9/11 हमलों के 25 साल बाद मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद का कबूलनामा खारिज होना अमेरिकी न्याय व्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।
9/11 हमलों के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद का कबूलनामा खारिज।
खालिद शेख मोहम्मद का एफबीआई बयान कोर्ट ने खारिज किया।
बयान स्वेच्छा से नहीं दिया गया था, जज ने कहा।
9/11 मामले का ट्रायल अब 2028 में शुरू होगा।
डिजिटल डिस्क, वाशिंगटन। 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद (KSM) से जुड़ा एक बहुत बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। अमेरिका की एक सैन्य अदालत ने लगभग 20 साल पहले फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) को दिए गए खालिद शेख मोहम्मद के मुख्य इकबालिया बयान को खारिज कर दिया है।
ट्रायल जज माइकल श्क्रमा ने अपने आदेश में कहा है कि खालिद शेख मोहम्मद ने एफबीआई (FBI) के सामने जो बयान दिए थे, वे पूरी तरह से स्वेच्छा से नहीं दिए गए थे। कोर्ट का यह फैसला अमेरिका की ट्रंप सरकार के लिए एक बड़ा झटका है, जो पिछले कई सालों से इस मामले में मुकदमा चलाने की कोशिश कर रही है।
कोर्ट के इस नए आदेश के बाद मामले की सुनवाई और लंबी खींच गई है। साथ ही अब यह मुकदमा जून 2028 में ग्वांतानामो बे क्यूबा स्थित अमेरिकी नौसेना के अड्डे पर शुरू होना तय हुआ है।
बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 2001 के उन भयानक 9/11 हमलों को 25 साल पूरे होने वाले हैं, जिनमें न्यूयार्क, वाशिंगटन और पेंसिलवेनिया में लगभग 3000 लोग मारे गए थे। इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के पास हमले से पहले भी कई सुराग थे, लेकिन वे उन्हें आपस में जोड़ नहीं पाई थी।
इस बात को ऐसे समझिए कि 9/11 हमलों से कुछ हफ्ते पहले ही सीआईए के काउंटरटेररिस्ट सेंटर को एक खुफिया रिपोर्ट मिली थी कि ‘मुख्तार’ नाम का एक शख्स अमेरिका पर हमलों के लिए आतंकवादियों को भर्ती और ट्रेनिंग दे रहा है। हालांकि, एजेंसी तब यह नहीं समझ पाई थी कि यह ‘मुख्तार’ कोई और नहीं बल्कि खुद खालिद शेख मोहम्मद ही है।
इतना ही नहीं सीआईए इस बात को भी पकड़ने में चूक गई थी कि खालिद शेख मोहम्मद के कई चचेरे भाई, जैसे रामजी युसूफ और अली अब्दुल अजीज अली सीधे तौर पर अल-कायदा से जुड़े हुए थे।
फिर क्या, 9/11 हमलों के बाद यह साफ हुआ कि ‘मुख्तार’ और खालिद शेख मोहम्मद एक ही व्यक्ति हैं। यह बात तब सामने आई जब एक ऐसे टेलीफोन का सुराग मिला जिससे यमनी आतंकवादी रम्जी बिन अल-शिभ (9/11 हमलों का एक अन्य आरोपी) और जकारिया मौसवी से बातचीत होती थी।
इस बात को ऐसे समझिए कि खालिद शेख मोहम्मद, जिसे ओसामा बिन लादेन के शीर्ष सहयोगियों में गिना जाता था, को मार्च 2003 में पाकिस्तान से गिरफ्तार किया गया था।
उसने खुद कभी बीबीसी को दिए इंटरव्यू में यह कहा था कि उसने 9/11 के पूरे ऑपरेशन को ए से जेड तक प्लान किया था। गिरफ्तारी के बाद 2006 तक उसे सीआईए की विदेशी गुप्त जेलों में रखा गया, जहां उसे वॉटरबोर्डिंग जैसी अमानवीय प्रताड़नाओं का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि इन पुरानी प्रताड़नाओं के कारण अभियोजक पहले ही उन बयानों को बाहर कर चुके हैं जो उसने हिरासत के दौरान दिए थे और अब एफबीआई के सामने दिए गए बयानों को भी अदालत ने खारिज कर दिया है।
इसके अलावा सितंबर 2006 से ग्वांतानामो बे में बंद खालिद शेख मोहम्मद और अन्य तीन सह-आरोपियों का यह हाई-प्रोफाइल मामला अब साल 2028 के ट्रायल की तरफ बढ़ रहा है।