एक अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स, फ़ास्टैग, सैलेरी, रेलवे टिकट सहित ये 8 नियम – BBC

इमेज स्रोत, Getty Images
हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में देश में कुछ नियमों में बदलाव होते हैं और इस साल भी ऐसा ही होगा.
कल यानी 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स, टेक होम सैलरी, रेलवे टिकट, फास्टैग और क्रेडिट स्कोर से जुड़ी कुछ व्यवस्थाओं के नियम बदलेंगे, जिनका असर आम लोगों पर पड़ेगा.
यहां उन आठ बातों का ज़िक्र किया जा रहा है, जिनमें 1 अप्रैल से नए नियम लागू होंगे.
इमेज स्रोत, Getty Images
सबसे पहले बात इनकम टैक्स की. आईटीआर दाख़िल करने के नियमों में बदलाव होगा.
1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू होने जा रहा है, जो 1961 के पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा.
1 अप्रैल से गैर ऑडिट करदाताओं के लिए ITR 3 और ITR 4 दाख़िल करने की तारीख़ बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है.
भारत में अब तक पुरानी टैक्स प्रणाली में दो अलग-अलग वर्ष होते थे.
एक वित्तीय वर्ष (जिस वर्ष आय अर्जित की गई) और दूसरा आकलन वर्ष (जिस वर्ष रिटर्न दाख़िल किया जाता था), जिससे काफ़ी भ्रम पैदा होता था.
समाप्त
अब नए इनकम टैक्स एक्ट में इन दोनों को ख़त्म कर केवल टैक्स वर्ष रखा गया है.
यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा.
इमेज स्रोत, Getty Images
1 अप्रैल से चार नए श्रम संहिता (लेबर कोड) भी लागू हो सकते हैं. अब कंपनियों के लिए कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा बेसिक पे के रूप में रखना अनिवार्य किया गया है.
अगर आपकी बेसिक सैलरी कुल वेतन से 50 फ़ीसदी कम है तो इससे आपके प्रॉविडेंट फंड में योगदान बढ़ेगा और हर महीने हाथ में आने वाला वेतन घट जाएगा.
अभी तक कई कंपनियाँ वेतन तय करते समय बेसिक सैलरी का हिस्सा कम रखती थीं. आम तौर पर यह कुल वेतन का 20 से 40 प्रतिशत होता था.
इस वजह से कर्मचारियों के प्रॉविडेंट फंड और ग्रेच्युटी में कम राशि जमा होती थी.
इमेज स्रोत, Getty Images
1 अप्रैल से केंद्र सरकार के चार नए श्रम कानून लागू होने की संभावना है. हालाँकि अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. लेकिन यदि नए लेबर कानून लागू होते हैं, तो देश में ग्रेच्युटी की व्यवस्था भी बदलेगी.
अब वेतन संरचना में बेसिक पे और डीए (महंगाई भत्ता) का हिस्सा बढ़ेगा, जिससे ग्रेच्युटी का लाभ बढ़ जाएगा.
कर्मचारियों को एचआरए (मकान किराया भत्ता) मिलेगा, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को अपने मकान मालिक का पैन कार्ड और किराया भुगतान का प्रमाण देना होगा.
इमेज स्रोत, Getty Images
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने फास्टैग के सालाना पास की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है.
अब तक इसकी वार्षिक फीस 3,000 रुपये थी, जो 1 अप्रैल से बढ़कर 3,075 रुपये हो जाएगी.
यह वार्षिक पास गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए है और इसका इस्तेमाल करीब 1,150 टोल प्लाज़ा पर किया जा सकता है.
एक बार यह शुल्क चुकाने के बाद इसे एक साल तक या 200 टोल प्लाज़ा क्रॉसिंग तक इस्तेमाल किया जा सकता है.
इमेज स्रोत, Getty Images
1 अप्रैल से रेलवे टिकट कैंसिलेशन के नियम बदल रहे हैं.
अब अगर ट्रेन के प्रस्थान से 8 घंटे से 24 घंटे पहले टिकट रद्द किया जाएगा, तो 50 प्रतिशत रिफंड मिलेगा.
24 से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर 25 प्रतिशत राशि काटी जाएगी और बाकी रकम लौटाई जाएगी.
जो यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से अधिक पहले टिकट रद्द कराएंगे, उन्हें अधिकतम रिफंड मिलेगा और केवल एक निश्चित (फ्लैट) कैंसिलेशन शुल्क लिया जाएगा.
8 घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा.
इसके अलावा रेलवे ने बताया है कि यात्री अब ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग प्वाइंट बदल सकेंगे.
जिन शहरों में एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं, वहाँ यात्रियों के लिए इसे सुविधाजनक माना जा रहा है.
पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय अब केवल आधार कार्ड को जन्मतिथि का प्रमाण नहीं माना जाएगा. इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र, कक्षा 10 का प्रमाणपत्र या पासपोर्ट भी देना अनिवार्य होगा.
इसके अलावा, अब आधार कार्ड के अनुसार ही पैन कार्ड पर नंबर जारी किया जाएगा.
इसलिए आधार से जुड़ी जानकारी का सही होना ज़रूरी है. पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के फॉर्म भी 1 अप्रैल से नए होंगे.
1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट स्कोर से जुड़े नियमों में भी बदलाव हो रहा है.
भारतीय रिज़र्व बैंक यानी आरबीआई ने बैंकों को आदेश दिया है कि वे क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को साप्ताहिक आधार पर लोन से जुड़े डेटा की रिपोर्ट दें. यह आदेश 1 अप्रैल से लागू होगा.
अब तक यह रिपोर्ट हर पखवाड़े दी जाती थी. बैंकों और अन्य कर्ज़ देने वाली संस्थाओं को हर महीने निर्धारित तारीख़ पर लोन का डेटा अपडेट करना होगा.
इमेज स्रोत, Getty Images
1 अप्रैल से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर टैक्स से जुड़े नियमों में भी बदलाव हो रहा है.
अब जिन लोगों ने ये बॉन्ड रिज़र्व बैंक के बजाय सेकेंडरी मार्केट, यानी शेयर बाज़ार से खरीदे होंगे, उन पर 12.5 प्रतिशत का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा.
जो लोग RBI से बॉन्ड खरीदकर उसकी पूरी अवधि तक होल्ड करेंगे, सिर्फ़ उन्हें ही कैपिटल गेन्स टैक्स से छूट मिलेगी.
इमेज स्रोत, Getty Images
बैंक भी एटीएम से नकद निकासी पर सीमाएं लागू करने जा रहे हैं.
उदाहरण के तौर पर, एचडीएफसी बैंक के एटीएम से पांच मुफ़्त ट्रांज़ैक्शन के बाद कैश विद्ड्रॉल पर प्रति ट्रांज़ैक्शन 23 रुपये शुल्क लिया जाएगा.
बंधन बैंक के ग्राहक हर महीने तीन से पाँच ट्रांज़ैक्शन मुफ़्त कर सकेंगे. इसके बाद हर ट्रांज़ैक्शन पर 23 रुपये शुल्क लगेगा.
यदि अपर्याप्त धनराशि के कारण ट्रांज़ैक्शन फेल होता है, तो 25 रुपये का चार्ज लगाया जाएगा.
पंजाब नेशनल बैंक ने कुछ डेबिट कार्ड्स पर नकद निकासी की सीमा घटा दी है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी.
रिज़र्व बैंक ने डिजिटल पेमेंट के नियम भी बदले हैं.
1 अप्रैल से UPI, कार्ड या वॉलेट से भुगतान करते समय सिक्योरिटी जांच सख़्त हो जाएगी.
अब सिर्फ़ OTP से काम नहीं चलेगा, बल्कि टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News