श्रीलंका इस समय भीषण चक्रवाती तूफान ‘डिटवा’ की चपेट में है, जिसने पूरे देश में भारी तबाही मचा दी है। अब तक 80 से अधिक लोगों की मौत, 40 लोग लापता, और 1.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं। 14,000 से अधिक लोगों को इमरजेंसी राहत केंद्रों में शरण लेनी पड़ी है। टूटे घर, सड़कों पर समुद्र जैसा उफनता पानी, बिजली गिरने और पेड़ों के गिरने की घटनाओं ने श्रीलंका को संकट में डाल दिया है। कई जिलों—खासकर बैडुला—में तबाही सबसे ज्यादा है। डिटवा तूफान का प्रभाव केवल श्रीलंका तक सीमित नहीं है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण भारत में भी इसके असर से भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में उफान देखा जा रहा है। पुडुचेरी यूनिवर्सिटी ने परीक्षाएं और सभी क्लासेस रद्द कर दी हैं। तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी है और राहत-बचाव दल तैनात कर दिए गए हैं। इस बीच, भारत ने अपने पड़ोसी देश श्रीलंका की मदद के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता व्यक्त करने के बाद, भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री से भरे विमान—C-130J और IL-76—कोलंबो भेजे हैं। साथ ही NDRF की टीमें भी तैनात की जा रही हैं ताकि श्रीलंका को आपदा से उबरने में त्वरित सहायता मिल सके।
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.