पश्चिम बंगाल चुनाव: मैं ही नहीं हार रहा, वो भी हार रहे हैं और वो वाली सीट भी हार रहे हैं…, दूसरे चरण से… – Zee News

West Bengal Second Phase voting: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले ही TMC के नेता कह रहे हैं- ‘मैं हार रहा हूं. ये भी बता रहे हैं कि सिर्फ मैं नहीं हार रहा हूं, मेरे कई साथी भी हार रहे हैं. इसलिए अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतगणना से पहले TMC उम्मीदवार की हार वाली मनोस्थिति को एक्सप्लेन करना जरूरी हो जाता है.’ 
Trending Photos
West Bengal Election Analysis: हारता वही है जो मन से हार मान लेता है. मन के जीते जीत है, मन के हारे हार. यानी आपकी जीत होगी या हार..यह इस बात पर तय होता है कि आपका नज़रिया कैसा है. राजनीति में ये बात और महत्वपूर्ण है. क्योंकि राजनीति के लिए कहा जाता है कि ये संभावनाओं का खेल है. राजनीति परसेप्शन का भी खेल है. इसलिए हर नेता आखिर-आखिर तक अपनी जीत का दावा करता है. आखिरी राउंड की मतगणना तक कोई भी नेता खुद को हारा हुआ नहीं मानता.

हार का सार्वजनिक ऐलान 

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार जोर-शोर से चल रहा है. पहले चरण के मतदान के बाद सभी पक्ष अपनी जीत के दावे कर रहे हैं. ममता बनर्जी समेत TMC के दिग्गज नेता चौथी बार पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं. लेकिन इन दावों पर सवाल भी TMC का एक उम्मीदवार ही उठा रहा है. जिन उम्मीदवारों की जीत के दम पर चौथी बार TMC की सरकार बनाने का दावा किया जा रहा है. जिस नेता को ममता बनर्जी ने टीएमसी का टिकट दिया, उम्मीदवार बनाकर बीजेपी को हराने के लिए चुनावी मैदान में उतारा, वो कह रहे हैं कि हम हार रहे हैं. सागरदिघी सीट से तृणमूल कांग्रेस के मौजूदा विधायक और उम्मीदवार बायरन बिस्वास मतगणना ने तो पहले मतगणना से कई दिन पहले उम्मीद छोड़ दी है. 

मैं नहीं हार रहा… वो भी हार है और वो वाली सीट भी हार रहे हैं…

बायरन बिस्वास ने सागरदिघी सीट से उम्मीद सिर्फ अपने लिए नहीं छोड़ी है, गिन-गिन कर बता रहे हैं कि सिर्फ मैं नहीं हार रहा हूं, मेरे साथ टीएमसी के दूसरे नेता भी चुनाव हार रहे हैं. सागरदिघी (Sagardighi) सीट पर 2011 से टीएमसी का कब्जा है. जंगीपुर सीट पर 2016 से लगातार टीएमसी जीत रही है. बायरन कह रहे हैं कि इस सीट से जाकिर हुसैन भी हार रहे हैं. शमशेरगंज सीट से टीएमसी उम्मीदवार नूर आलम की हार की भविष्यवाणी भी उन्होंने की है. ये सीट टीएमसी 2016 से जीत रही है. फरक्का से अमीरुल इस्लाम की हार की भविष्यवाणी भी बायरन बिस्वास ने की है. ये सीट 2021 में टीएमसी ने कांग्रेस से छीनी थी.

Add Zee News as a Preferred Source

ये पहली बार है जब कोई नेता सार्वजनिक तौर पर कह रहा है कि मैं तो चुनाव हार रहा हूं. सोचिए जिस नेता की जमानत जब्त होती है वो भी परिणाम आने तक कहते हैं कि चुनाव तो मैं ही जीत रहा हूं. फिर पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले क्यों बायरन बिस्वास अपनी पार्टी की हार की भविष्यवाणी कर रहे हैं. इसके विश्लेषण से पहले ये जानते हैं कि बायरन बिस्वास जिस रीजन से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां पिछले विधानसभा चुनाव में क्या स्थिति थी?
बायरन बिस्वास की सागरदिघी सीट मुर्शिदाबाद रीजन में आती है. 2021 विधानसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद रीजन की 22 विधानसभा सीटों में से 20 सीटों पर TMC को जीत मिली थी. बीजेपी को 2 सीटें मिली थी. यहां टीएमसी को करीब 54 प्रतिशत वोट मिला था.
यानी मुर्शिदाबाद TMC का मजबूत गढ़ है. सागरदिघी से बायरन बिस्वास दूसरी बार चुनाव जीते थे. फिर उनका विश्वास क्यों डगमगा रहा है? क्यों वो अपनी पार्टी की हार की भविष्यवाणी कर रहे हैं? ये भविष्याणी इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन सीटों पर पहले चरण में मतदान हो चुका है.

  • सागरिदिघी में करीब 95 प्रतिशत.

  • जंगीपुर में भी करीब 95 प्रतिशत.

  • शमशेरगंज और फरक्का में करीब 96 प्रतिशत वोटिंग हुई थी.

सागरिदिघी में करीब 95 प्रतिशत.
जंगीपुर में भी करीब 95 प्रतिशत.
शमशेरगंज और फरक्का में करीब 96 प्रतिशत वोटिंग हुई थी.
बायरन बिस्वास ने जमीनी सच बोलने का साहस दिखाया है. हो सकता है अगले कुछ घंटों में वो ये कहें कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर या एडिट कर पेश किया गया. लेकिन फिलहाल हम उनके इस बयान को सच मान रहे हैं. उन्होंने जो बयान दिया है उसकी टाइमिंग बहुत अहम है. उनका बयान दूसरे चरण की वोटिंग से सिर्फ 4 दिन पहले आया है. उनका ये कबूलनामा दूसरे चरण के मतदान से सिर्फ 100 घंटे पहले आया है।
दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग होनी है. 2021 में इनमें से 123 सीटों पर टीएमसी जीती थी. जबकि सिर्फ 18 सीटें बीजेपी को मिली थी.
यानी दूसरे चरण में उन इलाकों में मतदान है जो टीएमसी का मजबूत किला है. सोचिए ऐसे महत्वपूर्ण मौके पर टीएमसी नेता कह रहे हैं- हम चुनाव हार रहे हैं. नेता बयान देता है तो इसका पार्टी के कार्यकर्ताओं पर असर पड़ता है. सिर्फ कार्यकर्ताओं पर नहीं मतदाताओं पर भी असर पड़ता है। एक बयान से चुनाव का पूरा नैरेटिव बदल जाता है. हवा का रुख और परिणाम बदल जाते हैं. इसलिए नेता आखिरी समय तक अपनी जीत के दावे करते हैं ताकि वोटर का मनोबल ऊंचा रहे.


#DNAमित्रों | दूसरे चरण से पहले ममता की पार्टी में ‘भगदड़’!…बंगाल में TMC ने नतीजे से पहले हार मान ली!, क्या ममता के साथ ‘अपने’ ही ‘खेला’ कर रहे?#DNA #DNAWithRahulSinha #WestBengal #TMC #BJP #AssemblyElection@RahulSinhaTV pic.twitter.com/pJT2KJT6D4
— Zee News (@ZeeNews) April 25, 2026
टीएमसी के प्रत्याशी कह रहे हैं कि हम हार रहे हैं. बकायदा लिस्ट गिना रहे हैं कि कौन-कौन हार रहा है. ये टीएमसी के डगमगाते भरोसे का साक्ष्य हो सकता है. वहीं विरोधाभास को भी समझिए. बीजेपी नेता अब जीत की बात नहीं बल्कि सरकार बनाने की बात कह रहे हैं. सरकार बनाने के बाद एक्शन प्लान की चर्चा कर रहे हैं.
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Zee News Hindi पर. Hindi News और India News in Hindi के लिए जुड़े रहें हमारे साथ.
श्वेतांक रत्नाम्बर पत्रकारिता जगत में 22 साल का अनुभव रखते हैं. देश-दुनिया की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत रखने वाले श्वेतांक को राजनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ है. ZEE न्यूज…और पढ़ें
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News