'भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था', मुंबई पहुंचने के बाद बोले कनाडाई पीएम कार्नी – AajTak

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चार दिवसीय भारत दौरे पर शुक्रवार को मुंबई पहुंचे. अपने इस दौरे के दौरान वह कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों और वित्तीय विशेषज्ञों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह रविवार को मुंबई से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे और सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. बताया जा रहा है कि कार्नी के इस दौरा का मुख्य उद्देश्य साल 2023 के राजनयिक विवाद के बाद दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को दोबारा पटरी पर लाना है.

भारत पहुंचे के बाद मार्क कानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भारत का दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है. हम मुंबई पहुंच चुके हैं, जहां हम बिजनेस लीडर्स से मिलेंगे और ऐसी साझेदारियां बनाएंगे जो कनाडाई श्रमिकों और व्यवसायों के लिए नए अवसर खोलेंगी.’

अधिकारियों ने बताया कि कनाडा के पीएम कार्नी उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई पहुंचे, जहां वह शीर्ष भारतीय और कनाडाई कॉर्पोरेट नेताओं, वित्तीय विशेषज्ञों और इनोवेटर्स से मुलाकात करेंगे.
PM मोदी संग द्विपक्षीय वार्ता

अधिकारियों ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री कार्नी रविवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे और सोमवार को अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी से विस्तृत बातचीत करेंगे. दोनों नेता भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भी शामिल होंगे.

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि यह यात्रा भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों के सामान्यीकरण के महत्वपूर्ण चरण में हो रही है. दोनों नेता जून और नवंबर में कानानास्किस और जोहान्सबर्ग में हुई पिछली बैठकों के आधार पर रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे.

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘ये दौरा भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों के सामान्यीकरण के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रहा है.’

बताया जा रहा है कि कनाडाई नेता की ये यात्रा मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है, 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संभावित भारतीय संलिप्तता के आरोपों के बाद भारत-कनाडा संबंध बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे.

वहीं, भारत ने ट्रूडो के आरोप को बेतुका बताकर खारिज कर दिया था. अक्टूबर 2024 में ओटावा द्वारा निज्जर मामले से उन्हें जोड़ने की कोशिश के बाद भारत ने अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था. इसके बाद भारत ने भी उतने ही कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था.
भारत-कनाडा के रिश्तों में सुधार

हालांकि, पिछले साल अप्रैल में हुए संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता कार्नी की जीत ने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की प्रक्रिया शुरू करने में मदद की और पिछले कुछ महीनों में भारत और कनाडा ने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं.

इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की राजधानियों में अपने उच्चायुक्तों को तैनात कर दिया है. पिछले साल जून में प्रधानमंत्री मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए कनाडा के कनानास्किस द्वीप समूह गए थे, जहां पीएम मोदी और कार्नी ने शिखर सम्मेलन के दौरान संबंधों को फिर से मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक बातचीत की.
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