HMPV Virus Live Updates: दुनिया भर में HMPV संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. भारत में भी अब तक 5 मामले सामने आए हैं. इसमें दो मामले कर्नाटक, दो तमिलनाडु और एक गुजरात से सामने आए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इन मामलों को लेकर कहा है कि ये वायरस नए नहीं है, बल्कि साल 2001 से ये वायरस अस्तित्व में हैं. जेपी नड्डा ने कहा कि वायरस को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है और स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार मामलों की निगरानी कर रही है.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हेल्थ एक्सपर्ट ने स्पष्ट किया है की ये वायरस नया नहीं है, इसकी पहचान 2001 में हुई थी. ये विशेष रूप से सर्दी और बसंत के शुरूआती महीनों में देखा जाता है. चीन सहित पड़ोसी देश ने निगरानी रखी है. WHO जल्दी ही रिपोर्ट हमसे साझा करेगा. भारत में किसी भी रेस्पिरेटरी समस्या की वृद्धि नहीं देखी गई है. देश का हेल्थ सिस्टम किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है. स्वास्थ्य विभाग इन सब पर नजर रखेगा.”
उन्होंने कहा, ”हालिया रिपोर्टों के आधार पर चीन में HMPV के मामले सामने आए हैं. इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र चीन के साथ-साथ पड़ोसी देशों में भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं.”
दुनिया भर में फैल रहा वायरस
चीन में इस वायरस के प्रसार की खबरें आई थीं. कहा जा रहा है कि चीन की अस्पतालों में मरीज की लंबी कतारें लगी हैं. वहीं मलेशिया, सिंगापुर, हांगकांग जैसे देशों में भी इस वायरस के मामले सामने आए हैं. रिपोर्टों से पता चलता है कि कुछ क्षेत्रों में अस्पताल अत्यधिक व्यस्त हैं, लेकिन चीनी अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आपातकाल की स्थिति घोषित नहीं की है.
क्या है HMPV संक्रमण?
HMPV न्यूमोविरिडे फैमिली का वायरस है. इसे 2001 में खोजा गया था. यह एक श्वसन वायरस है जो आम तौर पर सांस संबंधी संक्रमण का कारण बनता है, जिसके लक्षण सामान्य सर्दी या फ्लू जैसे होते हैं. इसके साथ ही इन्फ्लूएंजा ए, माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया और कोविड-19 जैसी अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों में भी वृद्धि देखी जा रही है.
HMPV संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के बीच तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी दामोदर राजनरसिम्हा ने कहा कि राज्य सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, “तेलंगाना सरकार HMPV पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.”
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जनता को आश्वस्त किया है कि कुछ राज्यों में कुछ मामले सामने आने के बावजूद ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के बारे में चिंता करने की बात नहीं है. उन्होंने कहा एहतियात के तौर पर राजस्थान के चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारी चल रही है. इस बीच स्वास्थ्य विभाग HMPV सहित संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है. अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सभी आवश्यक स्वास्थ्य प्रबंधन उपायों को लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और सलाहकारों के लिए नियमित संचार और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अच्छी तरह से तैयार हैं. जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित किया जा रहा है.
हर 12 साल में आयोजित होने वाले महाकुंभ में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक लगभग 45 करोड़ भक्तों की भारी भीड़ आने की उम्मीद है. उपस्थित लोगों की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करने के लिए, जिला प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है. इससे पहले आनंद अखाड़े की पेशवाई शोभायात्रा ने महाकुंभ मेला परिसर में भव्य प्रवेश किया. बाघंबरी मठ के पास आनंद अखाड़ा परिसर से शुरू हुई ‘शोभा यात्रा’ में हजारों साधु-संतों ने हाथियों, घोड़ों और रथों की सवारी की और साथ ही ढोल और तुरही की आवाज के साथ उत्सव की जीवंत शुरुआत हुई.
भारत में HMPV वायरस के 5 मामले सामने आए हैं. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा है कि ये वायरस नया नहीं है और इससे कोई परेशानी की बात नहीं है. उन्होंने कहा, “यह मुख्य रूप से सर्दियों और वसंत ऋतु की शुरुआत में फैलता है. भारत में इस वायरस के मामलों में किसी भी वृद्धि की पुष्टि नहीं हुई है. फिर भी, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, ICMR और NCDC स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं.”