Agriculture News Live Updates: 'महाराष्ट्र में रोजाना छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार बेपरवाह' – Kisan Tak

'महाराष्ट्र में रोजाना छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं, सरकार बेपरवाह'
उत्तराखंड के स्यानाचट्टी में कृत्रिम झील का जलस्तर 5-6 फीट कम हुआ
राजस्थान बाढ़: सवाई माधोपुर में नाव पलटने से एक व्यक्ति बहा, कई लापता, स्कूल बंद
उत्तराखंड के चमोली में फटा बादल, हाइवे, दुकान, घर सब तबाह
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते एक नेशनल हाइवे समेत 317 सड़कें बंद
उत्तराखंड में अगले 24 घंटों में भारी बारिश की भविष्यवाणी, ऑरेंज अलर्ट जारी
दिल्ली में शनिवार को गरज के साथ बारिश की संभावना 
देश के कई राज्यों में जहां मॉनसून एक्टिव है और पहाड़ी राज्‍यों में जमकर बारिश हो रही है. मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली-NCR में बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, लद्दाख, राजस्‍थान, गुजरात, महाराष्‍ट्र, दक्षिण भारत और नॉर्थ ईस्‍ट में इस बार अच्‍छी बारिश होगी. मौसम के अलावा आप यहां किसानों को मिलने वाली सरकारी स्कीम के फायदे और अन्य किसानों से जुड़ी खबरें पढ़ सकते हैं. 
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्य में रोज़ाना छह किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन महायुति सरकार ने कोई चिंता नहीं दिखाई है. सपकाल ने पत्रकारों से बात करते हुए, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार की कृषि ऋण माफी में देरी के लिए आलोचना की. उन्होंने कहा, 'यह सरकार न केवल गैंडे की तरह मोटी चमड़ी वाली है, बल्कि अंधी, गूंगी और बहरी भी है. किसानों का दर्द उनके लिए कोई मायने नहीं रखता. यह भाजपा गठबंधन सरकार किसान विरोधी है। देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार किसानों की ऋण माफी पर हस्ताक्षर करने के लिए कलम क्यों नहीं उठाते?' कांग्रेस नेता ने अहिल्यानगर के नेवासा तालुका के किसान बाबासाहेब सुभाष सरोदे का उदाहरण दिया, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी. 
उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में बनी कृत्रिम झील का जलस्तर लगभग पांच से छह फुट कम हो गया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नदी में अवरोध गुरुवार शाम को हुआ, जब पहाड़ियों से शहर में पत्थर गिरे, जिससे यमुना नदी का बहाव बाधित हो गया. अधिकारियों ने बताया कि ब्‍लॉक्‍ड पानी को छोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और अन्य एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं. संचालन केंद्र के अनुसार, झील से पानी लगातार निकल रहा है और अब तक इसका जलस्तर पांच-छह फुट कम हो गया है. हालांकि, बरसाती नाले से मलबा अभी भी लगातार बह रहा है. केंद्रीय जल आयोग की एक टीम भी स्यानाचट्टी में मौजूद है और यमुना के जलस्तर पर नजर रख रही है. देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, कृत्रिम झील के कारण कस्बे के घर, होटल और अन्य इमारतें पहले ही पानी में डूब चुकी हैं. यह शहर उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के एक महत्वपूर्ण हिस्से यमुनोत्री के रास्ते में स्थित है. इसके अलावा, कस्बे का पुल लगभग पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. एसईओसी के अनुसार, इस इलाके में 40 से ज्‍यादा घर और होटल हैं और करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इस बीच, स्थानीय लोगों ने झील के उथले पानी में खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. 
 
सवाई माधोपुर जिले में शुक्रवार को भारी बारिश के कारण आए उफान में एक कार के बह जाने से 20 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई। इंदौर के मोंटी तंवर राष्ट्रीय राजमार्ग 552 पर कुशालीदर्रा में पानी के तेज बहाव में डूब गए.  पुलिस उपाधीक्षक (ग्रामीण) पिंटू कुमार ने बताया, 'मोंटी अपने परिवार को निवाई में छोड़कर इंदौर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ. बाकी लोगों की तलाश जारी है.' प्रशासन ने घोषणा की है कि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए चित्तौड़गढ़, बारां, टोंक, सवाई माधोपुर, झालावाड़, कोटा, बूंदी, डूंगरपुर और भीलवाड़ा जिलों में शनिवार को स्कूल बंद रहेंगे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने टोंक, कोटा, सवाई माधोपुर, बूंदी और दौसा जिलों के कलेक्टरों के साथ फोन पर बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. गुरुवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने सवाई माधोपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. कई रिहायशी बस्तियां पानी में डूब गईं, यातायात बाधित हुआ और जिले में सभी रेल सेवाएं स्थगित कर दी गईं. एक वन अधिकारी ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिज़र्व में पर्यटक सफारी रद्द कर दी गई हैं। सुरवाल बांध पर 8-10 लोगों को ले जा रही एक नाव डूब गई. ग्रामीणों ने तीन लोगों को बचा लिया, जबकि अन्य की तलाश जारी है. पुलिस उपाधीक्षक (शहर) उदय सिंह ने कहा, 'बचाव दल अभियान जारी रखे हुए हैं और लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं.'
उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में शुक्रवार की आधी रात के बाद बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई. इस घटना से थराली कस्बे, आसपास के गांवों और बाजारों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. भारी बारिश और मलबे से कई घरों, दुकानों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है. प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. बादल फटने का सबसे ज्यादा असर थराली बाजार, कोटदीप और तहसील परिसर में देखने को मिला. यहां तहसील परिसर, एसडीएम आवास और कई घरों में मलबा घुस गया. तहसील परिसर में खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं. कस्बे की सड़कों पर इतना मलबा भर गया कि वह तालाब जैसी नजर आने लगीं. पास के सागवाड़ा गांव में मलबे के कारण एक युवती की दबकर मौत हो गई.भारी बारिश और मलबे के कारण थराली-ग्वालदम मार्ग मिंग्गदेरा के पास बंद हो गया है. इनके अलावा, थराली-सागवाड़ा मार्ग भी बाधित है. इन दोनों मार्गों के बंद होने से क्षेत्र में आवाजाही ठप हो गई है और लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. 
स्थानीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के एक से सात जिलों में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की येलो चेतावनी जारी की है. शुक्रवार शाम तक 24 घंटों में राज्य में मानसून की सक्रियता कमजोर रही. धौलाकुआं में 31 मिमी, मनाली में 18 मिमी, कुफरी में 14.6 मिमी, धर्मशाला में 12 मिमी, बाजुरा में 11 मिमी, नाहन में 7.2 मिमी और ओलिंडा में 6.4 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार, रिकांग पियो और कुकुमसेरी में 37 से 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (ऑट से सैंज रोड) सहित कुल 317 सड़कें बंद हैं. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि इनमें से 157 सड़कें मंडी ज़िले में और 106 कुल्लू जिले में बंद हैं. उन्होंने बताया कि 110 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 131 वॉटर सप्‍लाई स्‍कीम पर असर पड़ा है.
अधिकारियों ने बताया कि 20 जून को हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की शुरुआत के बाद से, राज्य को बारिश से जुड़ी घटनाओं के कारण 2,326 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 74 बार अचानक बाढ़, 39 बार बादल फटने और 74 बड़े भूस्खलन की घटनाएँ हुई हैं। लगभग 149 लोगों की मौत हो चुकी है और 38 लोग लापता हैं. 
 
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को उत्तराखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जिसमें राज्य के विभिन्न स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने/बिजली गिरने और बहुत तेज बारिश का अनुमान लगाया गया है. 
यह अलर्ट जारी किया गया है, जो शनिवार दोपहर तक प्रभावी रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, 'अगले 24 घंटों में (22.8.2025, दोपहर 2:05 बजे से 23.8.2025, दोपहर 2:05 बजे तक ऑरेंज अलर्ट) देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर के विभिन्न स्थानों जैसे कोटद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री, काशीपुर, केदारनाथ, जोशीमठ, मसूरी, मुनस्यारी, लोहाघाट, रानीखेत, खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में गरज/बिजली गिरने और बहुत तेज़ बारिश की संभावना है.' जब भारी बारिश की आशंका हो, तो ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है, जो आमतौर पर 24 घंटों के भीतर 115.6 मिमी से अधिक और 204.4 मिमी तक हो सकती है. 
 
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है. शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है. शुक्रवार शाम तक 24 घंटों में दिल्ली में 0.1 मिमी बारिश हुई. आईएमडी ने शनिवार के लिए न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है, साथ ही अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है. 
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