देश दुनिया की लाइव खबरें 1 नवंबर 2025 | Aaj Tak Live – Hastakshep

देश दुनिया की लाइव खबरें
Aaj Tak Breaking News 1 November 2025
दिन भर की खबरें 1 नवंबर 2025 की देश दुनिया की आज तक लाइव खबरें यहां पढ़ें। यहां भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, विज्ञान-तकनीक, मौसम अपडेट और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी हर ताज़ा व बड़ी खबर तुरंत पाएँ। इस पेज पर दिन भर की खबरें अपडेट होंगीं..
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मेरी निजी राय में, आरएसएस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को कहा कि उनकी निजी राय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए क्योंकि ज़्यादातर मुद्दे और कानून-व्यवस्था की समस्याएँ भाजपा-आरएसएस के कारण ही पैदा हो रही हैं।
नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, श्री खड़गे ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर पार्टी पर हमला करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया और 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस की आलोचना करने वाली पटेल की टिप्पणियों का हवाला दिया।
उन्होंने पटेल द्वारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे एक पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें तत्कालीन गृह मंत्री ने कहा था कि आरएसएस ने ऐसा माहौल बनाया जिसके कारण महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी हुई।
यह पूछे जाने पर कि क्या आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूँ कि इस पर प्रतिबंध (आरएसएस पर प्रतिबंध) लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो ऐसा किया जाना चाहिए। देश में सभी गलतियां और यहां कानून-व्यवस्था की सभी समस्याएं भाजपा और आरएसएस की देन हैं।”
खरगे ने कहा-
“आज का दिन जहां बहुत महत्वपूर्ण है, वहीं दुखद भी है।
हम एक तरफ सरदार पटेल जी की जयंती मना रहे हैं, वहीं दुखद है कि आज इंदिरा गांधी जी का शहादत दिवस है। इन दोनों हस्तियों ने देश के लिए बहुत काम किया है।
एक ‘लौहपुरुष’ हैं और एक ‘आयरन लेडी’।
जहां सरदार पटेल जी ने देश को एक रखने का काम किया था, वहीं इंदिरा गांधी जी ने देश की एकता बनाए रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
ये कांग्रेस का इतिहास है- देश के लिए कांग्रेस का योगदान है।
जो लोग देश के लिए मर-मिटे हैं, उनकी ही पार्टी पर कुछ लोग बहुत टिप्पणियां करते हैं। ये समझ से परे है।
लेकिन मैं आपको सरदार पटेल जी की बात याद दिलाना चाहता हूं। सरदार पटेल जी ने 4 फरवरी 1948 में एक पत्र में लिखा था-
गांधी जी की मृत्यु पर RSS ने जो हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे ये विरोध और भी बढ़ गया। इन हालातों में सरकार के पास RSS के खिलाफ कदम उठाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को ये पत्र लिखते हुए उन्होंने कहा- रिपोर्ट से सिद्ध होता है कि RSS और हिंदू महासभा की गतिविधियों के कारण देश में जिस वातावरण का निर्माण हुआ, उसी से गांधी जी की हत्या हुई।
जिन लोगों ने गांधी जी की हत्या की थी, आज उन्हीं के लोग कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी सरदार पटेल को याद नहीं करती।
सरदार वल्लभभाई पटेल देश को एक करने वाले नेता हैं। उन्होंने संविधान सभा में Fundamental rights से जुड़े अपने विचार रखे और संविधान में जगह बना कर दी।
सरदार पटेल कहते थे कि संघ के भाषण सांप्रदायिकता से भरे हैं। संघ के कारण ही गांधी जी की हत्या हुई थी।
BJP-RSS हमेशा देश के लिए घातक रही है, वहीं कांग्रेस हमेशा देश की भलाई के बारे में सोचती है।
हाल ही में NCERT की तीन किताबों में से गांधी जी, गोडसे, RSS और 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े टॉपिक हटा दिए गए हैं।
BJP सरकार सच्चाई को छिपाना चाहती है, जो बहुत बुरी बात है।
मोदी सरकार हमेशा झूठ को सच बनाने की कोशिश में लगी रहती है, जिससे उनकी मंशा समझ में आती है।
सरदार पटेल ने लोकतांत्रिक विचारों की नींव डाली थी।
पहले के समय लोग नौकरशाही में रहते हुए RSS की विचारधारा फैलाते थे। ऐसे में राजनीतिक संगठनों जैसे RSS और जमाते इस्लामी के साथ सरकारी कर्मचारियों के साथ जुड़ाव पर रोक लगाई गई थी।
लेकिन, 9 जुलाई 2024 को मोदी सरकार ने इस बैन को हटा लिया, जिससे सरकारी कर्मचारियों को RSS और उसकी गतिविधियों से जुड़ने की अनुमति मिल गई है।
गांधी जी की हत्या के पीछे जिस संस्था के लोगों का हाथ था, जिसे सरदार पटेल ने बैन किया था- BJP ने उसी संस्था के साथ सरकारी कर्मचारियों को जुड़ने की छूट दे दी है।
BJP के नेता हमेशा कहते हैं कि नेहरू जी और सरदार पटेल जी में मतभेद था।
जबकि नेहरू जी ने खुद सरदार पटेल जी को ‘भारत की एकता के शिल्पी’ बताया था। वहीं पटेल जी ने नेहरू जी को ‘देश के आदर्श और जनता के नेता’ कहा था।
सरदार पटेल जी ने कहा था 👇
“पिछले दो कठिन वर्षों में नेहरू जी ने देश के लिए जो अथक परिश्रम किया है, वो मुझसे अधिक अच्छी तरह कोई नहीं जानता है। देश के आदर्श, जनता के नेता, राष्ट्र के प्रधानमंत्री और सबके लाडले जवाहरलाल के महान कृतित्व का भव्य इतिहास सबके सामने खुली किताब है।”
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कोरिया गणराज्य के ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) के आर्थिक नेताओं की बैठक के अवसर पर चीन जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कल मुलाकात की।
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक दोनों नेताओं ने कनाडा और चीन के बीच सहयोग के लंबे इतिहास को स्वीकार किया, जो 55 वर्षों के राजनयिक संबंधों और व्यापार पर आधारित है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि उनकी मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को व्यावहारिक और रचनात्मक तरीके से नवीनीकृत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई – हाल ही में हुई बातचीत के आधार पर, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री ली के साथ प्रधानमंत्री कार्नी की बैठक और विदेश मंत्री अनीता आनंद तथा सस्केचेवान के प्रधानमंत्री की यात्रा शामिल है।
Gen Z से मिले राहुल
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कल संसद में स्कूली छात्रों से मुलाकात कर, उनकी रुचि और करियर के बारे में बात की।
पवन खेड़ा ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पीएम मोदी और बिहार की एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक वीडियो जारी करते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा-
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुज़फ्फरपुर रैली से पहले छह पत्रकारों को नज़रबंद करने के आदेश जारी किए गए।
तीन पत्रकारों को हिरासत में लिया गया, जबकि तीन अन्य गिरफ्तारी से पहले ही भूमिगत हो गए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मुज़फ्फरपुर ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने पत्रकारों को बताया कि खुफिया ब्यूरो (आईबी) की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी मिल के मज़दूर प्रधानमंत्री की रैली के दौरान विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं, और पत्रकार इस घटना को कवर करने वाले थे — जो, उनके अनुसार, “वातावरण बिगाड़” सकता था। इसलिए उन्हें नज़रबंद करने के आदेश दिए गए।
पत्रकारों पर सरकार विरोधी रिपोर्टें चलाने का आरोप लगाया गया, जिसके चलते उनकी हिरासत का आदेश जारी किया गया। उन्हें दो रात पहले रात 1 बजे नज़रबंद किया गया और अगले दिन रात 1 बजे रिहा किया गया।
नज़रबंद किए गए पत्रकार:
निज़ाम समी़र (दैनिक भास्कर, साधना न्यूज़)
राजन सिंह राजपूत (चंपारण फर्स्ट पोर्टल)
धर्मचंद्र यादव (जीई न्यूज़ पोर्टल)
गिरफ्तारी से पहले भूमिगत हुए पत्रकार:
इर्फान रिज़वी (हमार बिहार टीवी, नेशनल)
असनयन ख़ान (द रिपोर्ट टीवी)
मुन्ना शाह (मुज़फ्फरपुर फर्स्ट न्यूज़)”

FOLLOW US
@ 2025 All Rights Reserved by Hastakshep
Powered by Blink CMS

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News