लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह महिला आरक्षण से जुड़े 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 पर जारी चर्चा पर जवाब दे रहे हैं. उनके जवाब के बाद इन बिलों को लेकर वोटिंग होगी. अगर इस वोटिंग में ये बिल पास हुआ तो महिला आरक्षण 2029 के चुनाव में लागू हो जाएगा .
इन बिलों में लोकसभा में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 815 करने का प्रावधान रखा है. इस बिल पर कल से बहस हो रहीहै और आज इस पर वोटिंग होगी. लोकसभा में पारित होने के बाद ये विधेयक राज्यसभा के पास जाएंगे.
विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें यह फैसला किया गया कि इसके परिसीमन से संबंधित प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल पास करने के लिए 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि देश में अभी जाति-आधारित जनगणना चल रही है. उन्होंने कहा, ‘सरकार अभी जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है. यह संशोधन परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों की मनमानी फेरबदल का इस्तेमाल करके सत्ता पर कब्जा करने की एक कोशिश है.’ विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि जनता को अब धोखा दिया जा रहा है.
महिला आरक्षण से जुड़े बिल को लेकर आयोजित तीन दिवसीय संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े नेताओं ने अपनी बातें रखी. इस दौरान जहां राहुल गांधी ने कहा कि वे इस बिल को वहीं गिराएंगे तो वहीं अमित शाह ने इस पर सभी दलों को अपना समर्थन देने के लिए कहा.
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, ‘आज तो वचनपूर्ति का दिन था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करवाने का दिन था, ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी और पूरे INDIA गठबंधन पर सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ हावी हुआ. उन्होंने महिलाओं के साथ धोखा, विश्वासघात किया है.’
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, ‘आज विपक्ष का चेहरा उजागर हो गया. मोदी सरकार 2034 की जगह 2029 में महिला आरक्षण ला रही है तो किस बात का विरोध? ये कभी भी महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहते. ये देश की आधी आबादी का अपमान है.’
Source: IOCL
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