बजट पेश होने के बाद आज यानी 1 फरवरी को शेयर बाजार में गिरावट है। सेंसेक्स 1600 अंक गिरकर 80,600 और निफ्टी करीब 550 अंक गिरकर 24,800 के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है।
सरकार ने फ्यूचर्स पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया। ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर भी STT को बढ़ाकर 0.15% कर दिया। इस वजह से ही बाजार में गिरावट आई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में गिरावट और सिर्फ 2 में तेजी है। BEL, SBI और NTPC के शेयर में 4% तक की गिरावट है। निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरे हैं।
सरकारी बैंक सेक्टर में सबसे ज्यादा 4% की गिरावट है। मेटल, मीडिया, FMCG, IT, मीडिया, फार्मा, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी समेत सभी सेक्टर में गिरावट है।
सरकार ने STT यानी वह टैक्स जो शेयर बाजार में लेन-देन पर लगता है, उसे बढ़ा दिया है…
इसका निवेशकों पर क्या असर होगा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि फ्यूचर्स पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया है। इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। खासकर स्टॉक एक्सचेंज और ब्रोकिंग फर्म के शेयर्स 10% तक गिर गए।
STT क्या है?: STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स एक तरह का डायरेक्ट टैक्स है जो शेयर बाजार में होने वाली हर खरीद-बिक्री पर लगता है। यह टैक्स आपको तब भी देना पड़ता है जब आपको घाटा हो रहा हो। यह सीधे आपके ट्रांजैक्शन वैल्यू पर कटता है और स्टॉक एक्सचेंज इसे सरकार के पास जमा कर देता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 के लिए कैपेक्स का टारगेट बढ़ाया है। वित्त वर्ष यानी 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है। 2025-26 में यह 11.2 लाख करोड़ रुपए था। वहीं 2014-15 में पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर महज 2 लाख करोड़ रुपए था।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि इससे विकास की रफ्तार बरकरार रहेगी और इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
एक्सपर्ट्स निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे इस समय क्वालिटी शेयरों पर ध्यान दें। बजट से जुड़े सेक्टर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और रेलवे के शेयरों में हलचल तेज रह सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेश के लिए लार्जकैप कंपनियों को प्राथमिकता देना सही स्ट्रेटेजी हो सकती है।
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि जब तक बजट पेश नहीं हो जाता, बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। प्रॉफिट बुकिंग के चलते बीच-बीच में गिरावट आ सकती है, लेकिन हर गिरावट पर खरीदारी के मौके भी बन रहे हैं। निवेशकों की नजर अब पूरी तरह से सरकार के पॉलिसी फैसलों पर टिकी है।
बाजार को ऊपर ले जाने में बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों का बड़ा हाथ रहा। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों में आई तेजी ने इंडेक्स को मजबूती दी। दूसरी ओर, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी खरीदारी का मूड दिखा, जिससे ब्रॉडर मार्केट में सेंटिमेंट पॉजिटिव बना रहा।
आज सुबह बाजार की शुरुआत सुस्त रही थी, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, दिग्गज शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स ने अपने निचले स्तर से शानदार वापसी की। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले बजट में सरकार कुछ बड़े रिफॉर्म्स या टैक्स राहत का ऐलान कर सकती है, जिससे इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा। इसी ‘बजट ऑप्टिमिज्म’ की वजह से बाजार में लिवाली लौटी है।
इससे पहले शेयर बाजार प्री ओपन में तेजी के साथ खुला था। सेंसेक्स 120 अंक की तेजी के साथ 82,388 के स्तर पर खुला। निफ्टी में भी 55 अंक की तेजी रही, ये 25,375 के स्तर पर खुला था।
विदेशी निवेशकों (FII) ने 30 जनवरी को ₹601 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,251 करोड़ की खरीदारी की थी।
दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान बाजार को संभाल रहे DIIs ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदे थे।
30 जनवरी यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 296 अंक (0.36%) गिरकर 82,269 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 98 अंक (0.39%) की गिरावट रही थी, ये 25,320 पर बंद हुआ था।
हर साल की तरह इस बार भी 1 फरवरी को 11 बजे से देश का आम बजट पेश किया जाएगा। हालांकि, इस बार 1 फरवरी को रविवार है, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सर्कुलर जारी कर इसकी जानकारी दी थी। एक्सचेंज के मुताबिक, बजट के दिन निवेशक और ट्रेडर्स बाजार की प्रतिक्रिया देख सकें, इसलिए रविवार को स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखने का फैसला किया गया है।
आमतौर पर बजट के दिन शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव (वॉलेटिलिटी) देखने को मिलती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे बजट भाषण शुरू करेंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में होने वाले बड़े ऐलानों पर निवेशक तुरंत रिएक्ट करते हैं।
अगर रविवार को बाजार बंद रहता, तो सोमवार को बाजार खुलने पर बहुत बड़ा गैप-अप या गैप-डाउन देखने को मिल सकता था। रविवार को बाजार खुला रहने से निवेशकों को अपनी पोजीशन मैनेज करने का मौका मिलेगा।
भारत के संसदीय इतिहास में यह एक दुर्लभ मौका है जब बजट रविवार को पेश हो रहा है और बाजार भी खुला है। इससे पहले 2025 और 2015 में बजट शनिवार को पेश हुआ था, तब भी बाजारों में विशेष सत्र का आयोजन किया गया था।
साल 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे किया था, तब से यही परंपरा चली आ रही है।
एक्सचेंज ने साफ किया है कि रविवार को बाजार जरूर खुला है, लेकिन कुछ सर्विसेज बंद रहेंगी। सर्कुलर के मुताबिक, 1 फरवरी को ‘T+0 सेटलमेंट’ (उसी दिन शेयर सेटल होना) और ‘ऑक्शन सेशन’ आयोजित नहीं किया जाएगा। चूंकि बैंकों में रविवार की छुट्टी हो सकती है, इसलिए फंड के सेटलमेंट की प्रोसेस अगले वर्किंग डे पर पूरी की जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस साल अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। इस बार के बजट से मिडिल क्लास को टैक्स स्लैब में बदलाव और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़े आवंटन की उम्मीदें हैं।
संडे को बजट क्यों?
पहले बजट फरवरी के आखिरी वर्किंग डे पर आता था। 2017 में अरुण जेटली ने इसे 1 फरवरी कर दिया ताकि नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल) से पहले योजनाएं लागू हो सकें। इस बार 1 फरवरी को संडे है, लेकिन सरकार ने तारीख नहीं बदली।
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