गयाजी में अंतर्रजातीय शादी पर दो परिवार के बीच बवाब हो गया। कलऊआ कला गांव के युवक उपेंद्र कुमार और भीचक की युवती अंशु चौधरी के बीच अफेयर था। लड़का कुशवाहा समुदाय से है और लड़की चौधरी समाज से है।
परिवारों की बंदिशें बढ़ीं तो दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज की, फिर झारखंड के एक मंदिर में शादी रचा ली, लेकिन जैसे ही इसकी भनक युवती के परिजन को लगी तो बाराचट्टी का माहौल गरमा गया। आरोप है कि युवती के परिजन मंगलवार को सीधे युवक के घर पहुंचे और हंगामा किया। लड़की पक्ष ने उपेंद्र कुशवाहा की पिटाई कर दी। नवविवाहिता को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश भी की गई।
गांव में तनाव बढ़ा तो उपेंद्र ने बाराचट्टी थाने पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। थाना परिसर में घंटों पंचायत चली। युवती ने अपने माता-पिता के सामने साफ शब्दों में कहा कि वह बालिग है, अपनी मर्जी से शादी की है और अब पति के साथ ही जाएगी। मामला बाराचट्टी थाना क्षेत्र का है।
परिवार के बीच तनाव है
बाराचट्टी पुलिस ने दोनों का बयान दर्ज कर साथ रहने की अनुमति दे दी है। लड़का-लड़की दोनों फिलहाल किसी दूसरी जगह एक साथ रह रहे हैं। लेकिन परिवार के बीच तनाव बना है। इलाके में इसे प्रेम विवाह को जातीय दीवारों के टकराव के रूप में देखा जा रहा है।
थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने स्पष्ट किया कि युवक-युवती दोनों बालिग हैं। युवती ने कोर्ट मैरिज और अपनी सहमति की बात स्वीकार की। कानूनन दोनों को साथ रहने का अधिकार है। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों से सहमति पत्र भी तैयार कराया।
दो साल पहले प्रपोज किया था
उपेंद्र कुशवाहा से जब फोन पर बातचीत हुई तो उसने बताया कि अंशु से अफेयर 5 साल पुराना है। पहले केवल देखा-देखी और मिलना-जुलना था। करीब 2 साल पहले हमने उसे प्रपोज किया था। जब प्रपोज किया था तब अंशु ने कहा था कि देखते हैं- सोचेंगे।
अंशु ने सोचने में करीब 2 साल लगा दिए। इसके बाद मेरा प्रपोजल स्वीकार किया फिर हम लोगों ने अपनी मर्जी से शादी की। उपेंद्र ने बताया कि उसके पिता किसान हैं। उसके पास खुद की दो स्कॉर्पियो है जिसे वह भाड़े पर चलाता है।
इसके अलावा शादी विवाह में टैक्सी का कांट्रेक्ट भी लेता है। उन्होंने बताया कि अंशु संजय यादव कॉलेज में पढ़ती थी और वह महावीर कॉलेज गया पढ़ता था। गांव के आसपास के अलावा परीक्षा के दौरान दोनों की मुलाकात होती रहती थी।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.