Aaj ka Rashifal 27 April 2026:शुक्र के नक्षत्र में चंद्रमा केतु के साथ, धनु भाग्य पर भरोसा ना करे, वृश्चिक कोर्ट से बचें – Hindustan Hindi News

सूर्य आज मेष राशि में, उच्च के हैं। शुक्र वृषभ राशि में, स्वग्रही हैं। गुरु मिथुन राशि में, चंद्रमा और केतु सिंह राशि में, राहु कुंभ राशि में हैं। बुध, मंगल और शनि मीन राशि में, जहां बुध नीच के हैं। चंद्रमा यहां उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र के हैं। यह नक्षत्र शुक्र का होगा, तो शुक्र के नक्षत्र में चंद्रमा होते हुए केतु के साथ हैं। यहां पर यह मानसिक परेशानी को दर्शाएगा, उद्विग्नता या दुस्साहस कर बैठे आदमी प्रेम में या किसी भी तरह से कोई दुस्साहस करके किसी का मान-मर्दन कर दे, किसी को आघात पहुंचा दे और किसी के प्रतिष्ठा को विपरीत-लिंगी संबंधों में इस तरीके की चीजें करने से बचना होगा, यह उकसाएगा, यह जो संयोग बना हुआ है।
राशिफल
मानसिक चंचलता पर काबू रखना पड़ेगा। बच्चों की सेहत पर ध्यान दें। प्रेम में थोड़ा सा तू-तू मैं-मैं का संकेत है। मानसिक चंचलता बढ़ कर किसी को आघात न पहुंचाए,इस बात का ध्यान रखिएगा। स्वास्थ्य मध्यम,व्यापार लगभग ठीक है। लाल वस्तु पास रखें।
घरेलू सुख बाधित होगा। भूमि,भवन,वाहन की खरीदारी विवादित हो सकती है। घर में कुछ थोड़ा सा वाद-विवाद या नेगेटिव ऊर्जा रहेगी जिससे अफरा-तफरी,घबराहट रहेगी। स्वास्थ्य ठीक है,प्रेम संतान की स्थिति थोड़ी मध्यम, व्यापार अच्छा है। हरी वस्तु पास रखें।
पराक्रमी होना अच्छा है लेकिन नेगेटिवली पराक्रमी होना नुकसान पहुंचाएगा। व्यापार को अभी विस्तार न दें, ध्यान रखें। नाक, कान,गला की परेशानी हो सकती है। प्रेम संतान से थोड़ी दूरी रहेगी। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।
इस राशि के जातकों को नेत्र और मुख रोग की समस्या हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य प्रभावित रहेगा। प्रेम और संतान की स्थिति नकारात्मक बनी हुई है। प्रेम संबंधों में दूरी और नीरसता का अनुभव हो सकता है। संतान की सेहत को लेकर मन चिंतित रहेगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह मध्यम समय है। उपाय के तौर पर लाल वस्तु पास रखना आपके लिए शुभ होगा।
आपको घबराहट और बेचैनी महसूस हो सकती है और आप थोड़ा अवसाद (डिप्रेशन) जैसा अनुभव करेंगे। अपनी चंचलता पर नियंत्रण रखना आवश्यक है, अन्यथा सामाजिक या व्यक्तिगत स्तर पर नुकसान हो सकता है। प्रेम और संतान की स्थिति ठीक-ठाक रहेगी, लेकिन बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। व्यापार लगभग सामान्य रहेगा। पीली वस्तु पास रखना शुभ फलदायी होगा।
घबराहट, बेचैनी, सिरदर्द और नेत्र पीड़ा जैसी समस्याओं के साथ-साथ खर्चों की अधिकता बनी रहेगी। मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और अकारण चिंताएं बढ़ सकती हैं। द्वादश भाव में चंद्रमा और केतु का संयोग आपके लिए अनुकूल नहीं है। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम रहेगी जबकि व्यापार सही चलेगा। उच्चाधिकारियों और पिता के साथ संबंधों में सावधानी बरतें। सूर्य को जल देना लाभकारी होगा।
आय में वृद्धि और यात्रा के योग बनेंगे। हालाँकि स्थितियाँ थोड़ी कठिन हो सकती हैं, लेकिन कार्य निश्चित रूप से संपन्न होंगे। सरकारी तंत्र से लाभ मिलने की संभावना है और जीवनसाथी की उन्नति होगी, फिर भी स्वभाव में कुछ नीरसता रह सकती है। प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम है, लेकिन व्यापार और नौकरी की स्थिति काफी अच्छी रहेगी। तांबे की वस्तु का दान करना शुभ रहेगा।
फिलहाल कोर्ट-कचहरी के मामलों से बचना ही बेहतर है। इसमें कोई बड़ी हार तो नहीं होगी, लेकिन स्पष्ट जीत की संभावना भी कम है। व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। स्वास्थ्य, प्रेम और संतान की स्थिति मध्यम रहेगी। इस समय को थोड़ा अशांत (डिस्टर्बिंग) माना जा सकता है। शुभ फलों के लिए सूर्य को जल देना उत्तम रहेगा।
भाग्य पर भरोसा करके इन दिनों कोई काम नहीं कर सकते हैं। नुकसान तो नहीं होगा लेकिन स्पष्ट लाभ भी नहीं होगा। मान-सम्मान पे ठेस पहुंच सकती है। स्वास्थ्य अच्छा है,प्रेम-संतान की स्थिति थोड़ा मध्यम है। व्यापार मध्यम गति से आगे बढ़ेगा। सूर्य को जल देना शुभ होगा।
चोट-चपेट लग सकता है, किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। परिस्थितियां प्रतिकूल हैं,बच के पार करें। प्रेम-संतान और व्यापार स्पष्ट रूप से बहुत अच्छा रहेगा। काली जी को प्रणाम करना शुभ होगा।
स्वयं के स्वास्थ्य पर जीवनसाथी के साथ और स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए। प्रेम-संतान पहले से बेहतर,व्यापार लगभग ठीक है। नौकरी-चाकरी में कोई रिस्क मत लीजिएगा। तांबे की वस्तु दान करना शुभ होगा।
स्वास्थ्य प्रभावित रहेगा। प्रेम-संतान भी मध्यम रहेगा। व्यापार शनैः-शनैः (धीरे-धीरे) आगे बढ़ेगा। शत्रु नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे लेकिन पहुंचा नहीं पाएंगे,लेकिन डिस्टर्ब जरूर करेंगे। सूर्य को जल देना शुभ होगा।
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पंडित नरेंद्र उपाध्याय जी भारत के प्रतिष्ठित वैदिक ज्योतिषी, जेमोलॉजिस्ट एवं आध्यात्मिक परामर्शदाता हैं। फलित ज्योतिष में 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ वे अब तक 10 लाख से अधिक लोगों को परामर्श प्रदान कर चुके हैं। उनकी पहचान सटीक भविष्यवाणी, व्यावहारिक उपाय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से की जाने वाली ज्योतिषीय व्याख्या के लिए है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय जी ने वैदिक ज्योतिष को केवल भविष्य कथन की विद्या न मानकर, उसे जीवन मार्गदर्शन की एक वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक विद्या के रूप में स्थापित किया है। वे ग्रह स्थितियों, ऊर्जा संतुलन और कर्म सिद्धांत के आधार पर लोगों को जीवन की जटिल परिस्थितियों में स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं। वे ग्रह गोचर, हिंदू पंचांग, त्योहारों एवं विशेष ज्योतिषीय अवसरों पर नियमित रूप से अपने विचार साझा करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे लंबे समय से लाइव हिन्दुस्तान एवं दैनिक जागरण को दैनिक राशिफल उपलब्ध कराते आ रहे हैं।

अनुभव एवं कार्यक्षेत्र

  • 25+ वर्षों का अनुभव – फलित ज्योतिष एवं परामर्श
  • अब तक 10,00,000+ (10 लाख से अधिक) परामर्श
  • विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में वैदिक ज्योतिष का प्रशिक्षण

पुरस्कार

Legend and Divine Science Award
Purvanchal Ratna Award
Jashn-e-Parivaar Achiever Award
Ratna Samman
Paramshree Award
Gems of Purvanchal Award
Achiever Award
Hindustan Shaurya Samman 2024
Akhil Bharatiya Brahman Mahasabha Samman (2009)
Purvanchal Icon Award 2024 – NB Bharat News

विशेषज्ञता

  1. वैदिक एवं फलित ज्योतिष
  2. रत्न विज्ञान (Gemology)
  3. वास्तुशास्त्र (Vastu Expert)
  4. ऊर्जा उपचार (Energy Healing)
  5. ज्योतिषीय परामर्श (Astro Counseling)
  6. ग्रह दोष विश्लेषण एवं निवारण उपाय

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