जमुई के झाझा नगरक्षेत्र के चरघरा मुहल्ले में एक शादी समारोह के दौरान दूषित भोजन करने से 50 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. रविवार रात को भोजन करने के बाद सुबह होते-होते लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कैंप लगाया और प्राथमिक उपचार शुरू किया, जिससे कई लोगों की स्थिति में सुधार हुआ है.
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जमुई जिले के झाझा नगरक्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है. चरघरा मुहल्ले में आयोजित एक तिलक समारोह के दौरान भोजन करने से एक ही परिवार के 50 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. जिस घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब मरीजों के कराहने की आवाजें सुनाई दे रही हैं. दूषित भोजन ने न केवल शादी के जश्न में खलल डाला, बल्कि पूरे मुहल्ले में हड़कंप मचा दिया है.
घटना चरघरा निवासी विशेश्वर साव के घर की है, जहां उनके पुत्र चंदन की शादी की रस्में चल रही थीं. रविवार शाम को घर में विशेष प्रीतिभोज का आयोजन किया गया था. परिजनों और मेहमानों ने बड़े उत्साह के साथ भोजन ग्रहण किया, लेकिन देर रात होते-होते लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. शुरुआत में घर वालों को लगा कि शायद भीषण गर्मी की वजह से घबराहट हो रही है, लेकिन सोमवार की सुबह तक स्थिति भयावह हो गई. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, लगभग हर कोई उल्टी, दस्त और पेट दर्द की चपेट में आ गया.
जब एक साथ दर्जनों लोग बीमार पड़ने लगे, तो आनन-फानन में इसकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झाझा को दी गई. मामला गंभीर देखते हुए अस्पताल प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया. डॉक्टर नौशाद के नेतृत्व में एक विशेष मेडिकल टीम एम्बुलेंस के साथ चरघरा पहुंची. इस टीम में सीएचओ अशोक धायल, होशियार सिंह, कैलाश सहनी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे. स्वास्थ्य विभाग ने बिना समय गंवाए गांव में ही मेडिकल कैंप लगा दिया और पीड़ितों का इलाज शुरू किया.
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डॉक्टरों के अनुसार, यह संक्रमण दूषित भोजन और बढ़ते तापमान की वजह से हुआ है. भीषण गर्मी में भोजन जल्दी खराब हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. मेडिकल टीम ने बीमारों को ओआरएस का घोल और प्राथमिक दवाएं दीं. राहत की बात यह है कि उपचार के बाद कई लोगों की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी भी कुछ गंभीर मरीजों पर लगातार नजर बनाए हुए है. फिलहाल गांव में इलाज जारी है और शादी की खुशियां अब चिंता के साये में सिमट गई हैं.
इनपुट- अभिषेक निरला
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