नैमिषारण्य में बनेगा देश का पहला पारिस्थितिकी-आध्यात्मिक पार्क, 20 करोड़ की लागत से 10 हेक्टेयर में होगा विकसित – Jagran

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सीतापुर के नैमिषारण्य में देश का पहला पारिस्थितिकी-आध्यात्मिक पार्क 'वेदारण्यम' विकसित किया जा रहा है। 20 करोड़ की लागत से 10 हेक्टेयर में बनने वाले इ …और पढ़ें
नैमिषारण्य में विकसित होगा देश का पहला पारिस्थितिकी आध्यात्मिक पार्क।
दुर्गेश द्विवेदी, सीतापुर। नैमिषारण्य को नाम के अनुरूप ही विकसित किया जा रहा है। यहां देश का पहला पारिस्थितिकी-आध्यात्मिक पार्क (‘जहां प्रकृति अनिवार्य ज्ञान से मिलती है’ की थीम) वेदारण्यम विकसित किया जाएगा। इसमें श्रद्धालु प्रकृति की पवित्रता को समझकर आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस कर सकेंगे।
इसके अलावा पर्यावरण और जीव-जंतुओं का संरक्षण होगा। करीब 20 करोड़ की लागत से करीब 10 हेक्टेयर में विकसित किया जाने वाले वेदारण्यम में विभिन्न प्रजातियों के करीब दो लाख पौधे लगाए जाएंगे।
वेदारण्यम को सबसे अनूठा बनाने के लिए वन विभाग की ओर कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें श्रद्धालुओं को पेड़, पहाड़, नदी और जीव की दिव्य उपस्थिति मिलेगी। आस्था के विस्तार के लिए ऋषि परंपरा को उकेरा जाएगा। वेदारण्यम में 30 प्रतिशत वैदिक वृक्ष तैयार किए जाएंगे।
इसमें ऋषि मंडल में शामिल पीपल, बरगद, बेल, आंवला और शमी के वृक्ष शामिल हैं। इसके अलावा प्रयाग के अक्षयवट, नासिक के पंचवट, वृंदावन के वंशीवट, गया के गयावट और उज्जैन के सिद्धवट की कलम से वटवृक्ष तैयार किए जाएंगे। शेष जमीन में वैदिककालीन ढांचा बनेंगे और औषधीय पौधे रोपे जाएंगे।
वेदारण्यम को सात जोन में बांटा गया है। पहला जोन वैदिक वृक्षों का होगा, जिसमें 1,57,500 वृक्ष होंगे। दूसरा जोन ऋषियों की जीवन शैली के अनुभव का होगा। तीसरे जोन में सूत गद्दी, ऋषि सभा, और टहलने के लिए गलियारा होगा। इसमें वैदिक ध्वनि भी बजेगी। चौथा जोन मंत्र चिकित्सा का होगा। यहां शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण के लिए मंत्रों के उपयोग का तरीका बताएगा।
पांचवां जोन आर्ट एंड इंटरप्रिटेशन हॉल का होगा। इसमें कलाकृतियों के माध्यम से श्रद्धालु वैदिक जीवन को समझ सकेंगे। छठा जोन यूथ एंड फेमिली डिस्कवरी का होगा। इसमें जंगल गेम, पुस्तकालय, वैदिककाल में दैनिक उपयोग के उपकरणों से लैस प्रयोगशाला, तितलियों से पूरित बगीचा आदि होगा। सातवें जोन में आरती प्लाजा, तालाब, झोपड़ी आदि होंगी।
वेदारण्यम को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। फिलहाल, पहले चरण के लिए छह करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं और जगह चिह्नित हो चुकी है।
देश में पारिस्थितिकी (इको) पार्क कई हैं, पारिस्थितिकी-आध्यात्मिक पार्क एक भी नहीं है। वेदारण्यम देश का पहला ऐसा पार्क होगा। इसको विकसित किए जाने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। -नवीन खंडेलवाल, डीएफओ।

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