विविधताओं को उत्सव की तरह मनाता है भारत – Dainik Bhaskar

उदयपुर| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक व पूर्व सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य का कहना है कि भारत केवल विविधताओं वाला देश नहीं, बल्कि यह ऐसी संस्कृति वाला राष्ट्र है जो अपनी विविधताओं को न सिर्फ स्वीकार करता है, बल्कि उन्हें उत्सव की तरह मन
डॉ. वैद्य शुक्रवार को सुखाड़िया विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की इकाई के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता थे। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान को लेकर योजनाबद्ध तरीके से मिथक गढ़े गए हैं। अब समय आ गया है कि इनसे मुक्त होकर भारतीय अवधारणा को सही रूप में समझा जाए। गौतम बुद्ध विश्वविद्याल, नोएडा के पूर्व कुलगुरु और स्वदेशी जागरण मंच के संयोजक प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि भारत की मूल पहचान ज्ञान आधारित समाज की रही है। प्राचीन भारत उद्योग प्रधान अर्थव्यवस्था वाला राष्ट्र था। जावर की खानों से वैज्ञानिक तरीके से जिंक उत्पादन इसका उदाहरण है।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News