चश्मा बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट के 6 महीने के लॉक-इन के खत्म होने और मौजूदा निवेशकों द्वारा बड़े ब्लॉक डील की खबरों के बीच आज शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 8 मई की सुबह लेंसकार्ट के शेयर लगभग 2% गिर गए। हालांकि, 9:25 बजे तक गिरने के बाद शेयर उठे और 10 बजे के आसपास एक प्रतिशत से अधिक चढ़कर 493.10 रुपये पर पहुंच गए। आज लेंसकार्ट के शेयर 487 रुपये पर खुले और 473.40 रुपये के दिन के निचले स्तर तक आ गए। बाद में शेयर ने दिन के हाई लेवल 498.70 रुपये को भी टच किया।
नुवामा रिसर्च के अनुसार, Lenskart का छह महीने का लॉक-इन आज खत्म हो रहा है। कंपनी के कुल 104.74 करोड़ शेयर ट्रेड के लिए एलिजिबल हो गए हैं, जो कुल इक्विटी का 60% है। गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस (₹492.4) के हिसाब से इन शेयरों की कुल कीमत ₹51,573 करोड़ है।
सीएनबीसी टीवी-18 के सूत्रों के अनुसार, कुछ निवेशक ब्लॉक डील के जरिए करीब 7 करोड़ शेयर बेचेंगे, जिसका मूल्य लगभग ₹2,900 करोड़ है। डील में अप्साइज विकल्प भी है, यानी अधिक डिमांड पर बिक्री बढ़ाई जा सकती है।
ब्लॉक डील के लिए कीमत ₹470 प्रति शेयर तय हुई है, जो गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹492.4 से 3.6% कम है। बता दें Lenskart के शेयर गुरुवार को 2.2% गिरकर ₹492.4 पर बंद हुए। इस साल अबतक लेंसकार्ट के शेयर करीब 13 प्रतिशत चढ़ चुके हैं। जबकि, पिछले छह महीने में इसने 22 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। हालांकि, पिछले एक महीने में यह करीब ढाई प्रतिशत टूटा है।
लेंसकार्ट का बिजनेस काफी मजबूत माना जा रहा है। कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते आईवियर मार्केट में बड़ा ब्रांड बन चुकी है। कंपनी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मॉडल पर तेजी से विस्तार कर रही है। रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी है, कंपनी अब धीरे-धीरे प्रॉफिट में भी आ रही है और कंपनी पर कर्ज भी ज्यादा नहीं है।
हालांकि सबसे बड़ी चिंता इसका बहुत महंगा वैल्युएशन है। कंपनी का P/E काफी ऊंचा है, यानी निवेशक भविष्य की बड़ी ग्रोथ को पहले से ही कीमत में जोड़ चुके हैं। ROE भी अभी बहुत मजबूत नहीं दिखता। इसलिए जिन लोगों के पास पहले से शेयर है वे लंबे समय के नजरिए से Hold कर सकते हैं, लेकिन नए निवेशकों के लिए एकमुश्त खरीदारी की बजाय गिरावट या करेक्शन का इंतजार करना ज्यादा सुरक्षित रणनीति मानी जा सकती है।
दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में ‘लाइव हिन्दुस्तान’ की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए ‘कुछ अलग’ और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें
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