Feedback
अपने रिपोर्टिंग करियर में शायद यह पहली ऐसी राजनीतिक रैली या सभा होगी, जिसमें इतनी महिलाओं ने एक साथ शिरकत करते हुए मैंने देखी हैं या यूं कहें सिर्फ महिलाओं की कोई विशाल इतनी सभा देखी हो. वाराणसी का बरेका BLW इंटरमीडिएट कॉलेज ग्राउंड महिलाओं से खचाखच भरा हुआ था. BLW के अंदर की जाने वाली सभी सड़क बैटरी रिक्शा से जाम के हालत बना रहे थे और इन सभी बैटरी रिक्शा में, जिन्हें वाराणसी में टोटो कहा जाता है सिर्फ महिलाएं ही महिलाएं दिखाई दे रही थी. पूरी सड़क सिर्फ महिलाओं और लड़कियों से भरी थी, प्रधानमंत्री जब सभा के लिए आए तो भीड़ इतनी कि इंटरमीडिएट मैदान के बाहर तिल रखने की जगह भी नहीं थी. बड़ी तादात में महिलाएं दिखाई भी क्यों ना दें ,यह सभा ही प्रधानमंत्री मोदी ने खासकर सिर्फ महिलाओं के लिए ही बुलाई थी. जिसे उन्होंने नारी वंदन अधिनियम अभिवादन रैली उन्होंने नाम दिया था. संसद में इस महिला वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण के बल के गिर जाने के बाद उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र की महिलाओं को बुलाकर ये आश्वस्त किया कि बेशक संसद में बिल गिर गया हो, लेकिन वह हर हाल में इसे पास करा कर और महिला आरक्षण लागू करके ही दम लेंगे.
BLW के इंटरमीडिएट ग्राउंड में पीएम के इस कार्यक्रम के लिए विशाल जर्मन हैंगर लगाए गए थे. करीने से कुर्सियां लगाई गई, जिस पर प्रधानमंत्री के आने के पहले ही पूरा हैंगर महिलाओं से भर चुका था. इस हैंगर के बीच से ऐसे रास्ते बनाए गए थे कि प्रधानमंत्री की बैटरी कार महिलाओं के हर ब्लॉक तक पहुंचे, ताकि वो सभी के नजदीक पहुंच सकें.
प्रधानमंत्री की इस रैली के लिए पार्टी और सरकार दोनों ने अपनी ताकत झोंक दी थी, इसलिए वाराणसी का शायद ही कोई कोना ऐसा बचा हो, जहां से महिलाएं और लड़कियां पीएम की इस खास रैली के लिए ना आई हो. लगभग 43 डिग्री गर्मी का पारा था, प्रचंड गर्मी के बीच जब पीएम ग्राउंड में पहुंचे, यूं तो जर्मन हैंगर के भीतर सैकड़ो की तादाद में जंबो कूलर वाटर और वाटर स्प्रिंकलर थे जो सभा स्थल पर राहत दे रहे थे, लेकिन जर्मन हैंगर के बाहर हजारों की महिलाओं की भीड़ भयावह गर्मी से जूझ रही थी.
ये रैली सफल हो इसके लिए पार्टी ने अपने सभी संगठनो को महिलाओं के इस कार्यक्रम के लिए झोंक दिया था, जितनी भी स्वयंसेवी संस्थाएं, महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप, लखपति दीदी, बीमा साथी, गांव गांव में पंचायत से जुड़ी महिलाएं और सभी वार्ड तक के कार्यकर्ताओं को महिलाओं को इस कार्यक्रम में लाने की जिम्मेदारी दी गई थी. यही नहीं गर्ल्स कॉलेज से भी लड़कियां बुलाई गई थी. बनारस के सभी 100 वार्ड में बैटरी रिक्शा लगाए गए शहर से दूर इलाकों के लिए बसों के इंतजार किए गए, ताकि महिलाओं को आने में कोई दिक्कत ना हो पार्टी ने हर सेक्टर का प्रभारी बना रखा था और पार्टी और सरकार से जुड़ी तमाम महिलाएं को भी खास तौर पर बुलाया गया.
प्रधानमंत्री ठीक 4:45 पर बैटरी कार में सवार होकर इंटरमीडिएट ग्राउंड के उस जर्मन हैंगर में पहुंचते हैं जो सिर्फ महिलाओं से भरा था. प्रधानमंत्री के साथ, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उस बैटरी कार्ट पर मौजूद थे, लेकिन महिलाओं के बीच प्रधानमंत्री की मौजूदगी का ये दृश्य यह एहसास कर रहा था कि पीएम ने उन्हें किसी खास प्रयोजन के तहत चुनाव क्षेत्र में बुलाया है. महिलाओं के बीच से बैटरी कार्ट से गुजरते हुए प्रधानमंत्री मोदी को महिलाओं का जबरदस्त समर्थन दिख रहा था, क्योंकि बेशक उन्हें बुलाया गया हो, लेकिन जिस तरीके महिलाएं वहां जोश में थी या पीएम के साथ कनेक्ट कर रही थी वह जबरदस्त था.
यूं तो इस कार्यक्रम में वाराणसी के लिए हजारों करोड़ के सौगात थे, लेकिन नजरे प्रधानमंत्री की स्पीच पर थी. पीएम इन महिलाओं को इतनी तादाद में बुलाकर वह ऐलान क्या करने वाले हैं!
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को पहली बार शायद इतना छोटा रखा है, बेहद नपे-तुले शब्दों में पीएम ने महिलाओं को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी, टीएमसी, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने बेशक महिला आरक्षण का ये बिल रोक दिया हो, लेकिन अब यह उनके जीवन का मिशन है कि वह महिलाओं को आरक्षण दिलाकर ही दम लेंगे.
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में महिलाओं को यह बताया महिलाओं के आरक्षण रोकने वाले कौन हैं और निशाने पर सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी, टीएमसी और कांग्रेस की थी.
सबसे खास बात ये कि की महिलाओं की इस रैली में पुरुष बेहद कम थे जो थे वह पार्टी के वह कार्यकर्ता थे, जिन्हें इस रैली की जिम्मेदारी सौंप गई थी. महिलाएं अपने पति के साथ नहीं आई थी, लड़कियां अपने भाई या पिता के साथ नहीं आई थी, बल्कि सिर्फ महिलाओं की रैली थी. इसलिए वो भी किसी के साथ आई थी तो किसी महिला या लड़की के ही साथ.
जो भी महिला वंदन अधिनियम को खारिज़ कर रहे थे, उनके लिए पीएम की इस रैली में आई महिलाओं को सुनना चाहिए, मैने जितनी महिलाओ से बात की सभी महिला आरक्षण को लेकर न सिर्फ जागरूक थी, बल्कि इस बात को लेकर आश्वस्त भी थी पीएम मोदी ही उन्हें एक तिहाई आरक्षण दिलाएंगे.
बहरहाल प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की इस रैली से महिलाओं तक आरक्षण पर अपनी बात पहुंचाने में सफल रहे, लेकिन उन्होंने जो टाइमिंग चुनी वो सबसे अहम है. बंगाल चुनाव के एक दिन पहले महिलाओं की इतनी बड़ी रैली से बंगाल चुनाव के दूसरे फेज की वोटिंग तक अपना संदेश देना और अगले दिन जब बंगाल वोटिंग कर रहा होगा तो बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रोड शो. पीएम मोदी के एक तीर से कई निशाने हैं.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू