मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ सोमवार को हुआ। आयोजन अखिल भारतीय साहित्य परिषद और राजस्थान साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। विषय है- हिंदी साहित्य में राष्ट्रीय चे
उद्घाटन विश्वविद्यालय परिसर स्थित गोल्डन जुबली गेस्ट हाउस में हुआ। मुख्य अतिथि हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलगुरु प्रो. नंदकिशोर पाण्डेय रहे। उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्र की संकल्पना सांस्कृतिक है। इसे साहित्य ने जीवित रखा। कवियों ने राष्ट्र निर्माण में शासकों से बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने जयशंकर प्रसाद और तुलसीदास के साहित्य का उदाहरण दिया।
अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने की। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य राष्ट्र, समाज और व्यक्ति के समन्वय की परंपरा है। मुख्य वक्ता प्रो. अन्नाराम शर्मा ने पश्चिमी राष्ट्र अवधारणा को चुनौती दी। उन्होंने संत साहित्य को राष्ट्रीय चेतना का आधार बताया।
विशिष्ट अतिथि विष्णु शर्मा ‘हरिहर’ ने औपनिवेशिक काल में साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक डॉ. आशीष सिसोदिया रहे। इस दौरान ‘नव सृजन’ मैग्जीन के 14वें अंक का विमोचन हुआ। पहले दिन दो सत्र आयोजित किए गए। संचालन प्रियंका रावल ने किया।
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