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अमेरिका-ईरान तनाव के कारण दो महीने से अधिक समय से फारस की खाड़ी में फंसे 40 से अधिक भारतीय जहाजों और चालक दल को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। …और पढ़ें
होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को राहत मिलने की उम्मीद
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही कोई डील होने की संभावना है।
इस बीच अधिकारियों ने बताया है कि इस युद्ध का समाधान जल्द निकलने के साथ ही 40 से ज्यादा जहाज और बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्यों को राहत मिल सकती है, जो कि दो महीने से अधिक समय से फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
होर्मुज के रास्ते ये जहाज LPG, LNG, कच्चा तेल, फर्टिलाइजर और भी कई तरह का माल लेकर भारत आ रहे हैं। भारत सरकार का कहना है कि 13 भारतीय झंडे वाले जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में हैं।
भारत सरकार ने 41 जहाजों की एक लिस्ट बनाई है, जिसमें से 18 जहाजों पर सामान लदा हुआ है, 16 जहाजों पर एनर्जी प्रोडक्ट्स के साथ फर्टिलाइजर हैं और बाकी सात जहाजों पर दूसरी चीजें हैं।
सरकार का कहना है कि एनर्जी सिक्योरिटी और फर्टिलाइजर की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन जहाजों को निकालने की बहुत जरूरत है।
अधिकारियों ने बताया कि शिपिंग कंपनियों को अपने जहाज वापस फारसी खाड़ी भेजने के लिए राजी करने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे 22 से ज्यादा एनर्जी जहाजों की एक लिस्ट बनाकर संबंधित एजेंसियों के साथ शेयर की गई है, लेकिन जब तक यह जलडमरूमध्य कमर्शियल आवाजाही के लिए खुल नहीं जाता, तब तक कोई भी जहाज आगे नहीं बढ़ सकता।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 30 अप्रैल को केंद्रीय शिपिंग मंत्रालय ने भारत आने वाले प्राथमिकता वाले जहाजों की एक लिस्ट विदेश मंत्रालय के साथ शेयर की है, जिसमें उन्हें ओमान के समुद्री क्षेत्र से होते हुए निकालने का सुझाव दिया गया है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘सिर्फ हम ही नहीं, बल्कि इस नाकेबंदी से प्रभावित हर देश इस समस्या के जल्द से जल्द हल होने का इंतजार कर रहा है और उसे इसकी उम्मीद भी है।’
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