Feedback
यूपीएससी की तैयार कर रहे छात्रों के बीच मशहूर पूर्व सिविल सर्विस अधिकारी डॉक्टर तनु जैन वृंदावन में प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लेने पहुंची. छात्रों के बीच वह तनु मैम के नाम से भी बहुत फेमस हैं. अन्य भक्तों की तरह तनु जैन भी एक सवाल लेकर प्रेमानंद महाराज के दरबार आई थीं. उनका सवाल था कि भक्ति मन से करना जरूरी है. लेकिन कई बार मन और बुद्धि में द्वंद्व सा हो जाता है. आखिर इससे कैसे निपटा जाए.
इस बारे में प्रेमानंद महाराज ने कहा, ‘नामजप करिए! नामजप से बुद्धि प्रवीण हो जाती है. इससे मन निर्मल होगा और द्वंद्व खत्म होंगे. भजन के बिना ये द्वंद्व नष्ट नहीं होगा.’ इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने एक श्लोक पढ़ते हुए कहा कि मन और बुद्धि को तब तक विश्राम नहीं मिलेगा, जब तक भजन नहीं करोगे. इसलिए खूब भजन करो. काउंटर या माला की मदद से नामजप करो. राम, कृष्ण, हरि, राधा किसी का नाम भी जप लो. नामजप से ही व्यक्ति का मंगल होगा और तन-मन, बुद्धि पवित्र हो जाएगी.
इसके बाद सवाल आया कि नामजप में रूचि कैसे होगी? इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा, ‘नियमपूर्वक लंबे काल तक नामजप किया जाए तो अपने आप रूचि हो जाती है. जब भजन करते हुए हमारी पाप प्रवृत्ति का नाश होगा तो रूचि बढ़ने लगेगी. आपकी दिलचस्पी बिल्कुल ऐसे बढ़ जाएगी जैसे गरीब या लालची व्यक्ति की धन में होती है. ऐसे व्यक्ति को अगर नामजप छोड़ने के लिए त्रिभुवन की राजलक्ष्मी भी दे दी जाए, तो वह इस सौदे को स्वीकार नहीं करेंगे.’
कौन हैं डॉक्टर तनु जैन?
दिल्ली की तनु जैन ने साल 2015 में यूपीएससी की सिविल परीक्षा पास की थी. वह आर्म्ड फोर्सेस हेडक्वार्टर सिविल सर्विसेज (AFHQ Civil Service) में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत थीं. उन्होंने 7 साल बाद सिविल सर्विस की नौकरी छोड़ दी और आज तथास्तु नाम से अपना IAS कोचिंग इंस्टिट्यूट चला रही हैं. बता दें कि तनु जैन ने दिल्ली के कैम्ब्रिज स्कूल से पढ़ाई के बाद मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज से बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी में डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने एलएलबी की डिग्री भी हासिल की.
तनु जैन ने यूपीएससी की तैयारी को लेकर तीन किताबें भी लिखी हैं. सोशल मीडिया पर उनकी बातों और विचारों से प्रेरणा लेकर कई छात्र यूपीएससी की तैयारी में जुटे हैं. एक इंटरव्यू में तनु जैन ने बताया था कि वो बचपन में बहुत पढ़ाकू नहीं थीं. खेद-कूद में उनका मन ज्यादा लगता था. हालांकि पढ़ाई में वह बहुत बुरी भी नहीं थीं. बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) के दौरान उन्हें सिविल सर्विस के एग्जाम के बारे में पता चला. और उनकी यूपीएससी की जर्नी यहीं से शुरू हुई.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू