रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बातचीत हॉट माइक में रिकॉर्ड हो गई। यह बातचीत बुधवार को उस दौरान हो रही थी जब दोनों नेता विक्ट्री डे परेड देखने जा रहे थे।
पुतिन के ट्रांसलेटर ने चीनी में कहा कि बायोटेक्नोलॉजी बहुत तेजी से बढ़ रही है। इंसान के अंग बार-बार बदले जा सकते हैं। जितना ज्यादा जीओ, उतना जवान रहो, शायद अमर भी हो जाओ।
इसके जवाब में शी ने कहा- ‘कुछ लोग कहते हैं कि इस सदी में इंसान 150 साल तक जी सकता है।’ इसके बाद कैमरा परेड की तरफ मुड़ गया।
चीन के सरकारी मीडिया CCTV ने बताया कि इस परेड को ऑनलाइन 1.9 अरब बार और टीवी पर 40 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। शी जिनपिंग ने परेड में आए 50 हजार लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया को शांति या युद्ध में से एक चुनना होगा।
अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
पुतिन बोले- यूक्रेन जंग पर जेलेंस्की से बातचीत को तैयार, पर उन्हें मॉस्को आना होगा
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को कहा कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बातचीत के लिए तैयार हैं, बशर्ते जेलेंस्की को मॉस्को आना होगा। हालांकि, पुतिन ने यह भी कहा कि ऐसी मुलाकात का कोई फायदा होगा या नहीं इसे लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
यह बयान पुतिन ने अपनी चीन यात्रा के दौरान दिया। जेलेंस्की लंबे समय से पुतिन से मिलकर शांति समझौते की शर्तों पर चर्चा करना चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी दोनों नेताओं की मुलाकात की वकालत की है।
पुतिन ने कहा कि वह हमेशा जेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार रहे हैं, लेकिन ऐसी मुलाकात की पहले से पूरी तैयारी होनी चाहिए और इसका कोई ठोस नतीजा निकलना चाहिए। उन्होंने कहा- जेलेंस्की से मुलाकात की संभावना को मैंने कभी नकारा नहीं।
पुतिन ने यह भी कहा कि यूक्रेन को पहले मार्शल लॉ हटाना होगा, चुनाव कराने होंगे और क्षेत्रीय मुद्दों पर जनमत संग्रह करना होगा, तभी कोई डेवलपमेंट हो सकता है। पुतिन इससे पहले मई और अगस्त में भी पुतिन को मॉस्को आकर बातचीत करने का न्योता दे चुके हैं।
दावा- भारत-पाक सीजफायर का क्रेडिट नहीं मिलने से ट्रम्प ठगा महसूस कर रहे थे, इसीलिए टैरिफ लगाया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट नहीं मिलने से ठगा हुआ महसूस कर रहे थे, इसलिए उन्होंने भारत पर टैरिफ लगाया। अमेरिकी एक्सपर्ट एश्ले टेलिस ने NDTV को दिए इंटरव्यू यह दावा किया।
टेलिस ने कहा कि भारत पर सिर्फ रूसी तेल खरीदने की वजह से टैरिफ नहीं लगाया गया। इसके पीछे राजनीति भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ट्रम्प शांति का क्रेडिट चाहते थे, लेकिन भारत ने तीसरे पक्ष की दखलंदाजी से इनकार कर दिया। इससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया।
टेलिस ने ट्रम्प के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो पर इस तनाव को बढ़ाने का आरोप लगया। उन्होंने कहा कि पीटर का भारत को टैरिफ का महाराज कहना और उस पर तेल से मुनाफाखोरी का आरोप लगाने से दोनों देशों के रिश्ते खराब हुए हैं और भारत का झुकाव अमेरिका के दुश्मन देशों की ओर बढ़ा।
वहीं, ट्रम्प का कहना है किउन्होंने भारत पर 50% टैरिफ इसलिए लगाया है, क्योंकि लंबे समय तक दोनों देशों के बीच ‘एकतरफा रिश्ता’ था। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिकी सामानों पर 100% टैरिफ लगाता है। यह दुनिया में सबसे ज्यादा है। इसकी वजह से अमेरिका और भारत के व्यापार में असंतुलन पैदा हो गया है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति बोले- भारत के साथ अच्छे से पेश आना जरूरी, ऐसा नहीं किया तो अमेरिका खेल हार जाएगा
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि ग्लोबल साउथ, खासकर भारत के साथ, विदेश नीति में अधिक सम्मान और सहयोग दिखाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका इस खेल में हार जाएगी।
स्टब ने कहा कि उनका यह मैसेज सिर्फ यूरोपीय देशों के लिए भी है। उन्होंने चीन के तियानजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट का भी जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी शामिल थे। स्टब ने कहा कि यह बैठक पश्चिमी देशों को याद दिलाती है कि क्या सब कुछ दांव पर लगा हुआ है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का करीबी माना जाता है। मार्च में फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में सात घंटे लंबे गोल्फ राउंड के दौरान उनकी दोस्ती और गहरी हुई थी।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, स्टब उन चुनिंदा यूरोपीय नेताओं में हैं जिनकी राय ट्रम्प पर असर डाल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटे देशों में स्टब की बराबरी का कोई भी नेता नहीं है। उनकी ट्रम्प तक बहुत अच्छी पहुंच है। इतनी ताकत इससे पहले किसी भी छोटे यूरोपीय देश के नेता को नहीं मिली।
पहली बार देश से बाहर निकलीं किम जोंग की बेटी, चीन में पिता के साथ मिलिट्री परेड में शामिल हुईं
उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन विक्ट्री परेड में शामिल होने के लिए चीन पहुंचे। उनके साथ उनकी बेटी किम जू ऐ भी पहुंची। जू ऐ को किम जोंग उनका का उत्तराधिकारी माना जाता है। जू पहली बार पिता के साथ देश से बाहर आई हैं।
जू-ए 12 साल की हैं। वे किम की इकलौती संतान हैं। वह 2022 से अपने पिता के साथ सैन्य परेड, हथियार परीक्षण और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जू-ए को को चीन ले जाना उनकी बढ़ती हैसियत का संकेत है। बीजिंग रेलवे स्टेशन पर उन्हें अपने पिता के साथ खड़ा देखकर यह साफ हो गया कि विदेश में भी उन्हें उत्तर कोरिया का नंबर 2 माना जा रहा है। इस तरह किम जोंग-उन दुनिया को संदेश दे रहे हैं कि जू-ए उनकी उत्तराधिकारी बनेंगी।
इजराइल में लोगों ने नेतन्याहू के घर के बाहर आग लगाई: जंग रोकने और बंधकों को छुड़ाने की कर रहे मांग
इजराइल के येरूशलम में लोगों ने पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के घर के सामने टायरों में आग लगाई। वे जंग रोकने और बंधकों को छुड़ाने की मांग कर रहे थे। लोगों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह 48 बंधकों को छुड़ाने में नाकाम साबित हुई है।
इजराइली पुलिस ने बताया कि इस आग में कई कारें भी जल गई । घटना के बाद आस-पास के लोगों को बाहर निकाला गया। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने सामरिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर के घर के बाहर भी विरोध किया। इसमें “ब्रदर्स एंड सिस्टर्स इन आर्म्स” जैसे दल शामिल थे। उन्होंने कहा कि सरकार अपने दक्षिणपंथी सहयोगियों के साथ मिलकर हमास के साथ समझौते को नजरअंदाज कर दिया है।
ट्रम्प ने कहा- पुतिन से निराश हूं, यूक्रेन में शांति को लेकर काम कर रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि वे यूक्रेन मामले में पुतिन से बहुत निराश हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन में जंग से होने वाली मौतों को कम करने पर काम कर रही है। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि वे क्या काम कर रहे हैं।
ट्रम्प ने द स्कॉट जेनिंग्स रेडियो शो को एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें रूस और चीन के बढ़ते रिश्तों का डर नहीं है। दोनों देश कभी भी अमेरिका पर हमला नहीं करेंगे। अमेरिकी सेना दोनों देशों से ज्यादा ताकतवर है।
चीन से किम जोंग का जूठा गिलास ले गए बॉडीगार्ड्स:पुतिन से मुलाकात के बाद फिंगरप्रिंट भी मिटाए; सीक्रेट जानकारी लीक होने का खतरा
नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने बुधवार को चीन का राजधानी बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। डेली मेल के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद किम जोंग के गार्ड्स उनका जूठा गिलास अपने साथ ले गए। उन्होंने उस कुर्सी-टेबल को भी सावधानी से साफ कर दिया, जिस पर किम बैठ थे।
रूसी पत्रकार अलेक्जेंडर युनाशेव ने बताया कि मीटिंग के बाद कुर्सी, टेबल और आस पास की चीजों की इस तरह साफ किया कि उन पर किम का कोई निशान नहीं छूट जाए।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि ये रूस या चीन की जासूसी से बचने की कोशिश हो सकती है या फिर किम अपनी हेल्थ की जानकारी छिपाना चाहते हैं। किसी नेता के फिंगर प्रिंट और मल-मूत्र से उसके DNA और हेल्थ से जुड़ी सीक्रेट जानकारी पता की जा सकती है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
किम जोंग की बेटी पहली बार नॅार्थ-कोरिया के बाहर दिखीं:पिता के साथ चीन के विक्ट्री परेड में शामिल हुईं; दावा- अगली लीडर होंगी
उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन के साथ चीन की विक्ट्री परेड में उनकी बेटी किम जू ऐ भी पहुंची। यह पहला मौका था जब किम जू को देश के बाहर देखा गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किम जू ऐ को किम जोंग का उत्तराधिकारी माना जाता है।
जू 12 साल की हैं। वह 2022 से अपने पिता के साथ सैन्य परेड, हथियार परीक्षण और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होती रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग के तीन बच्चे हैं, जिनमें किम जू के अलावा एक बेटा है। उनकी एक और संतान है, जो लड़का है या लड़की, यह स्पष्ट नहीं है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
विक्ट्री डे पर चीनी सेना में शामिल हुए रोबोट भेड़िए:बिना पायलट के उड़ने वाला फाइटर जेट, पानी के अंदर चलने वाला ड्रोन; परेड की PHOTOS
चीन आज अपना 80वां विक्ट्री डे मना रहा है। इस मौके पर राजधानी बीजिंग में देश की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य परेड का आयोजन किया गया।
इसमें रोबोट भेड़िए, बिना पायलट के उड़ने वाला फाइटर जेट, पानी के अंदर चलने वाला ड्रोन, अंतरिक्ष में हमला करने वाली मिसाइल समेत कई आधुनिक इक्यूपमेंट शामिल है।
परेड में 100+ हथियार, 45+ सैन्य टुकड़ियां और 100+ विमान देखे गए। इनमें से कई हथियार पहली बार दुनिया के सामने आए।
इन हथियारों की खास बात ये है कि इनमें से ज्यादातर स्वदेशी हैं। शी जिनपिंग ने अपने भाषण में कहा कि- ये हथियार और विमान चीन की सैन्य ताकत और बेहतर टेक्नालॉजी को दिखाते हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…
चीन ने अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलें दिखाईं:विक्ट्री डे परेड में माओ जैसी ड्रेस में पहुंचे राष्ट्रपति जिनपिंग; कहा- हम डरते नहीं, आगे बढ़ते हैं
दूसरे विश्व युद्ध में जापान की हार के 80 साल पूरे होने पर चीन में बुधवार को विक्ट्री डे परेड मनाया गया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राजधानी बीजिंग के थियानमेन चौक पर परेड की सलामी ली। जिनपिंग के भाषण के बाद सैन्य परेड निकाली गई।
जिनपिंग ने कहा कि चीन किसी की धमकियों से नहीं डरता और हमेशा आगे बढ़ता रहता है। उन्होंने लोगों से इतिहास याद रखने और जापान के खिलाफ लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान देने की अपील की।
BBC ने बताया कि परेड में हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, YJ-21 एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और JL-3 पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल शामिल थी।
वहीं DF-5C न्यूक्लियर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का एडवांस वर्जन 6F भी दिखाया गया। यह मिसाइल अमेरिका तक मार सकती है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
पुतिन के सामने फिर इयरफोन नहीं लगा पाए पाकिस्तानी PM:रूसी राष्ट्रपति ने सिखाया, 3 साल पहले भी ऐसी गलती कर चुके शहबाज
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच मुलाकात का वीडियो एक बार फिर से वायरल है। पुतिन से बात करते वक्त शरीफ अपना इयरफोन ठीक से नहीं लगा पाए।
यह वाकया मंगलवार को बीजिंग में पुतिन से मुलाकात के दौरान हुआ। उन्होंने शरीफ को इयरफोन पहनने का तरीका समझाने की कोशिश की। इस दौरान वे मुस्कुराते भी नजर आए।
इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें शहबाज शरीफ के कानों से ट्रांसलेशन इयरफोन बार-बार फिसल रहा है, वह उनसे लग नहीं पा रहा। इसके बाद, पुतिन अपना हेडसेट उठाकर उन्हें पहनने का तरीका दिखाने की कोशिश करते हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…
पाकिस्तान के क्वेटा में रैली के दौरान ब्लास्ट, 14 मरे:30 से ज्यादा घायल; बलूचिस्तान नेशनल पार्टी के नेता पर 7 महीने में दूसरा हमला
पाकिस्तान के क्वेटा में मंगलवार रात बलूच नेशनल पार्टी की रैली हुई। रैली के खत्म होने के तुरंत बाद बम विस्फोट हुआ, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई। 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। घायलों में पूर्व सांसद अहमद नवाज और पार्टी नेता मूसा बलूच भी शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहवानी स्टेडियम में बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार अताउल्लाह मेंगल की चौथी पुण्यतिथि पर एक रैली निकाली गई। इसके बाद पार्किंग में सुसाइड अटैक हुआ।
आत्मघाती हमलावर ने मार्च में लाक दर्रे पर हुए हमले की तरह ही विस्फोट करने से पहले मेंगल के जाने का इंतजार किया। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.