्वास राजधान में वर्ष 2025 तक बनी झुग्गियों के निवासियों का पुनर्वास करने के लिए बिल में किया गया संशोधन भी मंगलवार को विधानसभा में पास हो गया। इसके तहत राजधानी में 2025 से पहले बनी सभी झुग्गियों को जब हटाया जाएगा तो उसमें रहने वाले लोगों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था सरकार करेगी। पहले केवल वर्ष 2015 तक बनी झुग्गियों के लिए ही यह व्यवस्था थी।
दिल्ली विधानसभा में ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी को वापस लेने का बिल भी मंगलवार को पास हो गया। मालवीय नगर अग्निकांड में सामने आई खामियों के बाद यह पॉलिसी वापस ली गई है। फिलहाल इसका असर नियमों का पालन कर चल रही जगहों पर नहीं पड़ेगा। लेकिन अवैध रूप से चल रही जगहों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। सरकार का कहना है कि वह जल्द एक बेहतर पॉलिसी इसकी जगह लेकर आएंगे।
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