Brass City in India: क्या आप जानते हैं कि भारत के किस जिले को ‘पीतल नगरी’ कहा जाता है? यहां घरेलू बर्तन (थाली, लोटा, पतीला), सजावटी सामान (मूर्तियां, दीये, फूलदान), वाद्ययंत्र (तुरही, हॉर्न), दरवाजों के हैंडल, ताले, गियर और बिजली के प्लग-सॉकेट बनाए जाते हैं, जिनका अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में निर्यात किया जाता है.
इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग क्षेत्रों में भी पीतल का विशेष महत्व है. इसकी उच्च चालकता और संक्षारण प्रतिरोध के कारण इसका उपयोग प्लग, सॉकेट, स्विच, पाइप और वाल्व बनाने में किया जाता है. इसके अलावा, ट्रम्पेट, ट्रॉम्बोन और सैक्सोफोन जैसे वाद्ययंत्र भी पीतल से बनाए जाते हैं, क्योंकि इसकी ध्वनिक गुणवत्ता बेहतरीन होती है.
पीतल एक मिश्रधातु है, जो मुख्य रूप से तांबा (Copper) और जस्ता (Zinc) से मिलकर बनती है. इसमें आमतौर पर 60-70% तांबा और 30-40% जस्ता होता है, जिससे यह मजबूत, टिकाऊ और जंग-रोधी बनती है. इसका सुनहरा रंग इसे आकर्षक बनाता है, जिसके कारण यह सजावटी वस्तुओं और घरेलू उपयोग के सामान में बेहद लोकप्रिय है.
पीतल का उपयोग रसोई के बर्तनों जैसे थाली, लोटा, कड़ाही और परात बनाने में व्यापक रूप से होता है. यह ऊष्मा का अच्छा सुचालक होता है, जिससे खाना समान रूप से पकता है और पोषक तत्व भी सुरक्षित रहते हैं. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पीतल के बर्तनों में बना भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है.
पीतल अपनी कम घर्षण (low friction) और मजबूती के कारण मशीनरी के पुर्जों जैसे गियर, बेयरिंग, ताले और कीलों के निर्माण में उपयोगी होता है. इसके अलावा, दरवाजों के हैंडल, नॉब्स और लॉक सिस्टम में भी इसका प्रयोग होता है, जिससे उत्पाद लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं और जंग से सुरक्षित रहते हैं.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले को ‘पीतल नगरी’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यहां सदियों से पीतल उद्योग फल-फूल रहा है. यह शहर घरेलू बर्तन, सजावटी वस्तुएं, वाद्ययंत्र और औद्योगिक पुर्जों के निर्माण का बड़ा केंद्र है. यहां बने उत्पाद अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में बड़े पैमाने पर निर्यात किए जाते हैं, जिससे यह वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है.
लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है. एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.
Thank you
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts.