बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने नौ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इनमें बीएनपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अंतरराष्ट्रीय मामलों की सह-सचिव रुमीन फ़रहाना भी शामिल हैं.
इफ़्तेख़ार अली
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने नौ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इनमें बीएनपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अंतरराष्ट्रीय मामलों की सह-सचिव रुमीन फ़रहाना भी शामिल हैं.
बीबीसी बांग्ला के मुताबिक़, बीएनपी ने निष्कासित किए गए नेताओं पर आरोप लगाया है कि वह पार्टी के फ़ैसलों का उल्लंघन कर रहे थे और स्वतंत्र रूप से संगठनात्मक गतिविधियां चला रहे थे.
पार्टी के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रुहुल कबीर रिज़वी ने मंगलवार को एक बयान में निष्कासन की घोषणा की.
निष्कासित किए गए लोगों की सूची में बीएनपी कार्यकारी समिति के सदस्य मोहम्मद गियास उद्दीन, बीएनपी नेता मोहम्मद शाह आलम, हसन मामून, अब्दुल खालिक, केंद्रीय छात्र दल के पूर्व उपाध्यक्ष और बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई कल्याण मोर्चा के महासचिव तरुण डे, ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ बीएनपी के पूर्व संयोजक सैफुल आलम, सिलहट ज़िला बीएनपी के उपाध्यक्ष मामुनुर राशिद और ब्राह्मणबारिया बंचारमपुर उपजिला बीएनपी के अध्यक्ष मेहदी हसन शामिल हैं, जिन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
नोटिस में कहा गया है कि उन्हें पार्टी के प्राथमिक सदस्यों सहित सभी स्तरों के पदों से निष्कासित कर दिया गया है.
निष्कासित किए गए कई नेता पार्टी का नामांकन हासिल किए बिना स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं.
बताया जा रहा है कि उन्हें पार्टी से इसलिए निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने पार्टी के निर्णयों के ख़िलाफ़ चुनाव में भाग लिया.
इससे पहले रुमीन फ़रहाना ने घोषणा की थी कि वह एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी और पार्टी से उन्होंने अपने इस्तीफे़ की भी घोषणा की थी.
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चुनाव आयुक्त अब्दुर रहमानेल मसूद ने कहा है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम ख़ालिदा ज़िया के निधन के कारण चुनाव कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा. बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव 12 फ़रवरी को होंगे.
अब्दुर रहमानेल मसूद ने यह बात मंगलवार को अगरगांव चुनाव भवन में पत्रकारों से कही.
चुनाव आयुक्त ने कहा, "जिन सभी सीटों पर उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है, उन सभी सीटों पर उस पार्टी के वैकल्पिक उम्मीदवारों को जगह दी गई है. इसलिए यह मामला इसी तरह सुलझ जाएगा."
रहमानेल मसूद ने कहा, "इन कारणों से, उन सीटों के लिए मतदान में कोई बदलाव नहीं करना होगा, जहां ख़ालिदा ज़िया ने अपना नामांकन दाखिल किया है."
बीबीसी बांग्ला के मुताबिक़, आगामी चुनाव में भाग लेने के लिए ख़ालिदा ज़िया बोगरा, फेनी और दिनाजपुर की तीन सीटों से नामांकन किया था.
सोमवार को नामांकन दाख़िल करने के आख़िरी दिन ख़ालिदा ज़िया की पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन सीटों के लिए नामांकन पत्र जमा किए थे.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया का 80 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया. वो काफी दिनों से बीमार थीं.
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