राजीव रंजन झा,दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विष्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई सीएम साइंस कॉलेज में एक बार फिर संध्याकालीन कक्षाएं सजने वाली है। इस दिशा में पहल शुरू होने से कॉलेज प्रशासन सहित छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर है। उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के 10 महत्वपूर्ण कॉलेजों में इवनिंग कॉलेज संचालित कराए जाने की दिशा में पहल शुरू की है। इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव ने राज्यपाल सचिवालय से निर्देश मांगा है। इन 10 कॉलेजों में दरभंगा का सीएम साइंस कॉलेज भी शामिल है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को 18 जून को भेजे पत्र में उच्च शिक्षा सचिव ने उच्च स्तरीय निर्देश के आलोक में कहा है कि राज्य के 10 प्रमुख कॉलेज राज्य अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसिद्ध केंद्र रहे हैं, जहां अध्ययन-अध्यापन छात्र-छात्राओं के लिए गौरव का विषय रहा है। राज्य के छात्र-छात्राओं को इन गुणवत्तापूर्ण संस्थानों में अधिक से अधिक अध्ययन-अध्यापन का अवसर प्रदान करने के लिए इन कॉलेजों में इवनिंग कॉलेज संचालित कराए जाने की दिशा में कार्य किया जाना उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
जिन कॉलेजों में इवनिंग कॉलेज संचालन का प्रस्ताव है, उनमें पटना स्थित साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स एवं जेडी वीमेंस कॉलेज शामिल हैं। इनके अलावा मोतिहारी स्थित एमएस कॉलेज, मुजफ्फरपुर स्थित एलएस कॉलेज, भागलपुर स्थित टीएनबी कॉलेज तथा दरभंगा स्थित सीएम साइंस कॉलेज का नाम शामिल है। उच्च शिक्षा विभाग ने इन प्रमुख संस्थानों में इवनिंग कॉलेज संचालन के लिए संभाव्यता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश संबंधित विश्वविद्यालय एवं कॉलेज को देने का अनुरोध राज्यपाल सचिवालय से किया है।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस दिशा में पहल शुरू होने से सीएम साइंस कॉलेज प्रशासन एवं छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र दीपेश कुमार, रंजीता कुमारी, सपना कुमारी, मनोहर कुमार, संजीव कुमार, अजीत कुमार, श्यामानंद, बबीता कुमारी आदि ने बताया कि इस व्यवस्था का लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। विज्ञान विषयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सीएम साइंस कॉलेज पहली पसंद होता है, लेकिन सीटों की सीमित संख्या होने के कारण कई छात्र-छात्राएं यहां नामांकन से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में इवनिंग कॉलेज का संचालन ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय के जानकारों का कहना है कि इवनिंग कॉलेज का संचालन होने से सीएम साइंस कॉलेज में सीटों की संख्या दो गुनी हो जाएगी। वर्तमान में सीएम साइंस कॉलेज में जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी, रसायन शास्त्र एवं गणित में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढाई होती है। स्नातक और स्नातकोत्तर मिलाकर कुल 1650 सीटों पर नामांकन हो रहा है।
इवनिंग कॉलेज का संचालन शुरू होने पर सीटों की संख्या बढकर 3300 हो जाएगी। वर्तमान में पीजी में सभी विषयों में 72-72 सीटें उपलब्ध हैं। इवनिंग कॉलेज में भी इतने ही सीटों पर नामांकन होगा। स्नातक में गणित, भौतिकी, रसायन षास्त्र एवं जंतु विज्ञान में 268-268, जबकि वनस्पति विज्ञान में 218 सीटें उपलब्ध हैं। इतनी ही सीटें इवनिंग कॉलेज में भी होंगी। ऐसे में इस नई व्यवस्था का लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो अभी सीट के अभाव में नामांकन से वंचित रह जाते हैं।
1992 तक संध्याकालीन सत्र में होता था पठन-पाठन। सीएम साइंस कॉलेज के लिए इवनिंग कॉलेज का कॉन्सेप्ट नया नहीं है। यहां वर्ष 1992 तक संध्याकालीन सत्र में पठन-पाठन होता रहा है। उस समय तक सीएम लॉ कॉलेज सीएम साइंस कॉलेज का ही अंग था और उसका संचालन इवनिंग कॉलेज के रूप में ही होता था। हालांकि 1992 में सीएम लॉ कॉलेज को पृथक इकाई के रूप में सीएम साइंस कॉलेज से अलग कर दिया गया और तब से इवनिंग कॉलेज का संचालन बंद हो गया। 34 वर्ष के बाद एक बार फिर सीएम साइंस कॉलेज में संध्याकालीन कक्षाएं संचालित होने की संभावना बन गई है।
छात्र हित में यह पहल स्वागत योग्य है। कॉलेज के लिए भी गौरव का विषय है। इवनिंग कॉलेज का संचालन किस प्रकार होगा, यह उच्च स्तरीय मार्गनिर्देश प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
– प्रो. संजीव कुमार मिश्रा, प्रधानाचार्य, सीएम साइंस कॉलेज
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