संभल: जामा मस्जिद के सामने खाली जमीन पर कश्यप समाज का दावा, पुलिस चौकी के पास धार्मिक अनुष्ठान की मांग – Aaj Tak

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उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कश्यप समाज ने जामा मस्जिद के सामने स्थित खाली जमीन को लेकर बड़ा दावा किया है. समाज के लोगों का कहना है कि इस स्थान पर पहले उनका देवस्थान और एक आंवले का पेड़ था, जिसकी पूजा वे वर्षों से करते आ रहे थे. उनका आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने इस स्थल को हटाकर वहां स्थित आंवले के पेड़ को भी काट दिया. अब वे मांग कर रहे हैं कि इस स्थान को पुनः स्थापित कर धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दी जाए.
दरअसल, संभल की जामा मस्जिद के ठीक सामने 5 मीटर की दूरी पर 300 वर्ग मीटर खाली जगह पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य चल रहा है. लेकिन इसी बीच कश्यप समाज के हिंदू समुदाय के लोगों ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन पुलिस चौकी से सटी खाली जगह को लेकर बड़ा दावा किया है और एएसपी श्रीशचंद्र को ज्ञापन सौंपा है. 
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एएसपी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि घर के पश्चिम दिशा में हमारे समाज का मंदिर है और हमारा समाज लगातार इस स्थान पर मंदिर की पूजा करता आ रहा है. इस स्थान पर आंवाला का पेड़ भी लगा हुआ था, जिसकी नवमी पर पूजा होती थी. इसके अलावा यह स्थान पृथ्वीराज चौहान की होली के नाम से भी प्रसिद्ध है. लेकिन उस मंदिर को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया और इसके अलावा आंवले के पेड़ को भी काट दिया. 
धार्मिक अनुष्ठान की बहाली की मांग
इसी ज्ञापन में कहा गया है कि जब भी हमारे समाज के लोग वहां पूजा करने जाते हैं, तो असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें भगा दिया जाता है और वह स्थान अब टीले में तब्दील हो चुका है. कश्यप समाज के लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों ने इस जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए हैं और फर्जी डीड भी तैयार कर ली है. इसलिए कश्यप समाज के धार्मिक अनुष्ठान पहले की तरह शुरू किए जाएं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
आंवले के पेड़ की पूजा करने देने की अपील
इसी मांग को लेकर कश्यप समाज के लोगों ने निर्माणाधीन पुलिस चौकी से सटी खाली जगह पर एएसपी को ज्ञापन सौंपा है. जामा मस्जिद के सामने खाली जगह पर पहले कश्यप समाज का मंदिर हुआ करता था और आंवले का पेड़ लगा हुआ था. ‘आजतक’ से बातचीत के दौरान यह दावा करने वाले लोगों ने बताया कि इस जगह पर हमारे देवी का मठ बना हुआ था और यहां आंवले का पेड़ लगा हुआ था और हमारे पूर्वज भी यहां पूजा-अर्चना करते थे. लेकिन अब इसे इन लोगों ने यहां से हटा दिया है और अब ये लोग हमें यहां पूजा-अर्चना भी नहीं करने देते हैं. इसलिए अब हम चाहते हैं कि यहां पहले की तरह पूजा-अर्चना हो.
प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया
कश्यप समाज के हिमांशु कश्यप ने बताया कि इस जगह पर पृथ्वीराज चौहान की होली मनाई जाती थी और यहां आंवले का पेड़ लगाया गया था. उस वृक्ष की पूजा कश्यप समाज द्वारा की जाती थी और पृथ्वीराज चौहान स्वयं कुएं से जल लेकर उस वृक्ष की पूजा करते थे, लेकिन उस वृक्ष को काट दिया गया और यहां पर हमारी देवी का स्थान भी तोड़ दिया गया, लेकिन अब हमारी मांग है कि उस स्थान को यहां पुनः स्थापित किया जाए और धार्मिक अनुष्ठान फिर से शुरू किए जाएं. फिलहाल, प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया है.
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