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मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह समीक्षा खाड़ी क्षेत्र के कई हवाई …और पढ़ें
एअर इंडिया-इंडिगो ने खाड़ी देशों की कई उड़ानें रद की (फोटो- रॉयटर)
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने एहतियातन कदम उठाते हुए देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों को अलर्ट मोड पर रखा है।
संभावित उड़ान डायवर्जन और अनियोजित लैंडिंग की आशंका को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) और निजी हवाईअड्डा संचालकों को ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग बे, इमिग्रेशन सहायता तथा क्रू लॉजिस्टिक्स सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ और तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को असुविधा न हो।
उक्त निर्देश नई दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में दिए गए। नायडू ने ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद पैदा हुई अस्थिर स्थिति और उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई संचालन पर संभावित प्रभाव को देखते हुए मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, एयरपोर्ट प्राधिकरण (एएआइ), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), विभिन्न एयरलाइन आपरेटरों और देश के प्रमुख हवाईअड्डा संचालकों के साथ बैठक की।
मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह समीक्षा खाड़ी क्षेत्र के कई हवाई अड्डों के बंद होने, हवाई मार्ग को बंद किए जाने और एयर इंडिया व इंडिगो जैसी घरेलू एयरलाइनों की फ्लाइटों को रद किए जाने की सूचना के बाद की गई है।
बैठक में विशेष रूप से मध्य-पूर्व के कई हिस्सों में जारी एयरस्पेस प्रतिबंधों और उड्डयन सेक्टर में असामान्य स्थिति में जारी होने वाले नोटिस (नोटाम) के मद्देनजर उपजी स्थिति पर विमर्श किया गया है।
इस हालात में किस तरह से दूसरी एयरलाइनों व हवाई अड्डों के बीच समन्वय स्थापित हो, उड़ानों की निरंतरता बनाई रखी जाए और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, इस बारे में उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया गया।
मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय सेवाएं संचालित करने वाली भारतीय एयरलाइनों को संबंधित देशों द्वारा जारी एयरस्पेस एडवाइजरी और नोटाम पर लगातार नजर रखने को कहा है। जरूरत पड़ने पर वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकाल के तहत उड़ानों को री-रूट या डायवर्ट करने के लिए कहा गया है। डीजीसीए को भी क्रू ड्यूटी टाइम लिमिटेशन और सुरक्षा नियमों के अनुपालन की सख्त निगरानी करने को कहा गया है।
तनावपूर्ण हालात के बीच एअर इंडिया और इंडिगो ने खाड़ी देशों के लिए अपनी कई उड़ानों को रद या स्थगित करने की घोषणा की है। एयरलाइनों ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है और स्थिति सामान्य होने पर सेवाएं बहाल की जाएंगी। एअर इंडिया की एक उड़ान, जो तेल अवीव (इजरायल) के लिए रवाना हुई थी, को रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।
एअर इंडिया ने अपने बयान में कहा – पश्चिम एशिया में उभरती सुरक्षा स्थिति और एयरस्पेस प्रतिबंधों के मद्देनजर एहतियातन उड़ान को सुरक्षित रूप से अपने प्रस्थान हवाईअड्डे पर वापस लाया गया। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा विकल्प या पूर्ण रिफंड की सुविधा दी जा रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइनों से नियमित संपर्क में रहें और यात्रा से पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि अवश्य करें। एयरलाइनों को भी निर्देश दिया गया है कि वे देरी, री-रूटिंग या कैंसिलेशन की सूचना समय पर यात्रियों तक पहुंचाएं।
ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाए हैं। इसका असर दुनिया की अन्य प्रमुख एयरलाइनों की तरह भारतीय एयरलाइन सेक्टर पर भी पड़ सकता है। लंबी दूरी की उड़ानों के री-रूट होने से ईंधन लागत, उड़ान अवधि और परिचालन खर्च बढ़ सकते हैं।
साथ ही घरेलू उड़ान शेड्यूल पर भी असर पड़ने की आशंका है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि वह विदेश मंत्रालय के साथ भी लगातार संपर्क में है ताकि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों या भारतीय विमानों से जुड़े किसी भी आकस्मिक मामले में समन्वित कार्रवाई की जा सके।
प्रेट्र के अनुसार, लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से भी पश्चिम एशिया को जाने वाली उड़ानें रद कर दी हैं। वहीं, फ्रांस की एयरलाइंस एयर फ्रांस ने एक मार्च तक के लिए तेल अवीव, बेरूत, दुबई और रियाद जाने वाली सभी उड़ानें रद कर दी हैं।
फ्लाइट रडार 24 के अनुसार, हमले शुरू होने के बाद काजान से दुबई जा रही फ्लाइट को बाकू की तरफ मोड़ दिया गया, जबकि शारजाह से मास्को जाने वाली उड़ान को पाक के रास्ते गंतव्य की ओर भेजा गया। इसके अलावा दुबई से सैन फ्रांसिस्को उड़ान को अफगानिस्तान और पाकिस्तान की तरफ से रवाना किया गया।