8th Pay Commission news: 69,000 रुपये न्यूनतम वेतन, 3.83 का फिटमेंट फैक्टर, 6 पर्सेंट का सालाना इंक्रीमेंट, पुरानी पेंशन योजना (ओल्ड पेंशन स्कीम या OPS) को फिर से लागू करना और न्यूनतम हाउस रेंट अलाउंस (HRA) स्लैब को बढ़ाकर 30 पर्सेंट करना, ये नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) या NC-JCM के ड्राफ्ट कमेटी की 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कुछ प्रमुख मांगे हैं। यह मांगें उनके फाइनल मेमोरेंडम की हैं, जिसे सोमवार 13 अप्रैल 2026 को 8वें सीपीसी (सेंट्रल पे कमीशन) को सबमिट कर दिया गया। यह बात इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही गई है।
पोर्टल पर अपलोड किया फाइनल मेमोरेंडम
फाइनल मेमोरेंडम, सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयी और पेंशनर बॉडीज के प्रमुख एसोसिएशंस और यूनियंस की 8वें केंद्रीय वेतन कमीशन से जुड़ी मांगों की कॉमन लिस्ट है। नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी), इन यूनियंस का केंद्रीय एसोसिएशन है। नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने 14 अप्रैल 2026 को ड्रॉफ्टिंग कमेटी मेंबर्स और कन्स्टिट्यूएंट्स को लिखे लेटर में कहा है, ‘8वें सीपीसी पर ड्रॉफ्टिंग कमेटी की फाइनल मीटिंग 13 अप्रैल 2026 को जे पी चौबे मेमोरियल लाइब्रेरी (AIRF ऑफिस परिसर), 4 स्टेट एंट्री रोड, नई दिल्ली में हुई। ड्रॉफ्टिंग कमेटी ने 8वें सीपीसी को सबमिट किए जाने वाले मेमोरेंडम को अंतिम रूप दिया और इसे 8वें सीपीसी के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया।’
फाइनल मेमोरेंडम में शामिल दूसरी मांगें
अपनी दूसरी मांगों में ड्रॉफ्ट कमेटी ने 8वें पे कमीशन से सातवें वेतन आयोग के 18 एंप्लॉयीज लेवल को 7 में विलय (मर्ज) करने का आग्रह किया है। साथ ही, फैमिली यूनिट्स को 5 से बढ़ाकर 7 करने, 30 साल की सेवा में प्रत्येक कर्मचारी को कम से कम 5 प्रमोशन, हर पांच साल में पेंशन रिवीजन की मांग की गई है। ड्रॉफ्ट कमेटी चाहती है कि उसकी सभी मांगे 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं।
पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग
फाइनल मेमोरेंडम में 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद नियुक्त किए गए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओल्ड पेंशन स्कीम या OPS) बहाल करने की मांग की गई है। पेंशन, आखिरी वेतन निकासी का 67 पर्सेंट होना चाहिए। वहीं, फैमिली पेंशन 50 पर्सेंट होना चाहिए। ग्रुप सी के लिए 1 करोड़ रुपये का ग्रुप इंश्योरेंस और ग्रुप बी के लिए 1.5 करोड़ रुपये का ग्रुप इंश्योरेंस होना चाहिए। पूरे सेवाकाल में 60 दिन की पैरेंट केयर लीव दी जानी चाहिए। इसके अलावा, मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 240 दिन करने की मांग की गई है।
विष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ हैं। वह शेयर बाजार, कॉरपोरेट, पर्सनल फाइनेंस, गैजेट्स और ऑटो की खबरें लिखते हैं। गैजेट्स और ऑटो रिव्यू में भी इनकी दिलचस्पी है। बिजनेस से जुड़ी खबरों में विष्णु हमेशा इस बात पर फोकस करते हैं कि वह पाठकों के ‘काम की बात’ वाला एंगल प्रमुखता से खबर में ला सकें, ताकि उनकी वित्तीय जागरूकता बढ़े। बिजनेस से जुड़ी खबरों में भाषा की सरलता और सहजता पर भी विष्णु का ध्यान हमेशा रहा है।
पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है। वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग, ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को ‘खोजने’ में लगाते हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।
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