ट्रंप का कहना है कि "ईरान के नए राष्ट्रपति" ने उनसे युद्धविराम का अनुरोध किया है. यह स्पष्ट नहीं है कि वह किसका जिक्र कर रहे हैं.
अरशद मिसाल, रौनक भैड़ा
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि ईरान के नए राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीज़फ़ायर की मांग की है.
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ ईरान के नए राष्ट्रपति, पहले की तुलना में कम कट्टरपंथी और ज़्यादा समझदार हैं. उन्होंने अभी अभी अमेरिका से जंग ख़त्म करने की मांग की है.”
उन्होंने आगे लिखा कि, “हम इस पर तभी विचार करेंगे जब स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खोला जाए, और वो पूरी तरह स्वतंत्र और सुरक्षित हो. ऐसा होने तक, हम ईरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे या उन्हें ‘पाषाण युग’ में वापस भेज देंगे.”
किसने ट्रंप से युद्धविराम की अपील की है?
ट्रंप का कहना है कि "ईरान के नए राष्ट्रपति" ने उनसे युद्धविराम का अनुरोध किया है. यह स्पष्ट नहीं है कि वह किसका जिक्र कर रहे हैं.
28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हवाई हमले शुरू करने के बाद से, देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ ईरानी नेता मारे गए हैं.
8 मार्च को अली ख़ामेनेई के बेटे मोजतबा ख़ामेनेई ने उनका स्थान लिया.
तब से उन्होंने कई लिखित बयान जारी किए हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. ट्रंप ने खुद कहा है कि उन्हें नहीं पता कि मोजतबा ख़ामेनेई जीवित हैं या नहीं.
ईरान में अभी तक कोई नया राष्ट्रपति नहीं है. साल 2024 में चुने गए मसूद पेज़ेश्कियन युद्ध शुरू होने के बाद भी सार्वजनिक रूप से सामने दिखते रहे हैं.
ईरानी मीडिया के अनुसार, वे कल ही सार्वजनिक रूप से दिखे थे. उन्होंने कल कहा कि ईरान में युद्ध समाप्त करने की "आवश्यक इच्छाशक्ति" है.
ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज करता रहा है कि वह युद्ध ख़त्म करने के लिए बातचीत में शामिल है.
ईरान ने कहा है कि मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के साथ केवल कुछ संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया है कि ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध अगले दो से तीन हफ़्तों में समझौते के साथ या समझौते के बिना ख़त्म हो सकता है, जिसके बाद दुनिया भर की बाज़ारों में तेज़ी देखी गई.
जर्मनी, ब्रिटेन और फ़्रांस के बाज़ारों में क़रीब 2 फ़ीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. इससे पहले दक्षिण कोरिया में 8 फ़ीसदी और जापान में 5 फ़ीसदी की तेज़ी देखी गई थी.
सोने की क़ीमतों में भी उछाल आया है, जबकि तेल की क़ीमतों में गिरावट दर्ज की गई है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने जंग के अपने लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, हालांकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर कंट्रोल पाने में सफलता नहीं मिली.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक बार फिर इस बात से इनकार किया है कि अमेरिका के साथ किसी तरह की कोई बातचीत चल रही है.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शीर्ष अधिकारी ईरान से जल्द निकलने की योजना बनाते दिख रहे हैं.
मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिका जल्द ही इस संघर्ष से बाहर हो सकता है.
आइए देखते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप और दूसरे नेताओं ने जंग के अंत को लेकर क्या कहा है-
– 9 मार्च को ट्रंप ने सीबीएस से कहा था कि जंग “करीब पूरी तरह ख़त्म” हो चुकी है और बाद में कहा कि यह “काफी जल्दी” ख़त्म हो जाएगी.
– पिछले हफ़्ते, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान में अपने ऑपरेशन “अगले कुछ हफ्तों में” ख़त्म करने की उम्मीद कर रहा है. इस बात को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने भी दोहराया. इन्होंने पहले संकेत दिया था कि जंग छह हफ़्तों तक चल सकता है.
– सोमवार को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक नए ईरानी शासन के साथ “गंभीर बातचीत” कर रहा है ताकि सैन्य अभियान ख़त्म किया जा सके, लेकिन यह तभी होगा जब कोई समझौता हो जाए और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ फौरन “व्यापार के लिए खोल दिया जाए.” हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया है.
– इसराइल की ओर से, प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि जंग निश्चित तौर पर आधे से ज़्यादा आगे बढ़ चुकी है. बाद में उन्होंने साफ किया कि उनका मतलब समय नहीं, बल्कि मिलिट्री ऑपरेशन से था.
– कल, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मिशन को पूरा करने की तत्काल ज़रूरत है और बातचीत आगे बढ़ रही है.
– फिर, कल रात ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दो से तीन हफ्तों में ईरान से बाहर निकल जाएगा. लेकिन ऐसा ये सुनिश्चित होने के बाद होगा कि ईरानी शासन कई सालों तक परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा.
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने आज यानी बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस से कुछ देर पहले ख़बर आई थी कि डोनाल्ड ट्रंप, नेटो की इस जंग में शामिल न होने की बार-बार आलोचना के बाद, अमेरिका को नेटो से बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं.
जब प्रधानमंत्री स्टार्मर से पूछा गया कि क्या ट्रंप के साथ उनके रिश्ते बिगड़ने के बीच, वह यूरोप के साथ अपने संबंध मज़बूत कर रहे हैं?
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह यूरोप और अमेरिका में से किसी एक को नहीं चुन रहे हैं.
उन्होंने कहा कि, “मेरा मानना है कि अमेरिका और यूरोप दोनों के साथ मज़बूत संबंध होना हमारे हित में है.”
“लेकिन मेरा यह भी मानना है कि रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा उत्सर्जन और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर हमें यूरोप के साथ और मज़बूत रिश्तों की ज़रूरत है.”
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने यह भी कहा कि यूरोप के साथ बेहतर सहयोग से अमेरिका के साथ संबंधों को भी मज़बूती मिलेगी.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'द टेलीग्राफ' को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि, "वह नेटो से अमेरिका को बाहर निकालने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. ऐसा द टेलीग्राफ को दिए गए एक इंटरव्यू के हवाले से बताया गया है."
अख़बार के मुताबिक, ट्रंप ने इस सैन्य गठबंधन यानी नेटो को “काग़ज़ी शेर” बताया और यह भी दावा किया कि ब्रिटेन के पास नौसेना नहीं है.
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बाद क्या वह अमेरिका की इस गठबंधन में सदस्यता पर फिर से विचार करेंगे? इस सवाल पर ट्रंप ने कहा, “ओह हां, मैं कहूंगा कि यह पुनर्विचार से भी आगे की बात है.”
उन्होंने कहा, “मैं कभी भी नेटो से प्रभावित नहीं हुआ. मैं हमेशा जानता था कि वे एक काग़ज़ी शेर हैं, और व्लादिमीर पुतिन भी ये जानते हैं.”
ब्रिटेन की नौसेना की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “आपके पास तो नौसेना भी नहीं है. आप बहुत पुराने हो चुके हैं और आपके एयरक्राफ्ट कैरियर भी ठीक से काम नहीं करते.”
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इसराइल-अमेरिका और ईरान जंग का प्रभाव ऑस्ट्रेलिया में भी दिख रहा है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने इस पर खुल कर बात की है.
न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि, “आने वाले महीने आसान नहीं हो सकते और मैं इस बारे में खुल कर बात करना चाहता हूं. कोई भी सरकार इस जंग की वजह से पैदा हुए दबावों को पूरी तरह ख़त्म करने का वादा नहीं कर सकती.”
पेट्रोल की क़ीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की वजह से अल्बनीज़ ने ऑस्ट्रेलियाई लोगों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और ग्रामीण समुदायों व आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन बचाने की अपील की.
उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया इस जंग में सक्रिय रूप से शामिल नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया के सभी लोग इसकी वजह से बढ़ी हुई क़ीमतों का बोझ उठा रहे हैं.”
28 फरवरी को अमेरिका-इसराइल के ईरान पर किए गए हमलों से शुरू हुआ संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैल गया. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को बंद कर रखा है. जिससे कच्चे तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी हुई है.
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भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों पर सफ़ाई दी है.
मंत्रालय ने लिखा, “ये साफ किया जाता है कि पेट्रोल और डीज़ल, जिन पर भारत मुख्य रूप से निर्भर है, इनकी क़ीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यानी दिल्ली में पेट्रोल की क़ीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की क़ीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है.”
मंत्रालय ने एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में ये भी बताया कि तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है, इसके बावजूद तेल की क़ीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.
मंत्रालय ने लिखा, “ये फ़ैसले माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की उस प्रतिबद्धता के मुताबिक हैं, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय क़ीमतों में तेज़ बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों की रक्षा की जा रही है.”
"हाल ही में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी केवल प्रीमियम पेट्रोल वैरिएंट- एक्सपी95, पॉवर95 और स्पीड पर लागू होती है. ये हाई-ऑक्टेन परफ़ॉर्मेंस फ़्यूल हैं, जिनकी क़ीमतों की समीक्षा हर 15 दिन में की जाती है."
मंत्रालय ने बताया कि इन वैरिएंट की बिक्री कुल ईंधन खपत का केवल 2 फ़ीसदी से 5 फ़ीसदी है और इन्हें उपभोक्ता अपनी पसंद से प्रीमियम क़ीमत पर ख़रीदते हैं.
इसराइल-अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग के बाद वैश्विक बाज़ार में तेल की क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है.
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यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने बुधवार को इसराइल पर मिसाइल हमला किया.
हूती विद्रोहियों का कहना है कि यह हमला उन्होंने ईरान और लेबनान के हिज़्बुल्लाह के साथ मिलकर किया.
अमेरिका-इसराइल और ईरान युद्ध में शामिल होने के बाद हूती विद्रोहियों का इसराइल पर यह तीसरा हमला है.
यमनी हूती आंदोलन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने वीडियो संदेश में कहा, "हूतियों ने इसराइली दुश्मन के अहम ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार के साथ तीसरी सैन्य कार्रवाई की."
नमस्कार!
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– अमेरिका इतने दिनों में ईरान युद्ध से निकल जाएगा बाहर, राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया संकेत
– 'नक्सलवाद लगभग ख़त्म', गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे में कितनी सच्चाई?
– सटीक बैठा पोंटिंग का दांव, कॉनॉली ने डेब्यू मैच में ही पंजाब किंग्स को जिताया
– 'मुझे अचानक दुबई का वीज़ा मिल गया': ईरान जंग के बीच यूएई में 'मौक़े का फ़ायदा' उठाते पाकिस्तानी
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अर्जेंटीना सरकार ने घोषणा की है कि उसने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को 'आतंकवादी संगठनों की सूची' में शामिल कर लिया है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि यह फ़ैसला न्यायिक जांच और सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया गया है.
आईआरजीसी को उन संस्थाओं की सूची में रखा जाएगा जो 'आतंकवादी गतिविधियों और उनकी फ़ंडिंग' से जुड़ी हैं.
आईआरजीसी पर अर्जेंटीना की ज़मीन पर वित्तीय प्रतिबंध और रोक लागू होगी.
अर्जेंटीना के अधिकारियों का कहना है कि यह क़दम 'आतंकवाद और संगठित अपराध' से लड़ने की नीति का हिस्सा है.
अर्जेंटीना ने 1990 के दशक में हुए दो घातक हमलों का ज़िम्मेदार ईरान और उसके सहयोगी समूहों को ठहराया है.
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रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि क्राइमिया में एक रूसी सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार 29 लोगों की मौत हो गई.
मंत्रालय ने रूसी समाचार एजेंसियों तास और आरआईए-नोवोस्ती को बताया कि तकनीकी ख़राबी के कारण एएन-26 विमान पहाड़ी से टकरा गया. इसमें 6 क्रू सदस्य और 23 यात्री सवार थे, कोई ज़िंदा नहीं बचा.
तास ने बताया कि मंगलवार को स्थानीय समय शाम 6 बजे विमान से संपर्क टूट गया था. इसके बाद खोज और बचाव अभियान में मलबा मिला.
ये विमान 1960 के दशक के आख़िर से इस्तेमाल हो रहे हैं और कई बार घातक हादसों में शामिल रहे हैं.
2020 में यूक्रेन के ख़ार्किव में एक एएन-26 दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. 2021 में रूस के सुदूर पूर्व में एक हादसे में 28 लोगों की मौत हुई थी.
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ईरान के एक सांसद ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट खुलेगा, लेकिन उनके (ट्रंप) लिए नहीं.
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीजी ने कहा है, "होर्मुज़ स्ट्रेट सिर्फ़ उनके लिए खुलेगा जो ईरान के नए कानूनों का पालन करेंगे."
अज़ीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "47 साल की मेहमाननवाज़ी हमेशा के लिए खत्म हो गई है."
यह बात इब्राहिम अज़ीजी ने 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से लेकर अब तक की टाइमलाइन को लेकर कही.
अज़ीजी ने आगे कहा, "ट्रंप ने आखिरकार अपना 'सत्ता परिवर्तन' का सपना पूरा कर लिया है, लेकिन यह चेंज इस क्षेत्र के समुद्री नियमों में हुआ है."
गौरतलब है कि हाल ही में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने एक योजना को मंज़ूरी दी है. इसके तहत होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज़ों पर शुल्क लगाया जाएगा.
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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक पर दिए अपने बयान पर माफ़ी मांगी है.
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पिछले हफ़्ते मीडिया से बात करते हुए मैंने नेहरू-गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के अग्रणी नेताओं में स्थान रखने वाले आदरणीय बीजू पटनायक जी के संदर्भ में मेरी बातों से ग़लत अर्थ निकाला गया."
उन्होंने लिखा, "यह मेरा व्यक्तिगत बयान है. नेहरू जी के पर दिए गए मेरे विचार को बीजू बाबू के ऊपर समझा गया. बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊँचे क़द के स्टेट्समैन रहे हैं और रहेंगे. मेरे वक्तव्य से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बिना शर्त क्षमा चाहता हूं."
पीटीआई के मुताबिक़, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया, "1960 के दशक में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच बीजू पटनायक लिंक थे."
इस पर ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कड़ी आपत्ति जताई. बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने विरोध जताते हुए संचार और आईटी समिति से इस्तीफ़ा दे दिया था.
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जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ़) की क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है.
एटीएफ़ की क़ीमतें दोगुनी से ज़्यादा होकर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई हैं.
पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली में एटीएफ की क़ीमत 1.10 लाख रुपये प्रति किलोलीटर बढ़ी है, जो अब 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है. यह वृद्धि 114.5 फीसदी है.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, "घरेलू ट्रैवल को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी इज़ाफ़े से बचाने के लिए, पेट्रोलियम मंत्रालय की पीएसयू तेल कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श करने के बाद एयरलाइन कंपनियों पर 25 फीसदी (15 रुपए प्रति लीटर) का आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी डालने का फ़ैसला किया है."
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विदेशी रूट पर ऑपरेट करने वाली कंपनियों को एटीएफ़ दामों में हुए पूरे इज़ाफ़े का बोझ सहना होगा, जैसा कि दुनिया के बाकी हिस्सों में वो कर रहे हैं.
गौरतलब है कि मध्य पूर्व में चल रही जंग के बीच भारत में कमर्शियल एलपीजी की क़ीमत में भी 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ईरान से बात कर रहा है और युद्ध ख़त्म होने की उम्मीद दिख रही है.
उन्होंने फ़ॉक्स न्यूज़ पर कहा, "बातचीत चल रही है. किसी भी समय सीधी मुलाक़ात हो सकती है. हम हमेशा इसके लिए तैयार रहेंगे."
मार्को रुबियो ने यह भी कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप नहीं चाहेंगे कि ईरान झूठी या दिखावटी बातचीत करके सिर्फ़ वक़्त निकालता रहे."
रुबियो ने युद्ध ख़त्म करने को लेकर कहा, "मैं कोई टाइमलाइन तय नहीं करना चाहता, लेकिन फ़िनिश लाइन नज़र आ रही है."
अमेरिकी विदेश मंत्री ने नेटो की आलोचना करते हुए कहा, "अमेरिका को यह देखना पड़ सकता है कि जो गठबंधन इस देश के लिए कुछ समय तक उपयोगी रहा है, क्या अब भी वह यह काम कर रहा है या नहीं."
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका 'दो या तीन हफ़्तों' के भीतर ईरान से बाहर निकल जाएगा.
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अगर कुछ शर्तें पूरी हों तो ईरान अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध ख़त्म करने को तैयार है.
ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि पेज़ेश्कियान ने यूरोपीय काउंसिल के प्रेसीडेंट के साथ फ़ोन कॉल पर की गई बातचीत के दौरान ये बयान दिया.
पेज़ेश्कियान की ओर से युद्ध ख़त्म करने की "इच्छा" की बात भी कई शर्तों के साथ आई, ख़ासकर इस गारंटी के साथ कि भविष्य में फिर से संघर्ष शुरू नहीं होगा.
इससे पहले भी अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव पर ईरान ने फिर हमला नहीं करने की गारंटी की मांग की थी.
पेज़ेश्कियान के इस बयान के बाद अमेरिकी बाज़ारों में तेज़ी देखी गई.
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार चीन यात्रा पर रहे. इस दौरान उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाक़ात की.
इसहाक़ डार ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्ते और मज़बूत होंगे.
इसहाक़ डार ने लिखा, 'हमने सीमित वार्ता से लेकर प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा तक और फिर एक गर्मजोशी भरे डिनर तक बातचीत की. हमारी बात तीन घंटे से ज़्यादा चली जिसमें आगे की दिशा तय करने वाली बातें हुईं."
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उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान-चीन की रणनीतिक साझेदारी लगातार मज़बूत हो रही है. हमने द्विपक्षीय रिश्तों को और मज़बूत करने, सीपीईसी 2.0 के तहत सहयोग बढ़ाने, आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और हमारे राजनयिक रिश्तों की 75वीं सालगिरह को मिलकर मनाने पर चर्चा की."
उन्होंने लिखा, "हमने मिलकर खाड़ी और मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए चीन और पाकिस्तान की पांच-सूत्रीय पहल जारी की."
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मध्य पूर्व में चल रही जंग के बीच भारत में एक बार फिर कमर्शियल एलपीजी के दाम बढ़ गए हैं. बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की क़ीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
हालांकि, घरेलू सिलेंडर के दामों में कोई वृद्धि नहीं हुई है.
पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली में अब 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 2,078.50 रुपये का हो गया है. यह जानकारी सरकारी तेल कंपनियों के हवाले से दी गई है.
इससे पहले 1 मार्च को 19 किलो वाले सिलेंडर की क़ीमत 114.50 रुपये बढ़ाई गई थी.
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इराक़ की राजधानी बग़दाद में एक अमेरिकी महिला पत्रकार का अपहरण हो गया है. इराक़ी और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों में से एक का संबंध ईरान समर्थित मिलिशिया से है.
अल-मॉनिटर नाम की न्यूज़ वेबसाइट ने बताया कि अमेरिकी फ़्रीलांस पत्रकार शैली किटलसन का मंगलवार शाम को अपहरण किया गया.
इराक़ के गृह मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा बलों ने अपहर्ताओं का पीछा किया. इस दौरान एक अपहर्ता की गाड़ी पलट गई और एक संदिग्ध को गिरफ़्तार कर लिया गया.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ़्तार व्यक्ति का संबंध ईरान समर्थित मिलिशिया ग्रुप "कताइब हिज़्बुल्लाह" से है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के असिस्टेंट सेक्रेटरी डिलन जॉनसन ने पत्रकार के अपहरण की पुष्टि की लेकिन उन्होंने किटलसन का नाम नहीं लिया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "विदेश मंत्रालय ने पहले ही पत्रकार को उनके ख़िलाफ़ ख़तरे के बारे में चेतावनी दी थी. हम एफ़बीआई के साथ मिलकर उनकी जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं."
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीबीसी को दिए बयान में कहा, "गोपनीयता और अन्य कारणों से, इस समय हमारे पास साझा करने के लिए और कुछ नहीं है."
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