मिडिल ईस्ट जंग का आज (2 अप्रैल) को 34वां दिन है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया. ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका की रक्षा के लिए ऑपरेशन फ्यूरी जारी रहेगा. हम लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ईरान को उसके गलत काम की सजा मिली है, वह खतरनाक मिसाइल बनाना चाहता था.
ईरान युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार बदलते रुख से अमेरिका समेत दुनियाभर में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ईरान युद्ध (Iran War) पर लगातार बदलते रुख को लेकर ट्रंप को सोशल मीडिया पर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. कुछ लोग उनका मजाक उड़ाते हुए ‘ट्रंप ऑलवेज चिकन्स आउट (टैको)’ यानी ट्रंप दबाव के चलते अपने फैसले वापस ले लेते हैं या टाल देते हैं जैसे हैशटैग के तहत पोस्ट कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनके विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध का अंत बहुत जल्द हो सकता है.
ट्रंप ने इससे पहले ईरान को धमकी दी थी कि अगर वह 15 सूत्रीय अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है तो तेहरान पर हमले तेज किए जाएंगे. इसके लिए ट्रंप ने पहले 5 दिन का समय दिया था और फिर 10 दिन का. वहीं ने पहली बार कबूल किया है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी अभियानों ने देश की क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया है.
इस बीच डेली टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ईरान के खिलाफ अमेरिका सैन्य कार्रवाई में अमेरिका की मदद नहीं करने के बाद यूएस नाटो से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है. उन्होंने नाटो को कागजी शेर बताया और कहा कि नाटो की विश्वसनीयता उन्हें बहुत पहले से शक था.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli PM Benjamin Netanyahu) ने कहा कि ईरान की सत्ता खिलाफ इजरायल का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ संयुक्त अभियानों ने ईरानी शासन की जड़ें हिला दी हैं. नेतन्याहू ने कहा, ‘अमेरिका के साथ संयुक्त अभियान के एक महीने के भीतर हम उस आतंक के शासन को कुचल रहे हैं, जो अमेरिका मुर्दाबाद, इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था.’
वहीं ईरान ने अब खुद को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का गेटकीपर घोषित कर दिया है. इसका मतलब ये है कि इस रास्ते से जो भी जहाज गुजरेगा उससे तेहरान मोटी रकम वसूलेगा. इससे पहले ईरान ने कभी भी इस रास्ते का इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए नहीं किया गया था.
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की 19 बैलिस्टिक मिसाइलों और 26 ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर लिया है. यूएई ने युद्ध शुरू होने से अब तक 2038 ड्रोन, 19 क्रूज मिसाइल और 457 बैलिस्टिक मिसाइलों को तबाह किया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर किसी भी तरह के शुल्क की बात से इनकार किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा – ईरान के साथ ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है. MEA ने कहा कि युद्ध के दौरान यूएन पीसकीपर पर हमले नहीं होने चाहिए इससे सभी पक्षों को बचना चाहिए. भारत UN शांति स्थापना अभियानों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. UN द्वारा अधिकृत शांति स्थापना मिशनों के तहत हमारे सैनिकों ने वैश्विक शांति और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. UNIFIL में हमारे लगभग 600 भारतीय सैनिक तैनात हैं.
Source: IOCL
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