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ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हवाई हमले में मौत हो गई है. इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया है. सरकारी मीडिया के मुताबिक 28 फरवरी को तेहरान में हुए हवाई हमले के दौरान अली खामेनेई के दफ्तर को निशाना बनाया गया. उसी हमले में 86 साल के खामेनेई की जान चली गई. सरकार ने कहा है कि यह हमला खास तौर पर सरकारी ठिकानों पर किया गया था.
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इस घटना के बाद ईरान में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है. साथ ही सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी भी घोषित की गई है. देश भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बड़े शहरों और सरकारी इमारतों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में मशहद शहर में हुआ था. उन्होंने धार्मिक माहौल में शिक्षा पाई. ईरान और इराक के युद्ध के आखिरी दौर में उन्होंने रिवोल्यूशनरी गार्ड में भी काम किया था. वे लंबे समय से अपने पिता के करीबी माने जाते थे. कहा जाता है कि वे पर्दे के पीछे रहकर कई बड़े फैसलों में भूमिका निभाते थे.
हालांकि उन्होंने कभी कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन वे अपने पिता के भरोसेमंद सलाहकार थे. सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं.
2009 में चर्चा में आए थे मोजतबा खामेनेई
साल 2009 में हुए विरोध प्रदर्शनों के समय भी उनका नाम चर्चा में आया था. कुछ लोगों का आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शन को सख्ती से दबाने में भूमिका निभाई.
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अब उनके सर्वोच्च नेता बनने के बाद देश में नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है. 1979 की क्रांति के समय वंश के आधार पर सत्ता देने का विरोध किया गया था. इसलिए कुछ लोग उनके चयन पर सवाल उठा रहे हैं.
फिलहाल सैन्य समर्थन के कारण मोजतबा खामेनेई को मजबूत नेता माना जा रहा है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि उनका नेतृत्व देश को किस दिशा में लेकर जाता है.
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