Kolkata HC का सरकार को बड़ा झटका, बांग्लादेश भेजे परिवार को लाया जाए वापस – Zee News

Kolkata News: कोलकाता हाई कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं कि वह उस परिवार को वापस लिया जाए जिसे कुछ दिनों पहले बांग्लादेश भेज दिया गया था. रिपोर्ट में मुताबिक ये लोग दिल्ली में दो दशकों से रह रहे थे.
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Kolkata News: कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रहने वाली सोनाली बीबी और स्वीटी बीबी समेत उनके परिवारों को बांग्लादेश भेजा गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि इन छह नागरिकों को, जिन्हें बांग्लादेश निर्वासित किया गया था, एक महीने के अंदर वापस भारत लाया जाए. 

कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और आर.के. मित्रा की खंडपीठ ने यह आदेश भोडू शेख की पिटीशन पर सुनाया है. भोडू शेख ने दावा किया था कि उनकी बेटी सोनाली बीबी, जो नौ महीने की गर्भवती थी, उसके पति दानिश शेख और पांच साल के बेटे को दिल्ली में हिरासत में लेकर बांग्लादेश भेज दिया गया. 

दानिश शेख बीरभूम जिले के मुराराई इलाके के रहने वाले हैं. इसी तरह मुराराई के ही आमिर ने दूसरी याचिका दाखिल कर कहा कि उनकी बहन स्वीटी बीबी और उसके दो बच्चों को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर बांग्लादेश भेज दिया है.

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दिल्ली में दो दशकों से रह रहे हैं

याचिकाकर्ताओं ने बताया कि परिवार पिछले दो दशकों से दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-26 में दिहाड़ी मजदूरी कर रहा था. 18 जून को ए.एन. कटजू मार्ग पुलिस ने उन्हें गैरकानूनी बांग्लादेशी होने के शक में पकड़ा और 27 जून को बांग्लादेश सीमा पार भिजवा दिया. वहां बांग्लादेश पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. 

परिवार ने जताई फिक्र

परिवार ने यह चिंता भी जताई कि अगर सोनाली ने बांग्लादेश में बच्चे को जन्म दिया तो उसके नागरिकता अधिकारों पर सवाल उठ सकते हैं. वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों परिवारों को जबरन और अवैध तरीके से बांग्लादेश भेजा गया. उन्होंने नागरिकता से जुड़े दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, जमीन के कागजात और माता-पिता व दादा-दादी के वोटर आईडी भी जमा किए थे.
सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि ये याचिकाएं कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई योग्य नहीं हैं, क्योंकि पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट में अवैध हिरासत और निर्वासन को लेकर याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं. केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अशोक कुमार चक्रवर्ती ने दलील दी कि कलकत्ता हाई कोर्ट का इस मामले पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, क्योंकि लोगों को दिल्ली में हिरासत में लिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते समय दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं की जानकारी छुपाई गई.
समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य …और पढ़ें
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