Mamata Banerjee Protest Rally LIVE: ममता बोलीं- मुझे हमलों की आदत हो गई है, कल का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा – AajTak

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तय समय पर ही होगी सुनवाई, कोर्ट ने अस्वीकार किया ED का अनुरोध
ED ने की अर्जेंट सुनवाई की मांग
Mamata Banerjee News: कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी रेड पर सुनवाई के दौरान भीड़ और जबरदस्त हंगामा, टली सुनवाई
ED Raids IPAC Office: बीजेपी ने बंगाल गवर्नर को लिखी चिट्ठी, ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग 
ED vs Mamata Banerjee LIVE: कलकत्ता हाई कोर्ट दोपहर 2:30 बजे ED की याचिका पर सुनवाई करेगा
ED Raids IPAC Office: सोशल मीडिया पोस्ट में अमित शाह पर TMC का तंज 
Mamata Banerjee Protest Rally: ‘चुनावी फायदा उठाने की कोशिश’, टीएमसी के प्रोटेस्ट पर बोले अधीर रंजन
ED vs Mamata Banerjee LIVE: दिल्ली में प्रोटेस्ट कर रहे TMC सांसदों को फिर से हिरासत में लिया गया
Mamata Banerjee Protest Rally LIVE: कोलकाता में टीएमसी का प्रोटेस्ट शुरू
ED vs Mamata Banerjee: कोर्ट में दायर याचिका में ईडी ने क्या कहा?
ED vs Mamata Banerjee LIVE: संसद मार्ग थाने से निकले TMC सांसद
Mamata Banerjee Protest Rally: ‘प्रदर्शनकारियों को जेल, बलात्कारियों को ज़मानत…’, TMC नेता का मोदी सरकार पर तंज
Mamata Banerjee Protest Rally LIVE: ‘बंगाल झुकेगा नहीं…’, दिल्ली में टीएमसी नेताओं का हल्लाबोल
ED vs Mamata Banerjee LIVE: दिल्ली में होम मिनिस्ट्री के बाहर प्रदर्शन कर रहे TMC सांसद पुलिस हिरासत में
Mamata Banerjee News: कोलकाता में ED के खिलाफ 2 एफआईआर 
West Bengal Assembly Election 2026: ED रेड को लेकर कांग्रेस ने की आलोचना 
ED vs Mamata Banerjee LIVE: आज सड़कों पर उतरेंगी ममता बनर्जी
ED vs Mamata Banerjee LIVE Updates: पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है. गुरुवार को, कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी और इलेक्शन मैनेजमेंट कंपनी I-PAC के दफ्तर में ईडी ने छापा मारा. इस दौरान सीएम ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं और इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. बंगाल में ईडी के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज किया गया है.
इसके साथ ही, मामला कोर्ट भी पहुंच गया है. TMC ने कोर्ट से ED की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने और पार्टी के सभी गोपनीय दस्तावेज़ तुरंत वापस करने के निर्देश देने की मांग की है. इससे पहले दिन में, ED ने एक याचिका दायर की और दावा किया कि ये छापे ‘बंगाल कोयला खनन’ घोटाले से जुड़े थे और ममता पर आधिकारिक जांच में ‘बाधा डालने’ का आरोप लगाया है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ ममता बनर्जी ने आज यानी शुक्रवार को विरोध मार्च निकाला. उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और चुनावों से पहले TMC को डराने की कोशिश बताया. बंगाल कांग्रेस ने भी ईडी की छापेमारी का विरोध किया है. विपक्ष आए दिनों यह आरोप लगाता रहता है कि मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए उनके नेताओं को जानबूझकर और चुन-चुनकर निशाना बना रही हैं. 
पश्चिम बंगाल में मचे सियासी घमासान से जुड़े हर अपडेट के लिए इस LIVE ब्लॉग पर बने रहें.
कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting CJ) जस्टिस सुजय पाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें ED बनाम पश्चिम बंगाल सरकार मामले की सुनवाई की तारीख पहले करने की मांग की गई थी. राज्य सरकार की ओर से पेश वकील अर्का नाग और ED के वकील धीरज त्रिवेदी के अनुसार, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को इस संबंध में ईमेल के जरिए अनुरोध प्राप्त हुआ था. इसके बाद जस्टिस सुजय पाल ने दोनों पक्षों के साथ बैठक की और यह स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई तय तारीख 14 जनवरी को ही होगी, उससे पहले नहीं.

ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से आज ही अर्जेंट सुनवाई के लिए संपर्क किया है. चीफ जस्टिस ने ED से रिक्वेस्ट के साथ एक ईमेल भेजने को कहा है और आश्वस्त किया है कि वह इस पर विचार करेंगे. (इनपुट- सृष्टि ओझा)
TMC और ED से जुड़े एक मामले की सुनवाई भीड़ ज़्यादा होने की वजह से अफरा-तफरी मच गई. ऐसे में हाई कोर्ट ने 14 जनवरी तक के लिए सुनवाई टाल दी गई. जस्टिस शुभ्रा घोष के केस से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी लोगों से बाहर जाने के अनुरोध के बावजूद कोर्टरूम वकीलों से खचाखच भरा हुआ था. तनाव बढ़ने पर, जज ने हंगामे वाली स्थिति का हवाला देते हुए बिना सुनवाई किए ही कोर्टरूम छोड़ दिया.
 
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल के गवर्नर सी.वी. आनंद बोस को चिट्ठी लिखी है. पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ईडी रेड के दौरान पहुंचने को ‘असंवैधानिक व्यवहार’ और एक लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी द्वारा सही प्रक्रिया के दौरान राज्य पुलिस मशीनरी के कथित दुरुपयोग करार दिया है. बीजेपी ने राज्यपाल से मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है,
चिट्ठी में लिखा गया, “सबसे परेशान करने वाली बात यह थी कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री खुद एक एक्टिव लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी की रेड वाली जगह पर पहुंच गईं. एक मुख्यमंत्री कब से अदालतों के ज़रिए समाधान ढूंढने के बजाय सड़कों पर जांच एजेंसियों का सामना करने लगी हैं? मकसद सच को दबाना है.”
कलकत्ता हाई कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर तलाशी के दौरान दखलअंदाजी की गई.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ED की छापेमारी के बीच I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और उनके ऑफिस पहुंचीं, और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी दस्तावेज़ों को ज़ब्त करने की कोशिश कर रही है.
अमित शाह पर तंज कसते हुए, तृणमूल कांग्रेस ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें एक कार्टून दिखाया गया है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, अभिषेक बनर्जी की रैली में भारी भीड़ से डर रहे हैं और फिर उनके ऑफिस पर छापा मारने के लिए ED को फोन कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पोस्ट में टीएमसी ने लिखा, “जब जब अमित शाह डरता है, ED को आगे करता है.” 

दिल्ली में TMC के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “शायद उनकी (TMC) पार्टी के कुछ सांसद अभी भी दिल्ली में हैं. कल की घटना के बाद उन्हें लगा कि उन्हें विरोध प्रदर्शन करना चाहिए. मेरा सवाल यह है कि जब बंगाल के प्रवासी मज़दूर भारत के अलग-अलग हिस्सों में काम करने जाते हैं और बांग्लादेशी होने के बहाने उन पर हमला होता है, जिससे उन्हें भागने पर मजबूर होना पड़ता है, तो हमने TMC पार्टी की तरफ से संसद के अंदर या बाहर कोई विरोध प्रदर्शन नहीं देखा.” 
चौधरी ने आगे कहा कि ED ने कार्रवाई की है, तो उन्हें लगता है कि उन्हें विरोध करना चाहिए. इसे सिर्फ चुनावी फायदा उठाने की कोशिश ही कहा जा सकता है.
#WATCH | Delhi | On TMC’s protest in Delhi, Congress leader Adhir Ranjan Chowdhury says, “Perhaps a few of their (TMC) party MPs are still in Delhi. After yesterday’s incident, they felt they should stage a protest. My question is, when migrant workers from Bengal go to work in… pic.twitter.com/VCI2SnfrwH
 
TMC सांसदों को फिर से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अंदर ले जाया गया है. उन्हें थाने के अंदर रखा गया है. सिर्फ महुआ मोइत्रा थाने से बाहर हैं, बाकी प्रोटेस्ट कर रहे सभी सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी प्रोटेस्ट शुरू कर दिया है. गुरुवार को कोलकाता स्थित टीएमसी की चुनावी रणनीति की जिम्मेदारी संभालने वाले I-PAC के दफ्तर पर ईडी की रेड के बाद नया बवाल शुरू हो गया है. 
कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ याचिका दायर की है. ईडी ने पुलिस पर ‘अधिकार का दुरुपयोग’ करने का आरोप लगाया है. ईडी ने अपनी याचिका में कहा, “बंगाल पुलिस CM ममता बनर्जी के साथ मिलकर कानून की खुलेआम अवहेलना कर रही है.”
ईडी ने कहा कि डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज़ों की जबरन चोरी और अवैध रूप से हटाया गया. तलाशी में दखल देना और ईडी अधिकारियों को गरत तरीके से रोकना अपने आप में अवैध और असंवैधानिक है.
 
दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर टीएमसी सांसदों ने प्रोटेस्ट किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था. टीएमसी सांसदों को संसद मार्ग थाने में रखा गया था, अब उन्हें छोड़ दिया गया है.
 
दिल्ली में टीएमसी के प्रोटेस्ट के दौरान नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद टीएमसी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “लोकतंत्र को सज़ा दी जाती है. अपराधियों को इनाम दिया जाता है. एजेंसियों को हथियार बनाया जाता है. चुनावों में हेरफेर किया जाता है. प्रदर्शनकारियों को जेल भेजो. बलात्कारियों को ज़मानत दो… यह बीजेपी का नए भारत का वर्जन है.”
उन्होंने आगे कहा कि भले ही बाकी देश को सरेंडर करने के लिए मजबूर किया जाए, बंगाल विरोध करेगा. हम आपसे पूरी ताकत से लड़ेंगे और आपको हराएंगे, चाहे आप कितनी भी ताकत लगा लें.
 
दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर टीएमसी के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. टीएमसी के सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट में अमित शाह को संबोधित करते हुए लिखा गया, “यह किस तरह का घमंड है?”
टीएमसी ने लिखा, “क्या अब आप लोकतंत्र को कुचलने के लिए अपने दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल चुने हुए प्रतिनिधियों पर हमला करने के लिए कर रहे हैं? क्या आपके भारत में असहमति को इसी तरह चुप कराया जाता है? मान लीजिए कि आप घबराए हुए हैं!”
पोस्ट में आगे टीएमसी ने कहा, “पहले, ED का बेशर्मी से गलत इस्तेमाल. अब, हमारे आठ सांसदों के शांतिपूर्ण धरने पर हमला. यह बेचैनी आपके डर को दिखाती है. आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन बंगाल झुकेगा नहीं. आप पर और आपकी पुलिस पर शर्म आती है! जितना भी हमला करो. फिर से जीतेगा बंगाल”
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कोलकाता में IPAC दफ्तर पर ईडी की छापेमारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की. डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आज़ाद और डॉ. शर्मिला सरकार गृह मंत्रालय के बाहर धरना दे रहे थे. दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया है.
Amit Shah’s cops dragging us @AITCofficial MPs in police vans to police station. Bring in on BJP Bengans – you’ll be eaten by the Bengal Tigress @MamataOfficial pic.twitter.com/6JQmLQ7M15
 
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ खुद शिकायत दर्ज कराई है. यह कार्रवाई प्रतीक जैन के घर पर ED की रेड के बाद हुई, जिसके बाद शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. मुख्यमंत्री द्वारा दर्ज किए गए पहले मामले में चोरी, आपराधिक घुसपैठ और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की चोरी के आरोप शामिल हैं.
दूसरा मामला पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को काम करने से रोकने और गलत तरीके से हिरासत में रखने के आरोप लगाए गए हैं. खास बात यह है कि दोनों मामले अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं, और किसी भी FIR में किसी खास ED अधिकारी का नाम नहीं लिया गया है.
(इनपुट- तपस)
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कोलकाता में IPAC ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी पर टिप्पणी करते हुए, पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस कार्रवाई के समय पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है. शुभंकर ने कहा कि इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी पिछले 10 सालों से बंगाल में काम कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव से ठीक पहले ही छापेमारी क्यों की गई.
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तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ विरोध मार्च करेंगी. TMC को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी देने के अलावा, I-PAC पार्टी के IT और मीडिया ऑपरेशंस भी मैनेज करती है.
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