Indian Govt Advisory for Citizens Traveling to Iran: ईरान में महंगाई बहुत बढ़ गई है और लोगों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. इसी वजह से वहां कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. सरकार ने भारतीयों से कहा है कि वे फिलहाल ईरान की गैर जरूरी यात्रा न करें और जो लोग वहां पहले से रह रहे हैं, वे पूरी सावधानी बरतें.
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Iran News Today: ईरान में इस समय महंगाई बहुत बढ़ गई है और लोगों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. इसी वजह से वहां कई जगहों पर लोग सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. सोमवार (5 जनवरी) को सरकार ने भारतीय नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है.
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर जरुरी यात्रा से बचें. मंत्रालय ने ईरान में पहले से रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल (PIO) के लोगों से भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक और PIO उन इलाकों से दूर रहें, जहां विरोध प्रदर्शन या सभाएं हो रही हैं. साथ ही उन्हें स्थानीय हालात पर नजर रखने, समाचार माध्यमों को फॉलो करने और ईरान में स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी सूचनाओं को नियमित रूप से देखने की सलाह दी गई है.
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जो भारतीय नागरिक ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रह रहे हैं, वे भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण जरूर कराएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनसे संपर्क किया जा सके. बताया गया है कि ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर छात्र हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में शिया मुस्लिम जायरीन भी ईरान का दौरा करते हैं.
भारत की यह ट्रैवल एडवाइजरी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी प्रशासन प्रदर्शनकारियों पर सख्ती करता है, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब एक हफ्ते पहले शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक सुरक्षा कर्मियों समेत लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है. यह ईरान में पिछले तीन सालों का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है.
इतवार (4 जनवरी) को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान में पहले की तरह लोगों की हत्या शुरू होती है, तो अमेरिका इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करेगा. वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है कि उनका देश दुश्मनों के सामने नहीं झुकेगा. ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिका की किसी भी कार्रवाई के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.
हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस मामले में थोड़ा नरम रुख अपनाया है. उन्होंने आंतरिक मंत्रालय को निर्देश दिया है कि प्रदर्शनकारियों के साथ ‘संवेदनशील और जिम्मेदार’ रुख अपनाया जाना चाहिए. राष्ट्रपति ने कहा कि अवाम को ताकत के जोर पर न तो समझाया जा सकता है और न ही शांत किया जा सकता है. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के 31 में से 23 प्रांतों और कम से कम 40 शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. यह प्रदर्शन करीब एक हफ्ते पहले व्यापारियों और दुकानदारों के जरिये शुरू हुआ था, जो बाद में छात्रों और अन्य शहरों तक फैल गया.
ईरान लंबे समय से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. मार्च 2025 से देश में महंगाई दर 36 फीसदी से ऊपर बनी हुई है. इसके साथ ही ईरानी मुद्रा रियाल की डॉलर के मुकाबले कीमत लगभग आधी हो चुकी है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. हालात उस समय और बिगड़ गए, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों ने दोबारा प्रतिबंध लगाए. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी अनुमान जताया है कि ईरान को साल 2026 में मंदी का सामना करना पड़ सकता है.
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